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दिल्ली की हवा खतरनाक स्तर पर: दिवाली के बाद 34 इलाके रेड जोन में, AQI 900+
Digital Desk
दिवाली की रात राजधानी दिल्ली में रोशनी और आतिशबाजी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, लेकिन इस बार इसका नतीजा शहरवासियों के लिए घातक साबित हुआ। सोमवार की रात फोड़े गए लाखों पटाखों और बढ़ते वाहन प्रदूषण के कारण मंगलवार सुबह दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गई। राजधानी के 37 वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 34 को ‘रेड जोन’ में शामिल किया गया। कई इलाकों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 900 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।
सबसे प्रदूषित इलाके:
सबसे अधिक प्रदूषण चाणक्य प्लेस में रिकॉर्ड किया गया, जहां AQI 979 तक पहुंच गया। नारायणा गांव में 940, तिगड़ी एक्सटेंशन में 928, नीति बाग में 768, सोअमी नगर नॉर्थ में 741, पॉकेट A सेक्टर 13 में 769, ईस्ट पटेल नगर में 618, रंजीत नगर में 609, पंजाबी बाग में 519 और हारी नगर में 518 दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में हवा बेहद खराब और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी गई।
इसके अलावा वजीरपुर (408), जहांगीरपुरी (401) और बवाना (417) में AQI गंभीर श्रेणी में है। विवेक विहार में 361, सोनिया विहार 356, एनएसआईटी द्वारका 387, पुसा 351, ओखला फेज-2 348, नॉर्थ कैंपस 346 और पटपड़गंज 343 AQI के साथ गंभीर स्थिति में हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव:
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक है। हवा में धूल और धुएं की मात्रा अधिक होने से सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, सिरदर्द, थकान और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
प्रदूषण बढ़ने के कारण:
वायु गुणवत्ता बिगड़ने का मुख्य कारण दिवाली की रात की आतिशबाजी है। इसके अलावा ठहराव वाला मौसम, पराली जलाना और वाहनों से निकलने वाला धुआं शहर की हवा को और अधिक जहरीला बना रहा है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि शहरवासियों ने सतर्कता नहीं बरती, तो अगले कुछ दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
सरकारी और विशेषज्ञों की सलाह:
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहन कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि घर के बाहर बेवजह न जाएं और खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि एयर प्यूरिफायर या एन-95 मास्क का इस्तेमाल किया जाए और सुबह या देर शाम की सैर फिलहाल टालें।
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दिल्ली की हवा खतरनाक स्तर पर: दिवाली के बाद 34 इलाके रेड जोन में, AQI 900+
Digital Desk
दिवाली की रात राजधानी दिल्ली में रोशनी और आतिशबाजी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, लेकिन इस बार इसका नतीजा शहरवासियों के लिए घातक साबित हुआ। सोमवार की रात फोड़े गए लाखों पटाखों और बढ़ते वाहन प्रदूषण के कारण मंगलवार सुबह दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गई। राजधानी के 37 वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 34 को ‘रेड जोन’ में शामिल किया गया। कई इलाकों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 900 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।
सबसे प्रदूषित इलाके:
सबसे अधिक प्रदूषण चाणक्य प्लेस में रिकॉर्ड किया गया, जहां AQI 979 तक पहुंच गया। नारायणा गांव में 940, तिगड़ी एक्सटेंशन में 928, नीति बाग में 768, सोअमी नगर नॉर्थ में 741, पॉकेट A सेक्टर 13 में 769, ईस्ट पटेल नगर में 618, रंजीत नगर में 609, पंजाबी बाग में 519 और हारी नगर में 518 दर्ज किया गया। इन सभी इलाकों में हवा बेहद खराब और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानी गई।
इसके अलावा वजीरपुर (408), जहांगीरपुरी (401) और बवाना (417) में AQI गंभीर श्रेणी में है। विवेक विहार में 361, सोनिया विहार 356, एनएसआईटी द्वारका 387, पुसा 351, ओखला फेज-2 348, नॉर्थ कैंपस 346 और पटपड़गंज 343 AQI के साथ गंभीर स्थिति में हैं।
स्वास्थ्य पर प्रभाव:
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक है। हवा में धूल और धुएं की मात्रा अधिक होने से सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, सिरदर्द, थकान और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
प्रदूषण बढ़ने के कारण:
वायु गुणवत्ता बिगड़ने का मुख्य कारण दिवाली की रात की आतिशबाजी है। इसके अलावा ठहराव वाला मौसम, पराली जलाना और वाहनों से निकलने वाला धुआं शहर की हवा को और अधिक जहरीला बना रहा है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि शहरवासियों ने सतर्कता नहीं बरती, तो अगले कुछ दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
सरकारी और विशेषज्ञों की सलाह:
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहन कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि घर के बाहर बेवजह न जाएं और खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को घर में ही रहने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि एयर प्यूरिफायर या एन-95 मास्क का इस्तेमाल किया जाए और सुबह या देर शाम की सैर फिलहाल टालें।
