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पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश
नेशनल डेस्क
पीएम नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचत अपील के बाद सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में कैबिनेट बैठक पहुंचे, कई राज्यों में असर दिखने लगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा, तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे, जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं, तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।
असल में, कुछ दिन पहले, हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में, उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।
प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे “प्रधानसेवक की मिसाल” करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।
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पीएम मोदी सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में निकले, दिया बड़ा संदेश
नेशनल डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की बचत पर जोर देने के बाद खुद भी इसका अनुसरण करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने अपने आवास से सिर्फ दो गाड़ियों के साथ केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में जाने का फैसला किया। जब सुबह दिल्ली की सड़कों पर पीएम मोदी का छोटा काफिला दिखा, तो इस पर काफी चर्चा होने लगी। एक कार में वे अपने स्टाफ के साथ थे, जबकि दूसरी गाड़ी में एसपीजी के सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। आमतौर पर जब प्रधानमंत्री यात्रा करते हैं, तो लंबा सुरक्षा काफिला होता है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग थी। इसे सरकार की ओर से ईंधन की बचत के लिए एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी पीएम मोदी के इस छोटे काफिले की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए गए।
असल में, कुछ दिन पहले, हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है। उसी कार्यक्रम में, उन्होंने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद टालने की भी सलाह दी थी। इस वक्त से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले को छोटा करना शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी ईंधन की बचत को लेकर निर्देश जारी किए हैं। कुछ विभागों में ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता देने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।
प्रधान मंत्री की इस पहल के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आनी शुरू हो गई हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे “प्रधानसेवक की मिसाल” करार दिया और कहा कि जब नेतृत्व खुद उदाहरण पेश करता है तो यह जन आंदोलन का रूप ले लेता है। उन्होंने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम करने का ऐलान किया है। हालांकि, विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम बताया है। इस बीच, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में बदलाव आ सकता है। मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण तेल कंपनियों पर भारी दबाव है।
