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अमेरिका का यमन पर फिर हवाई हमला, 10 हूती विद्रोहियों की मौत; रेड सी में बढ़ा तनाव
JAGRAN DESK
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ यमन में बड़ा हवाई हमला किया है।
यह हमला होदेदा के नजदीक किया गया, जो यमन का एक रणनीतिक बंदरगाह शहर है। अमेरिकी हमले में कम से कम 10 हूती विद्रोहियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 16 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अल-हवाक जिला बना निशाना
विद्रोहियों के मुताबिक, हमले का मुख्य केंद्र अल-हवाक जिला था, जो होदेदा एयरपोर्ट के आसपास स्थित है।
इस एयरपोर्ट का प्रयोग अतीत में हूती विद्रोही रेड सी में गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल अटैक के लिए करते रहे हैं।
गौरतलब है कि गाजा पट्टी में चल रहे इजराइल-हमास युद्ध के बाद से रेड सी क्षेत्र में हूती हमलों में इज़ाफा हुआ है।
इसके जवाब में अमेरिका और उसके गठबंधन देश लगातार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई में लगे हुए हैं।
बढ़ते आंकड़े: अब तक 107 हूती की मौत
हूती विद्रोहियों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 107 विद्रोहियों की मौत हो चुकी है।
इस आंकड़े में बुधवार का हमला भी शामिल है।
हूती गुट ने इसे “अमेरिका की सीधी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है और चेतावनी दी है कि वे रेड सी में मौजूद सभी पश्चिमी और सहयोगी देशों के जहाजों को “वैध लक्ष्य” मानेंगे।
क्यों है होदेदा अहम?
होदेदा, यमन का प्रमुख समुद्री बंदरगाह है और रेड सी पर इसका कंट्रोल हूती विद्रोहियों के रणनीतिक दबदबे का अहम कारण है।
यह इलाका न केवल यमन के अंदरूनी संघर्ष के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक तेल व्यापार और नौवहन सुरक्षा के नजरिए से भी बेहद संवेदनशील है।
तनाव की स्थिति बरकरार
इस हमले के बाद एक बार फिर मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका की “फोर्स प्रोजेक्शन” नीति और हूतियों के ईरानी समर्थन से पूरे क्षेत्र में नया सैन्य समीकरण बनता दिख रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या हूती विद्रोही अपनी जवाबी कार्रवाइयों को तेज़ करेंगे, या अमेरिका और उसके सहयोगी देश एक बार फिर राजनयिक समाधान की तरफ कदम बढ़ाएंगे?
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यह हमला होदेदा के नजदीक किया गया, जो यमन का एक रणनीतिक बंदरगाह शहर है। अमेरिकी हमले में कम से कम 10 हूती विद्रोहियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 16 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
अल-हवाक जिला बना निशाना
विद्रोहियों के मुताबिक, हमले का मुख्य केंद्र अल-हवाक जिला था, जो होदेदा एयरपोर्ट के आसपास स्थित है।
इस एयरपोर्ट का प्रयोग अतीत में हूती विद्रोही रेड सी में गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल अटैक के लिए करते रहे हैं।
गौरतलब है कि गाजा पट्टी में चल रहे इजराइल-हमास युद्ध के बाद से रेड सी क्षेत्र में हूती हमलों में इज़ाफा हुआ है।
इसके जवाब में अमेरिका और उसके गठबंधन देश लगातार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई में लगे हुए हैं।
बढ़ते आंकड़े: अब तक 107 हूती की मौत
हूती विद्रोहियों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 107 विद्रोहियों की मौत हो चुकी है।
इस आंकड़े में बुधवार का हमला भी शामिल है।
हूती गुट ने इसे “अमेरिका की सीधी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है और चेतावनी दी है कि वे रेड सी में मौजूद सभी पश्चिमी और सहयोगी देशों के जहाजों को “वैध लक्ष्य” मानेंगे।
क्यों है होदेदा अहम?
होदेदा, यमन का प्रमुख समुद्री बंदरगाह है और रेड सी पर इसका कंट्रोल हूती विद्रोहियों के रणनीतिक दबदबे का अहम कारण है।
यह इलाका न केवल यमन के अंदरूनी संघर्ष के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक तेल व्यापार और नौवहन सुरक्षा के नजरिए से भी बेहद संवेदनशील है।
तनाव की स्थिति बरकरार
इस हमले के बाद एक बार फिर मिडल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका की “फोर्स प्रोजेक्शन” नीति और हूतियों के ईरानी समर्थन से पूरे क्षेत्र में नया सैन्य समीकरण बनता दिख रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या हूती विद्रोही अपनी जवाबी कार्रवाइयों को तेज़ करेंगे, या अमेरिका और उसके सहयोगी देश एक बार फिर राजनयिक समाधान की तरफ कदम बढ़ाएंगे?
