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लालकिले से पीएम मोदी का ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ ऐलान: देश को मिलेगा तकनीकी सुरक्षा कवच
नई दिल्ली।
आजादी के 79वें वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई बड़े ऐलान किए। 103 मिनट लंबे भाषण में उन्होंने सुरक्षा, विकास, जनसंख्या संतुलन, नक्सलवाद, राष्ट्र सेवा और स्वदेशी को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। सबसे बड़ा ऐलान ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का रहा, जो आने वाले वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीकी शक्ति से लैस करेगा।
मिशन सुदर्शन चक्र: तकनीक से होगा देश सुरक्षित
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही सुरक्षा के क्षेत्र में महारत हासिल करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि 2025 तक सामरिक ठिकानों, सिविलियन क्षेत्रों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और आस्था के केंद्रों को उन्नत तकनीकी सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में हम सुरक्षात्मक चक्र के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। यह नया हथियार तंत्र दुश्मन के किसी भी हमले को विफल करने में सक्षम होगा और यह पूरी तरह आधुनिक प्रणाली पर आधारित रहेगा।
हाई पावर डेमोग्राफी मिशन: जनसंख्या संतुलन पर फोकस
पीएम मोदी ने अपने भाषण में देश को एक नई चुनौती से आगाह किया। उन्होंने कहा कि “सोची-समझी साजिशों के तहत देश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की जा रही है। घुसपैठिए आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा है।”
इसी के मद्देनजर हाई पावर डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत की गई है, जो जनसंख्या के असंतुलन और इससे पैदा होने वाले संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
नक्सलवाद पर काबू: 125 जिलों से घटकर 20 तक
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा, “कभी देश के 125 से ज्यादा जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, आज यह समस्या सिर्फ 20 जिलों तक सीमित रह गई है।”
उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया और कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही नक्सलवाद याद आता था, लेकिन आज वहीं के युवा ओलंपिक में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
RSS को लालकिले से सलाम
पीएम मोदी ने पहली बार लालकिले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “सौ साल पहले जन्मे इस संगठन ने राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य किया है। मैं पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र सेवा में जुटे आरएसएस कार्यकर्ताओं के समर्पण को सलाम करता हूं।”
वोकल फॉर लोकल: दुकानदारों के लिए विशेष अपील
प्रधानमंत्री ने आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, “हमारा मंत्र होना चाहिए—समृद्ध भारत। आज की पीढ़ी को समृद्ध भारत के लिए अपना योगदान देना होगा।”
उन्होंने राजनीतिक दलों और युवाओं से आह्वान किया कि वोकल फॉर लोकल को जीवन का मंत्र बनाएं। छोटे दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों पर यह तख्ती लगाएं— “यहां स्वदेशी माल बिकता है”।
देश के लिए मोदी का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री का यह भाषण केवल योजनाओं की घोषणा भर नहीं था, बल्कि इसमें एक दृढ़ राजनीतिक और सुरक्षा संदेश भी था—देश की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा, तकनीक और ताकत दोनों के बल पर दुश्मन को जवाब दिया जाएगा, और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।
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लालकिले से पीएम मोदी का ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ ऐलान: देश को मिलेगा तकनीकी सुरक्षा कवच
नई दिल्ली।
आजादी के 79वें वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई बड़े ऐलान किए। 103 मिनट लंबे भाषण में उन्होंने सुरक्षा, विकास, जनसंख्या संतुलन, नक्सलवाद, राष्ट्र सेवा और स्वदेशी को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। सबसे बड़ा ऐलान ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का रहा, जो आने वाले वर्षों में देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई तकनीकी शक्ति से लैस करेगा।
मिशन सुदर्शन चक्र: तकनीक से होगा देश सुरक्षित
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तकनीक का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही सुरक्षा के क्षेत्र में महारत हासिल करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि 2025 तक सामरिक ठिकानों, सिविलियन क्षेत्रों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और आस्था के केंद्रों को उन्नत तकनीकी सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेते हुए कहा कि अगले 10 वर्षों में हम सुरक्षात्मक चक्र के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। यह नया हथियार तंत्र दुश्मन के किसी भी हमले को विफल करने में सक्षम होगा और यह पूरी तरह आधुनिक प्रणाली पर आधारित रहेगा।
हाई पावर डेमोग्राफी मिशन: जनसंख्या संतुलन पर फोकस
पीएम मोदी ने अपने भाषण में देश को एक नई चुनौती से आगाह किया। उन्होंने कहा कि “सोची-समझी साजिशों के तहत देश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की जा रही है। घुसपैठिए आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा है।”
इसी के मद्देनजर हाई पावर डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत की गई है, जो जनसंख्या के असंतुलन और इससे पैदा होने वाले संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
नक्सलवाद पर काबू: 125 जिलों से घटकर 20 तक
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा, “कभी देश के 125 से ज्यादा जिले नक्सलवाद की चपेट में थे, आज यह समस्या सिर्फ 20 जिलों तक सीमित रह गई है।”
उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया और कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही नक्सलवाद याद आता था, लेकिन आज वहीं के युवा ओलंपिक में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
RSS को लालकिले से सलाम
पीएम मोदी ने पहली बार लालकिले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “सौ साल पहले जन्मे इस संगठन ने राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य किया है। मैं पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र सेवा में जुटे आरएसएस कार्यकर्ताओं के समर्पण को सलाम करता हूं।”
वोकल फॉर लोकल: दुकानदारों के लिए विशेष अपील
प्रधानमंत्री ने आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा, “हमारा मंत्र होना चाहिए—समृद्ध भारत। आज की पीढ़ी को समृद्ध भारत के लिए अपना योगदान देना होगा।”
उन्होंने राजनीतिक दलों और युवाओं से आह्वान किया कि वोकल फॉर लोकल को जीवन का मंत्र बनाएं। छोटे दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकानों पर यह तख्ती लगाएं— “यहां स्वदेशी माल बिकता है”।
देश के लिए मोदी का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री का यह भाषण केवल योजनाओं की घोषणा भर नहीं था, बल्कि इसमें एक दृढ़ राजनीतिक और सुरक्षा संदेश भी था—देश की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा, तकनीक और ताकत दोनों के बल पर दुश्मन को जवाब दिया जाएगा, और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।
