- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- विंध्य/रीवा
- सीधी के सरकारी स्कूल में दो छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
सीधी के सरकारी स्कूल में दो छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
रीवा,(म.प्र.)
प्रार्थना सभा के कुछ देर बाद पेट दर्द की शिकायत, शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को दी सूचना; इलाज के बाद दोनों की हालत में सुधार
जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुचवाही में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों छात्राओं ने कक्षा में बैठने के कुछ ही देर बाद पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उनकी हालत बिगड़ती देख स्कूल प्रशासन और शिक्षक तुरंत हरकत में आए। आनन-फानन में छात्राओं के परिजनों को सूचना दी गई और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। समय पर उपचार मिलने से दोनों छात्राओं की हालत में सुधार बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुचवाही में रोज की तरह सुबह विद्यालय का नियमित संचालन शुरू हुआ। सभी छात्र-छात्राएं प्रार्थना सभा में शामिल हुए और प्रार्थना समाप्त होने के बाद अपनी-अपनी कक्षाओं में चले गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद दो छात्राओं की तबीयत अचानक खराब होने लगी। बताया गया कि कक्षा 11वीं की छात्रा रेशमी यादव और कक्षा 12वीं की छात्रा नम्रता साकेत ने पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। शुरुआत में शिक्षकों ने इसे सामान्य परेशानी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों छात्राओं की स्थिति बिगड़ने लगी। दर्द बढ़ने के कारण वे असहज हो गईं, जिसके बाद स्कूल स्टाफ ने बिना देर किए तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत दोनों छात्राओं के परिजनों को फोन कर सूचना दी। साथ ही एहतियात के तौर पर उन्हें जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। शिक्षकों की मौजूदगी में दोनों छात्राओं को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों छात्राओं का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक जांच के बाद उपचार शुरू किया, जिससे उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और फिलहाल दोनों छात्राएं खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही छात्राओं के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने स्कूल प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर शिक्षकों ने सूचना नहीं दी होती और इलाज में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उन्होंने विद्यालय प्रशासन और अस्पताल के चिकित्सकों का आभार भी व्यक्त किया।

स्कूल में अचानक दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही अन्य छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल बन गया। हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह किसी सामूहिक स्वास्थ्य समस्या का मामला नहीं है। अन्य सभी छात्र-छात्राएं पूरी तरह स्वस्थ हैं और विद्यालय की गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि छात्राओं ने सुबह नियमित रूप से प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया था और उसके बाद कक्षा में पहुंचीं। कुछ समय बाद उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद बिना किसी लापरवाही के उन्हें अस्पताल भेजने का निर्णय लिया गया। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है। चिकित्सकों ने भी छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि किसी बच्चे को अचानक पेट दर्द, चक्कर, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
सीधी के सरकारी स्कूल में दो छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत, जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
रीवा,(म.प्र.)
जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुचवाही में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों छात्राओं ने कक्षा में बैठने के कुछ ही देर बाद पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उनकी हालत बिगड़ती देख स्कूल प्रशासन और शिक्षक तुरंत हरकत में आए। आनन-फानन में छात्राओं के परिजनों को सूचना दी गई और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया गया। समय पर उपचार मिलने से दोनों छात्राओं की हालत में सुधार बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुचवाही में रोज की तरह सुबह विद्यालय का नियमित संचालन शुरू हुआ। सभी छात्र-छात्राएं प्रार्थना सभा में शामिल हुए और प्रार्थना समाप्त होने के बाद अपनी-अपनी कक्षाओं में चले गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद दो छात्राओं की तबीयत अचानक खराब होने लगी। बताया गया कि कक्षा 11वीं की छात्रा रेशमी यादव और कक्षा 12वीं की छात्रा नम्रता साकेत ने पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। शुरुआत में शिक्षकों ने इसे सामान्य परेशानी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों छात्राओं की स्थिति बिगड़ने लगी। दर्द बढ़ने के कारण वे असहज हो गईं, जिसके बाद स्कूल स्टाफ ने बिना देर किए तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई।

विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत दोनों छात्राओं के परिजनों को फोन कर सूचना दी। साथ ही एहतियात के तौर पर उन्हें जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई। शिक्षकों की मौजूदगी में दोनों छात्राओं को सुरक्षित जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों छात्राओं का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने आवश्यक जांच के बाद उपचार शुरू किया, जिससे उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और फिलहाल दोनों छात्राएं खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही छात्राओं के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने स्कूल प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर शिक्षकों ने सूचना नहीं दी होती और इलाज में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उन्होंने विद्यालय प्रशासन और अस्पताल के चिकित्सकों का आभार भी व्यक्त किया।

स्कूल में अचानक दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की खबर फैलते ही अन्य छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल बन गया। हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह किसी सामूहिक स्वास्थ्य समस्या का मामला नहीं है। अन्य सभी छात्र-छात्राएं पूरी तरह स्वस्थ हैं और विद्यालय की गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि छात्राओं ने सुबह नियमित रूप से प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया था और उसके बाद कक्षा में पहुंचीं। कुछ समय बाद उन्होंने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद बिना किसी लापरवाही के उन्हें अस्पताल भेजने का निर्णय लिया गया। शिक्षकों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है। चिकित्सकों ने भी छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि किसी बच्चे को अचानक पेट दर्द, चक्कर, कमजोरी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर चिकित्सकीय जांच और उपचार से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
