हवा की दिशा बदलने से रात का तापमान बढ़ा है। गुरुवार-शुक्रवार की रात में ज्यादातर शहरों में पारा 20 डिग्री से अधिक रहा। उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, खजुराहो में दिन का तापमान 33–34 डिग्री के बीच रहा।
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी जिलों में बूंदाबांदी के आसार हैं। रविवार और सोमवार मौसम साफ रहेगा। फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।
सर्दियों की तैयारी
मौसम विभाग ने बताया कि नवंबर से जनवरी तक कड़ाके की ठंड रहेगी और इस बार फरवरी तक ठंड का असर हो सकता है। सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक बारिश की संभावना भी है, खासकर उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण।
मानसून का समापन
इस साल मानसून पूरे प्रदेश से विदा हो गया। मानसून 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा। 16 जून को मानसून आया था और 13 अक्टूबर को चला गया। अच्छी बारिश ने पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी प्रदान किया। प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से अधिक रही।
अक्टूबर में पांच प्रमुख शहरों का मौसम
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भोपाल: औसत अधिकतम 32.7°C, न्यूनतम 19.1°C। रिकॉर्ड अधिकतम 38°C (2012), न्यूनतम 11.7°C (2012)।
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इंदौर: दिन का तापमान 36°C तक, रात का न्यूनतम 6.2°C (1999)।
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ग्वालियर: अधिकतम 39°C, न्यूनतम 8.9°C (1952)।
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जबलपुर: औसत अधिकतम 31.8°C, न्यूनतम 20.3°C। रिकॉर्ड अधिकतम 37.9°C (1966), न्यूनतम 10.5°C (1952)।
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उज्जैन: पिछले 10 वर्षों में 3 साल बारिश नहीं हुई। रिकॉर्ड अधिकतम 39°C (2002), न्यूनतम 8.1°C (1983)।
इस प्रकार, मध्यप्रदेश में दिवाली तक मौसम सामान्य रूप से शुष्क और हल्की धूप के साथ रहेगा, जबकि इंदौर संभाग में समय-समय पर बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

