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पूरी दुनिया गगनयान मिशन को लेकर उत्साहित, शुभांशु शुक्ला ने पीएम मोदी से साझा किए अंतरिक्ष के अनुभव
Digital Desk
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने स्पेस स्टेशन पर बिताए पलों और वहां के अनोखे अनुभवों को साझा किया। प्रधानमंत्री और शुक्ला के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसका एक हिस्सा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया।
मुलाकात के दौरान शुक्ला ने पीएम मोदी को एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच और वह तिरंगा भेंट किया जिसे वे अपने साथ अंतरिक्ष स्टेशन लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि भारत का गगनयान मिशन केवल देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए उत्साह का विषय बन चुका है।
अंतरिक्ष की चुनौतियों पर चर्चा
पीएम मोदी ने शुक्ला से अंतरिक्ष में आने वाली कठिनाइयों के बारे में सवाल किया। इस पर उन्होंने बताया कि स्पेस में पहुंचने के बाद शरीर को नए वातावरण के अनुसार ढलने में 4-5 दिन लगते हैं। वहीं, पृथ्वी पर लौटने के बाद भी चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
शुक्ला ने यह भी बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में मूंग और मेथी के बीज उगाकर एक तरह से किसान की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि स्पेस स्टेशन पर भोजन तैयार करना बड़ी चुनौती होती है क्योंकि जगह और संसाधन सीमित होते हैं। ऐसे में पोषण और ऊर्जा को संतुलित करना बेहद जरूरी है।
गगनयान पर वैश्विक उत्साह
पीएम मोदी ने जब उनसे विदेशों में लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में पूछा तो शुक्ला ने बताया कि विदेशियों में भारत के गगनयान मिशन को लेकर गजब का उत्साह है। कई लोग उनसे यह जानने के लिए उत्सुक थे कि भारत का मानव अंतरिक्ष मिशन कब लॉन्च होगा।
“यह अंत नहीं, नई शुरुआत है”
शुक्ला ने कहा कि एक्सिओम-4 मिशन उनके लिए केवल अनुभव नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया—“यह मिशन अंत नहीं बल्कि शुरुआत है। इसका उद्देश्य था कि हम सीखें और आगे की राह को और मजबूत करें।”
पीएम मोदी ने कहा कि स्पेस स्टेशन और गगनयान जैसे मिशन भारत के लिए बड़ी उपलब्धि हैं और इन अनुभवों से आने वाले अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आत्मनिर्भरता के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेगा।
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Digital Desk
इस दौरान उन्होंने स्पेस स्टेशन पर बिताए पलों और वहां के अनोखे अनुभवों को साझा किया। प्रधानमंत्री और शुक्ला के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसका एक हिस्सा पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया।
मुलाकात के दौरान शुक्ला ने पीएम मोदी को एक्सिओम-4 मिशन का मिशन पैच और वह तिरंगा भेंट किया जिसे वे अपने साथ अंतरिक्ष स्टेशन लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि भारत का गगनयान मिशन केवल देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए उत्साह का विषय बन चुका है।
अंतरिक्ष की चुनौतियों पर चर्चा
पीएम मोदी ने शुक्ला से अंतरिक्ष में आने वाली कठिनाइयों के बारे में सवाल किया। इस पर उन्होंने बताया कि स्पेस में पहुंचने के बाद शरीर को नए वातावरण के अनुसार ढलने में 4-5 दिन लगते हैं। वहीं, पृथ्वी पर लौटने के बाद भी चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
शुक्ला ने यह भी बताया कि उन्होंने अंतरिक्ष में मूंग और मेथी के बीज उगाकर एक तरह से किसान की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि स्पेस स्टेशन पर भोजन तैयार करना बड़ी चुनौती होती है क्योंकि जगह और संसाधन सीमित होते हैं। ऐसे में पोषण और ऊर्जा को संतुलित करना बेहद जरूरी है।
गगनयान पर वैश्विक उत्साह
पीएम मोदी ने जब उनसे विदेशों में लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में पूछा तो शुक्ला ने बताया कि विदेशियों में भारत के गगनयान मिशन को लेकर गजब का उत्साह है। कई लोग उनसे यह जानने के लिए उत्सुक थे कि भारत का मानव अंतरिक्ष मिशन कब लॉन्च होगा।
“यह अंत नहीं, नई शुरुआत है”
शुक्ला ने कहा कि एक्सिओम-4 मिशन उनके लिए केवल अनुभव नहीं बल्कि भविष्य की तैयारी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया—“यह मिशन अंत नहीं बल्कि शुरुआत है। इसका उद्देश्य था कि हम सीखें और आगे की राह को और मजबूत करें।”
पीएम मोदी ने कहा कि स्पेस स्टेशन और गगनयान जैसे मिशन भारत के लिए बड़ी उपलब्धि हैं और इन अनुभवों से आने वाले अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आत्मनिर्भरता के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेगा।
