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सुप्रीम कोर्ट जजों के प्रतिनिधिमंडल ने किया मणिपुर दौरा, शांति बहाली और राहत कार्यों पर दिया जोर
JAGRAN DESK
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने इम्फाल मणिपुर में द्वि-दशवर्षीय समारोह (12 वर्ष की अवधि) में भाग लिया. राहत शिविर का भी दौरा किया.
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को इम्फाल में द्वि-दशवर्षीय समारोह में भाग लिया. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई ने मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के सचिवालय तथा अन्य न्यायालय भवनों एवं परियोजनाओं का उद्घाटन किया. न्यायाधीशों के प्रतिनिधिमंडल ने उपस्थित अधिकारियों से बातचीत की.
राहत शिविर का दौरा कियाः सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को जस्टिस बीआर गवई के नेतृत्व में मणिपुर दौरे पर इंफाल पहुंचा. प्रतिनिधि मंडल में जस्टिस सूर्यकांत, विक्रम नाथ, एमएम सुंदरेश, केवी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट के जजों के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के चुराचांदपुर में एक राहत शिविर का भी दौरा किया.
विधिक सहायता क्लीनिक का उद्घाटनः राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति बीआर गवई ने शनिवार को मणिपुर के सभी जिलों में विधिक सेवा शिविरों और चिकित्सा शिविरों के साथ-साथ इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम और उखरूल जिलों में नए विधिक सहायता क्लीनिकों का उद्घाटन किया.

उद्घाटन के बाद न्यायमूर्ति गवई ने कहा "न्याय के सिद्धांत के लिए और साथ ही स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच महत्वपूर्ण है. मैं और मेरी टीम आपको आश्वासन देते हैं कि हम आपके साथ खड़े हैं. समाज के लिए मिलकर काम करना हमारी जिम्मेदारी है. पूरा देश एकजुट होगा ताकि इस समस्या का समाधान हो सके."

मणिपुर हिंसा कब भड़की थीः बता दें कि मणिपुर में हिंदू मैतेई और आदिवासी कुकी (जो ईसाई हैं) के बीच 3 मई, 2023 को हिंसा भड़की थी. मणिपुर के अखिल आदिवासी छात्र संघ (एटीएसयूएम) की एक रैली के बाद यह हिंसा भड़की थी. हिंसा ने पूरे राज्य को जकड़ लिया था. केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था. मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा के बाद 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.
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JAGRAN DESK
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को इम्फाल में द्वि-दशवर्षीय समारोह में भाग लिया. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीआर गवई ने मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के सचिवालय तथा अन्य न्यायालय भवनों एवं परियोजनाओं का उद्घाटन किया. न्यायाधीशों के प्रतिनिधिमंडल ने उपस्थित अधिकारियों से बातचीत की.
राहत शिविर का दौरा कियाः सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को जस्टिस बीआर गवई के नेतृत्व में मणिपुर दौरे पर इंफाल पहुंचा. प्रतिनिधि मंडल में जस्टिस सूर्यकांत, विक्रम नाथ, एमएम सुंदरेश, केवी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट के जजों के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के चुराचांदपुर में एक राहत शिविर का भी दौरा किया.
विधिक सहायता क्लीनिक का उद्घाटनः राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति बीआर गवई ने शनिवार को मणिपुर के सभी जिलों में विधिक सेवा शिविरों और चिकित्सा शिविरों के साथ-साथ इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम और उखरूल जिलों में नए विधिक सहायता क्लीनिकों का उद्घाटन किया.

उद्घाटन के बाद न्यायमूर्ति गवई ने कहा "न्याय के सिद्धांत के लिए और साथ ही स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच महत्वपूर्ण है. मैं और मेरी टीम आपको आश्वासन देते हैं कि हम आपके साथ खड़े हैं. समाज के लिए मिलकर काम करना हमारी जिम्मेदारी है. पूरा देश एकजुट होगा ताकि इस समस्या का समाधान हो सके."

मणिपुर हिंसा कब भड़की थीः बता दें कि मणिपुर में हिंदू मैतेई और आदिवासी कुकी (जो ईसाई हैं) के बीच 3 मई, 2023 को हिंसा भड़की थी. मणिपुर के अखिल आदिवासी छात्र संघ (एटीएसयूएम) की एक रैली के बाद यह हिंसा भड़की थी. हिंसा ने पूरे राज्य को जकड़ लिया था. केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था. मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफा के बाद 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.
