- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- जेन-जी से संवाद करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, 2 हजार छात्रों के बीच साझा करेंगे भविष्य की सोच
जेन-जी से संवाद करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, 2 हजार छात्रों के बीच साझा करेंगे भविष्य की सोच
Digital Desk
मुंबई में IIMUN के मंच पर 15 से 19 वर्ष के विद्यार्थियों से होगा सीधा संवाद, नई पीढ़ी की भूमिका, नेतृत्व और संवाद की संस्कृति पर रखेंगे विचार।
मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को देश की नई पीढ़ी यानी जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में 15 से 19 वर्ष की आयु के 2 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। आयोजन मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में किया जा रहा है, जहां युवाओं के साथ खुले संवाद के माध्यम से नेतृत्व, शिक्षा, समाज और भविष्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
यह कार्यक्रम इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है। संस्था लंबे समय से छात्रों के बीच संवाद, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रही है। इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज स्तर के हैं। आयोजकों के अनुसार संवाद का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, उनके सवालों और उनके दृष्टिकोण को समझना भी है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाएं रखने का अवसर भी मिल सकता है।
हाल के वर्षों में नई पीढ़ी की बदलती सोच, डिजिटल जीवनशैली, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषय लगातार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे समय में संघ प्रमुख का सीधे युवाओं से संवाद कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।
कुछ दिन पहले भी मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आज के युवा पहले की तुलना में अधिक सवाल पूछते हैं और यह स्वाभाविक है। उनके अनुसार नई पीढ़ी को केवल आदेश देने के बजाय उनसे संवाद करना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा था कि बातचीत से ही विश्वास बनता है और समाज आगे बढ़ता है।
भागवत ने यह भी कहा था कि बदलते समय में नेतृत्व की शैली भी बदलनी चाहिए। युवाओं की बात सुनना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाना समय की जरूरत है। उनका मानना है कि केवल निर्देश देने से बेहतर है कि विचारों का आदान-प्रदान हो, जिससे नई पीढ़ी अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सके।
मुंबई में होने वाले इस कार्यक्रम को इसी सोच का विस्तार माना जा रहा है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसमें भाग लेने के लिए पहले से पंजीकरण करा चुके हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ विभिन्न विचारों को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए ऐसे कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक समझ को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं।
IIMUN पिछले कई वर्षों से देश और विदेश के विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। संस्था मॉडल यूनाइटेड नेशंस, युवा सम्मेलन और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास करती रही है। इस वर्ष के विशेष आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, समाज, तकनीक, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की जिम्मेदारियों जैसे विषय चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। माना जा रहा है कि विद्यार्थियों के प्रश्नों के आधार पर भी कई मुद्दों पर खुली बातचीत होगी। इससे छात्रों को अपने विचार सीधे रखने और वरिष्ठ नेतृत्व का दृष्टिकोण समझने का अवसर मिलेगा।
आज का युवा सूचना और तकनीक के दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में संवाद आधारित कार्यक्रम युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बदलते समय के साथ नेतृत्व और संवाद की संस्कृति को मजबूत करने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
जेन-जी से संवाद करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, 2 हजार छात्रों के बीच साझा करेंगे भविष्य की सोच
Digital Desk
मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को देश की नई पीढ़ी यानी जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में 15 से 19 वर्ष की आयु के 2 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। आयोजन मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में किया जा रहा है, जहां युवाओं के साथ खुले संवाद के माध्यम से नेतृत्व, शिक्षा, समाज और भविष्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
यह कार्यक्रम इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है। संस्था लंबे समय से छात्रों के बीच संवाद, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रही है। इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज स्तर के हैं। आयोजकों के अनुसार संवाद का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, उनके सवालों और उनके दृष्टिकोण को समझना भी है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाएं रखने का अवसर भी मिल सकता है।
हाल के वर्षों में नई पीढ़ी की बदलती सोच, डिजिटल जीवनशैली, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषय लगातार चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे समय में संघ प्रमुख का सीधे युवाओं से संवाद कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वे युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।
कुछ दिन पहले भी मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आज के युवा पहले की तुलना में अधिक सवाल पूछते हैं और यह स्वाभाविक है। उनके अनुसार नई पीढ़ी को केवल आदेश देने के बजाय उनसे संवाद करना अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा था कि बातचीत से ही विश्वास बनता है और समाज आगे बढ़ता है।
भागवत ने यह भी कहा था कि बदलते समय में नेतृत्व की शैली भी बदलनी चाहिए। युवाओं की बात सुनना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाना समय की जरूरत है। उनका मानना है कि केवल निर्देश देने से बेहतर है कि विचारों का आदान-प्रदान हो, जिससे नई पीढ़ी अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सके।
मुंबई में होने वाले इस कार्यक्रम को इसी सोच का विस्तार माना जा रहा है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसमें भाग लेने के लिए पहले से पंजीकरण करा चुके हैं। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
शिक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ विभिन्न विचारों को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए ऐसे कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक समझ को मजबूत बनाने में सहायक हो सकते हैं।
IIMUN पिछले कई वर्षों से देश और विदेश के विद्यार्थियों को एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। संस्था मॉडल यूनाइटेड नेशंस, युवा सम्मेलन और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास करती रही है। इस वर्ष के विशेष आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, समाज, तकनीक, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की जिम्मेदारियों जैसे विषय चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। माना जा रहा है कि विद्यार्थियों के प्रश्नों के आधार पर भी कई मुद्दों पर खुली बातचीत होगी। इससे छात्रों को अपने विचार सीधे रखने और वरिष्ठ नेतृत्व का दृष्टिकोण समझने का अवसर मिलेगा।
आज का युवा सूचना और तकनीक के दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में संवाद आधारित कार्यक्रम युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बदलते समय के साथ नेतृत्व और संवाद की संस्कृति को मजबूत करने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।
