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चित्रकूट में मंदाकिनी का उफान, रामघाट-निर्मोही अखाड़ा में बाढ़ जैसे हालात; ड्रोन से निगरानी
भारत
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है। NDRF-SDRF की टीमें राहत और बचाव में जुटी हैं, लोगों से नदी और घाटों से दूर रहने की अपील की गई है।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी में उफान के बाद रामघाट और निर्मोही अखाड़ा समेत कुछ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी रखते हुए निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था बढ़ा दी है। चित्रकूट पुलिस बाढ़ प्रभावित इलाकों पर ड्रोन कैमरों से नजर रख रही है। ड्रोन के जरिए जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी के बहाव और जमीन पर बनी स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दल को तेजी से कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा सके।
रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र पर विशेष नजर
मंदाकिनी का पानी बढ़ने से नदी किनारे स्थित रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए नदी और घाटों के आसपास नहीं जाने की अपील की है। जिला प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए एहतियाती कदम जारी रखे गए हैं। निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
NDRF और SDRF की टीमें मौके पर
बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक नदी और प्रभावित क्षेत्रों में फंसे श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित और फंसे लोगों तक खाना, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव इंतजामों की समीक्षा की है।
लोगों को नदी और घाटों से दूर रहने की सलाह
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से नदी के नजदीक जाने से बचने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
पिछले 24 घंटे में बाढ़ की स्थिति हुई गंभीर
चित्रकूट और आसपास के इलाके में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। 29 अगस्त को स्थिति इतनी गंभीर हुई थी कि नदी का पानी कई निचले इलाकों तक पहुंच गया था और रामघाट सहित आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जलभराव की खबरें सामने आई थीं। मध्य प्रदेश के सतना जिले की ओर भी बाढ़ की स्थिति बनी है। सतना प्रशासन के मुताबिक जिले में 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि चित्रकूट क्षेत्र में राहत अभियान के दौरान सेना के हेलीकॉप्टर से दो लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई है।
UP-MP सीमा क्षेत्र में भी असर
चित्रकूट का भौगोलिक क्षेत्र उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों से जुड़ा हुआ है। मंदाकिनी में बढ़े जलस्तर का असर दोनों तरफ के कुछ इलाकों में दिखाई दिया है। पिछले दिन सामने आई रिपोर्टों में संपर्क मार्गों, सड़कों और कुछ रेल सेवाओं पर भी बाढ़ का असर बताया गया था। मौजूदा स्थिति में प्रशासन का मुख्य फोकस नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू पर है।
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