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लाल किला ब्लास्ट की जांच में मिला बड़ा सुराग, डॉक्टर उमर निकला साजिश का मास्टरमाइंड
Jagran Desk
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए कार विस्फोट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अब तक की जांच में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि इस धमाके के पीछे फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का हाथ है। यही मॉड्यूल अयोध्या और काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।
घटना में अब तक 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा दिल्ली ब्लास्ट, 2900 किलो विस्फोटक बरामद
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ दिन पहले जिस फरीदाबाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, उसका सीधा संबंध इस विस्फोट से जुड़ा है। इस मॉड्यूल से जुड़े कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, इसी मॉड्यूल से जुड़ा डॉ. उमर मोहम्मद ने पैनिक में आकर लाल किला विस्फोट को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों को डॉ. उमर के मोबाइल और ईमेल से अयोध्या और काशी के लोकेशन मैप्स भी मिले हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि इन धार्मिक स्थलों को भी भविष्य में निशाने पर रखा गया था।
एनआईए ने संभाली जांच, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंप दी है। दिल्ली, यूपी और हरियाणा की पुलिस समेत इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ की टीमें भी इस जांच में जुट गई हैं।
दिल्ली, अयोध्या और वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) की तैनाती बढ़ा दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो इस समय भूटान यात्रा पर थे, ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।”
पीएम मोदी के स्वदेश लौटने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें जांच एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की जाएगी।
जांच जारी, कई शहरों में तलाशी अभियान
एनआईए की टीम अब दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क के कई सदस्य अभी भी फरार हैं और वे देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपे हो सकते हैं।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अब तक की जांच में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि इस धमाके के पीछे फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का हाथ है। यही मॉड्यूल अयोध्या और काशी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।
घटना में अब तक 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा दिल्ली ब्लास्ट, 2900 किलो विस्फोटक बरामद
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ दिन पहले जिस फरीदाबाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, उसका सीधा संबंध इस विस्फोट से जुड़ा है। इस मॉड्यूल से जुड़े कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से करीब 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, इसी मॉड्यूल से जुड़ा डॉ. उमर मोहम्मद ने पैनिक में आकर लाल किला विस्फोट को अंजाम दिया। जांच एजेंसियों को डॉ. उमर के मोबाइल और ईमेल से अयोध्या और काशी के लोकेशन मैप्स भी मिले हैं, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि इन धार्मिक स्थलों को भी भविष्य में निशाने पर रखा गया था।
एनआईए ने संभाली जांच, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंप दी है। दिल्ली, यूपी और हरियाणा की पुलिस समेत इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ की टीमें भी इस जांच में जुट गई हैं।
दिल्ली, अयोध्या और वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS) की तैनाती बढ़ा दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—“दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो इस समय भूटान यात्रा पर थे, ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।”
पीएम मोदी के स्वदेश लौटने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें जांच एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की जाएगी।
जांच जारी, कई शहरों में तलाशी अभियान
एनआईए की टीम अब दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क के कई सदस्य अभी भी फरार हैं और वे देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपे हो सकते हैं।
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