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27 साल बाद किसी भारतीय PM का नामीबिया दौरा: एयरपोर्ट पर पारंपरिक नृत्य से स्वागत
Jagran Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नामीबिया की राजधानी विंडहोक पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक नृत्य और ढोल-नगाड़ों के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
पीएम मोदी ने स्वागत के दौरान स्थानीय कलाकारों के साथ ढोल बजाकर जनता को चौंका दिया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 27 वर्षों बाद नामीबिया यात्रा है।
पहली बार मोदी, आखिरी बार वाजपेयी 1998 में पहुंचे थे
पीएम मोदी से पहले 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया दौरे पर गए थे। उससे पहले राजीव गांधी और वीपी सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी यहां की यात्रा कर चुके हैं। मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा देने की कोशिश है।
राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा से रणनीतिक बातचीत
पीएम मोदी इस दौरे में नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मुलाकात करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल हैं:
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डायमंड व्यापार को डायरेक्ट करने की रणनीति
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यूरेनियम और खनिजों की सप्लाई
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क्लीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग
नामीबिया: समुद्री हीरों का खजाना
नामीबिया में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री हीरा भंडार (80 मिलियन कैरेट से अधिक) है, लेकिन वर्तमान में भारत को सीधे हीरा निर्यात नहीं किया जाता। हीरे लंदन या एंटवर्प होते हुए भारत पहुंचते हैं। मोदी की यह यात्रा सीधे हीरा व्यापार के लिए एक मजबूत आधार बना सकती है।
भारत का निवेश: 800 मिलियन डॉलर से ज्यादा
भारत ने नामीबिया में खनन, निर्माण, डायमंड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्रों में लगभग ₹6,600 करोड़ का निवेश किया है। कई भारतीय कंपनियां पहले से नामीबिया में सक्रिय हैं।
यूरेनियम और रेयर अर्थ मिनरल्स में सहयोग की उम्मीद
भारत की बढ़ती क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर पावर योजनाओं को देखते हुए नामीबिया एक अहम साझेदार बन सकता है। यहां कोबाल्ट, लिथियम और रेयर अर्थ मिनरल्स की भरपूर मौजूदगी है, जो भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद उपयोगी है।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और संसद को संबोधन
मोदी अपने दौरे के दौरान नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे और स्थानीय भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा मोदी की 5 देशों की अफ्रीकी-लैटिन अमेरिकी यात्रा का हिस्सा है, जिसमें घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राजील भी शामिल हैं।
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27 साल बाद किसी भारतीय PM का नामीबिया दौरा: एयरपोर्ट पर पारंपरिक नृत्य से स्वागत
Jagran Desk
पीएम मोदी ने स्वागत के दौरान स्थानीय कलाकारों के साथ ढोल बजाकर जनता को चौंका दिया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 27 वर्षों बाद नामीबिया यात्रा है।
पहली बार मोदी, आखिरी बार वाजपेयी 1998 में पहुंचे थे
पीएम मोदी से पहले 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया दौरे पर गए थे। उससे पहले राजीव गांधी और वीपी सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी यहां की यात्रा कर चुके हैं। मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा देने की कोशिश है।
राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा से रणनीतिक बातचीत
पीएम मोदी इस दौरे में नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मुलाकात करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल हैं:
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डायमंड व्यापार को डायरेक्ट करने की रणनीति
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यूरेनियम और खनिजों की सप्लाई
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क्लीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग
नामीबिया: समुद्री हीरों का खजाना
नामीबिया में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री हीरा भंडार (80 मिलियन कैरेट से अधिक) है, लेकिन वर्तमान में भारत को सीधे हीरा निर्यात नहीं किया जाता। हीरे लंदन या एंटवर्प होते हुए भारत पहुंचते हैं। मोदी की यह यात्रा सीधे हीरा व्यापार के लिए एक मजबूत आधार बना सकती है।
भारत का निवेश: 800 मिलियन डॉलर से ज्यादा
भारत ने नामीबिया में खनन, निर्माण, डायमंड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्रों में लगभग ₹6,600 करोड़ का निवेश किया है। कई भारतीय कंपनियां पहले से नामीबिया में सक्रिय हैं।
यूरेनियम और रेयर अर्थ मिनरल्स में सहयोग की उम्मीद
भारत की बढ़ती क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर पावर योजनाओं को देखते हुए नामीबिया एक अहम साझेदार बन सकता है। यहां कोबाल्ट, लिथियम और रेयर अर्थ मिनरल्स की भरपूर मौजूदगी है, जो भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद उपयोगी है।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और संसद को संबोधन
मोदी अपने दौरे के दौरान नामीबिया की संसद को भी संबोधित करेंगे और स्थानीय भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा मोदी की 5 देशों की अफ्रीकी-लैटिन अमेरिकी यात्रा का हिस्सा है, जिसमें घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना और ब्राजील भी शामिल हैं।
