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तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत: नीति आयोग की बैठक में हुआ रोडमैप का खुलासा
Jagran Desk
भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 36 में से 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जो अब तक की सबसे अधिक भागीदारी रही।
बैठक में ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए व्यापक चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने स्तर पर विज़न डॉक्युमेंट तैयार करें, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक आर्थिक महाशक्ति बनाने में सहायक हो।
अगले तीन वर्षों में भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि भारत फिलहाल चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था है और जल्द ही 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान रणनीति और विकास योजनाओं पर सतत रूप से काम होता रहा, तो भारत आगामी 2.5 से 3 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
राज्य भी दिखा रहे सक्रियता, कई राज्यों ने तैयार किया विज़न प्लान
बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात सहित 17 राज्यों ने अपना विज़न डॉक्युमेंट तैयार कर लिया है या अगस्त तक जारी करने की प्रक्रिया में हैं। यह दस्तावेज़ राष्ट्रीय विकास एजेंडे के साथ समन्वय में होंगे और संपूर्ण भारत के साझा भविष्य को रेखांकित करेंगे।
विकसित भारत के लिए चाहिए विकसित राज्य
बैठक का मूल विषय था – “विकसित भारत के लिए विकसित राज्य।” इस उद्देश्य के तहत यह तय किया गया कि जब तक राज्य आर्थिक, सामाजिक और संरचनात्मक रूप से मज़बूत नहीं बनेंगे, तब तक देश समग्र रूप से प्रगति नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री ने राज्यों से स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया।
ऑपरेशन सिंदूर की एक स्वर में सराहना
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। सभी राज्यों ने इस सैन्य कार्रवाई और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक है।
उद्योग और सेवा क्षेत्र को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को विशेष रूप से विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ये दोनों क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को ऊँचाई तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
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तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत: नीति आयोग की बैठक में हुआ रोडमैप का खुलासा
Jagran Desk
बैठक में ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए व्यापक चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने स्तर पर विज़न डॉक्युमेंट तैयार करें, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक आर्थिक महाशक्ति बनाने में सहायक हो।
अगले तीन वर्षों में भारत बनेगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि भारत फिलहाल चौथी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था है और जल्द ही 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान रणनीति और विकास योजनाओं पर सतत रूप से काम होता रहा, तो भारत आगामी 2.5 से 3 वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
राज्य भी दिखा रहे सक्रियता, कई राज्यों ने तैयार किया विज़न प्लान
बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात सहित 17 राज्यों ने अपना विज़न डॉक्युमेंट तैयार कर लिया है या अगस्त तक जारी करने की प्रक्रिया में हैं। यह दस्तावेज़ राष्ट्रीय विकास एजेंडे के साथ समन्वय में होंगे और संपूर्ण भारत के साझा भविष्य को रेखांकित करेंगे।
विकसित भारत के लिए चाहिए विकसित राज्य
बैठक का मूल विषय था – “विकसित भारत के लिए विकसित राज्य।” इस उद्देश्य के तहत यह तय किया गया कि जब तक राज्य आर्थिक, सामाजिक और संरचनात्मक रूप से मज़बूत नहीं बनेंगे, तब तक देश समग्र रूप से प्रगति नहीं कर सकता। प्रधानमंत्री ने राज्यों से स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया।
ऑपरेशन सिंदूर की एक स्वर में सराहना
बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा और हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। सभी राज्यों ने इस सैन्य कार्रवाई और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह सिर्फ सैन्य ताकत का नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक है।
उद्योग और सेवा क्षेत्र को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को विशेष रूप से विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ये दोनों क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को ऊँचाई तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
