- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- भारत-कनाडा रिश्तों पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान, बोलीं- साझेदारी व्यापार समझौते से कहीं आगे
भारत-कनाडा रिश्तों पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान, बोलीं- साझेदारी व्यापार समझौते से कहीं आगे
भारत
टोरंटो में भारतीय कारोबारी समुदाय के कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बताया; लोकतंत्र, विविधता और लोगों के रिश्तों को संबंधों की ताकत बताया
भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में हालिया सुधार के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दोनों देशों की साझेदारी को लेकर अहम टिप्पणी की है। कनाडा के टोरंटो में भारतीय कारोबारी समुदाय के स्वागत समारोह में उन्होंने भारत और कनाडा को दुनिया के सबसे स्वाभाविक साझेदारों में बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच जुड़ाव किसी व्यापार समझौते तक सीमित नहीं है। सीतारमण ने कहा कि भारत-कनाडा संबंधों में हाल के समय में उल्लेखनीय बदलाव आया है। उनके मुताबिक लोकतंत्र और बहुलतावाद में साझा विश्वास, बढ़ता आर्थिक सहयोग तथा दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संपर्क इस रिश्ते को नई दिशा दे रहे हैं।
भारतीय समुदाय को बताया अहम कड़ी
वित्त मंत्री ने कनाडा में बसे भारतीय कारोबारी समुदाय की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय कनाडा के कॉरपोरेट जगत, वित्तीय बाजारों और पेंशन फंड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मौजूद है और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है। सीतारमण ने भारत और कनाडा के बीच समानताओं को रेखांकित करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून के शासन, संसदीय परंपराओं और बहुलतावादी समाज का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश विविधता को महत्व देने वाले बड़े बहुसांस्कृतिक समाज हैं।
मोदी-कार्नी मुलाकात के बाद रिश्तों में आया बदलाव
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों का भी जिक्र किया। जून 2025 में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने रिश्तों को फिर से मजबूत करने और भविष्य केंद्रित रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी। इसके बाद मार्च 2026 में प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा के दौरान आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए। दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी CEPA पर औपचारिक बातचीत शुरू करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने की साझा महत्वाकांक्षा जताई है।
CEPA और निवेश पर बढ़ रहा फोकस
सीतारमण का कनाडा दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देश आर्थिक संबंधों को ज्यादा मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत की वित्त मंत्री 25 अगस्त से 2 सितंबर तक कनाडा और अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। कनाडा में उनके कार्यक्रम में वित्तीय सहयोग, निवेश और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। कनाडा के वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सीतारमण 26 और 27 अगस्त को कनाडा में रहेंगी और कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैंपेन के साथ आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में हिस्सा लेंगी। दोनों पक्ष निवेश, वित्तीय क्षेत्र में सहयोग और साझा वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। कनाडाई सरकार के अनुसार, 2024 में भारत में कनाडा का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निवेश 110 अरब कनाडाई डॉलर से अधिक था। दोनों देश ऊर्जा, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दे रहे हैं।
वैश्विक परिस्थितियों के बीच आर्थिक साझेदारी पर जोर
भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश ऐसे समय हो रही है जब कनाडा अपनी वैश्विक व्यापार साझेदारियों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी हाल में अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के बीच दूसरे देशों के साथ निर्यात बाजार और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने की रणनीति पर जोर दिया है। सीतारमण ने टोरंटो में भारत की आर्थिक क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, युवा आबादी, बढ़ते उपभोग, शहरीकरण और डिजिटल बुनियादी ढांचे को विदेशी निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसरों के रूप में पेश किया।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

