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क्यों फीका रहा राजगढ़ उर्स मेला? दशकों से आ रहे व्यापारियों ने बताया घाटे का सौदा
Rajgarh, MP
जिले में प्रत्येक वर्ष 10 मार्च से 25 मार्च तक लगने वाले उर्स मेले का मंगलवार को समापन हो गया. अन्य वर्षों की तुलना इस साल मेले में रौनक कम नजर आई. कई दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी झलक रही थी. क्योंकि बीते सालों के मुकाबले उर्स मेले में कमाई कम हुई है. कई दुकानदारों ने बताया कि बीते कई दशकों में इस तरह की मायूसी दुकानदारों में पहली बार दिख रही है.
मेले में रही खरीदारों की कमी
राजगढ़ उर्स मेले में पिछले कई वर्षों से दुकान लगा रहे मोहम्मद सादिक ने कहा, " मैं बीते 25 सालों से इस मेले में कप-प्लेट की दुकान लगा रहा हूं, इस साल की तरह कभी भी मेले की रंगत फीकी नहीं थी." वहीं एक अन्य व्यापारी रामकुमार ने कहा, " हम लगभग 12 सालों से इस मेले में दुकान लगाते आ रहे हैं. हालांकि, प्रत्येक वर्षों की अपेक्षा इस बार बिजनेस डाउन रहा. इसकी मुख्य वजह खिलचीपुर में भी एक मेला लगा हुआ है."
मेले में दुकानदारों से अवैध वसूली
इस मामले में दरगाह कमेटी के सदर शफीक खान ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा, " प्रशासन के सहयोग से सफलता पुर्वक मेले का आयोजन हुआ. कुछ लोगों द्वारा कमेटी के नाम पर कुछ दुकानदारों से अवैध वसूली और बदसलूकी की खबर मिली है. हालांकि, इस मामले को लेकर कोई भी पीड़ित मेरे पास नहीं आए हैं. अगर इस साल मेले में किसी तरह की कोई कमियां रह गई है तो हम आगामी वर्षों में सुधार करने की कोशिश करेंगे.
गौरतलब है कि राजगढ़ शहर में 10 मार्च से 25 मार्च तक हर साल उर्स लगता है. इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों की तादाद में लोग शामिल होते हैं.
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क्यों फीका रहा राजगढ़ उर्स मेला? दशकों से आ रहे व्यापारियों ने बताया घाटे का सौदा
Rajgarh, MP
जिले में प्रत्येक वर्ष 10 मार्च से 25 मार्च तक लगने वाले उर्स मेले का मंगलवार को समापन हो गया. अन्य वर्षों की तुलना इस साल मेले में रौनक कम नजर आई. कई दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी झलक रही थी. क्योंकि बीते सालों के मुकाबले उर्स मेले में कमाई कम हुई है. कई दुकानदारों ने बताया कि बीते कई दशकों में इस तरह की मायूसी दुकानदारों में पहली बार दिख रही है.
मेले में रही खरीदारों की कमी
राजगढ़ उर्स मेले में पिछले कई वर्षों से दुकान लगा रहे मोहम्मद सादिक ने कहा, " मैं बीते 25 सालों से इस मेले में कप-प्लेट की दुकान लगा रहा हूं, इस साल की तरह कभी भी मेले की रंगत फीकी नहीं थी." वहीं एक अन्य व्यापारी रामकुमार ने कहा, " हम लगभग 12 सालों से इस मेले में दुकान लगाते आ रहे हैं. हालांकि, प्रत्येक वर्षों की अपेक्षा इस बार बिजनेस डाउन रहा. इसकी मुख्य वजह खिलचीपुर में भी एक मेला लगा हुआ है."
मेले में दुकानदारों से अवैध वसूली
इस मामले में दरगाह कमेटी के सदर शफीक खान ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा, " प्रशासन के सहयोग से सफलता पुर्वक मेले का आयोजन हुआ. कुछ लोगों द्वारा कमेटी के नाम पर कुछ दुकानदारों से अवैध वसूली और बदसलूकी की खबर मिली है. हालांकि, इस मामले को लेकर कोई भी पीड़ित मेरे पास नहीं आए हैं. अगर इस साल मेले में किसी तरह की कोई कमियां रह गई है तो हम आगामी वर्षों में सुधार करने की कोशिश करेंगे.
गौरतलब है कि राजगढ़ शहर में 10 मार्च से 25 मार्च तक हर साल उर्स लगता है. इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों की तादाद में लोग शामिल होते हैं.
