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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 150 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,600 के करीब; आईटी शेयरों में दबाव, ऑटो सेक्टर में खरीदारी
बिजनेस डेस्क
एशियाई बाजारों में कमजोरी का असर, विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी; निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और कॉरपोरेट नतीजों पर
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मिश्रित रुख के साथ हुई। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 150 अंकों की बढ़त के साथ 78,700 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 के आसपास बना रहा। बाजार में एक ओर चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली तो दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव भी बना रहा। निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख
गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स ने बढ़त दर्ज की और 78,700 के स्तर के करीब पहुंच गया। हालांकि निफ्टी में हल्की कमजोरी देखने को मिली और वह 24,600 के आसपास कारोबार करता रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।
कारोबार के दौरान अलग-अलग सेक्टरों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। कुछ सेक्टरों में खरीदारी का माहौल रहा, जबकि कुछ शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
आईटी सेक्टर पर दबाव, ऑटो शेयरों में खरीदारी
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
इसके विपरीत ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। कई प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू मांग और बिक्री के बेहतर संकेतों से ऑटो शेयरों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
एशियाई बाजारों में रही बड़ी गिरावट
भारतीय बाजार पर एशियाई बाजारों की कमजोरी का भी असर देखने को मिला। गुरुवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया। जापान का निक्केई भी डेढ़ प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ फिसल गया।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर दुनिया के कई बाजारों में देखने को मिला। इसी वजह से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी सकारात्मक संकेत
हालांकि गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बिकवाली की, लेकिन पिछले सात कारोबारी सत्रों का आंकड़ा भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। पिछले सात दिनों के दौरान विदेशी निवेशकों ने करीब 2,703 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी लगातार खरीदारी जारी रखी है। बीते 30 दिनों में घरेलू निवेशकों ने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
बुधवार को शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। बीएसई सेंसेक्स 152 अंकों की बढ़त के साथ 78,581 पर बंद हुआ था। बाजार में बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा लार्जकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली थी, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतकों पर बनी रहेगी। कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों का रुख, वैश्विक बाजारों की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स 150 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,600 के करीब; आईटी शेयरों में दबाव, ऑटो सेक्टर में खरीदारी
बिजनेस डेस्क
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मिश्रित रुख के साथ हुई। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 150 अंकों की बढ़त के साथ 78,700 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 24,600 के आसपास बना रहा। बाजार में एक ओर चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली तो दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव भी बना रहा। निवेशकों की नजर घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख
गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स ने बढ़त दर्ज की और 78,700 के स्तर के करीब पहुंच गया। हालांकि निफ्टी में हल्की कमजोरी देखने को मिली और वह 24,600 के आसपास कारोबार करता रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।
कारोबार के दौरान अलग-अलग सेक्टरों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। कुछ सेक्टरों में खरीदारी का माहौल रहा, जबकि कुछ शेयरों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
आईटी सेक्टर पर दबाव, ऑटो शेयरों में खरीदारी
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दिखाई दिया।
इसके विपरीत ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। कई प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इस सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू मांग और बिक्री के बेहतर संकेतों से ऑटो शेयरों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
एशियाई बाजारों में रही बड़ी गिरावट
भारतीय बाजार पर एशियाई बाजारों की कमजोरी का भी असर देखने को मिला। गुरुवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया। जापान का निक्केई भी डेढ़ प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ फिसल गया।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक और एसएंडपी 500 में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की कमजोरी का असर दुनिया के कई बाजारों में देखने को मिला। इसी वजह से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी सकारात्मक संकेत
हालांकि गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बिकवाली की, लेकिन पिछले सात कारोबारी सत्रों का आंकड़ा भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। पिछले सात दिनों के दौरान विदेशी निवेशकों ने करीब 2,703 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने भी लगातार खरीदारी जारी रखी है। बीते 30 दिनों में घरेलू निवेशकों ने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
बुधवार को शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। बीएसई सेंसेक्स 152 अंकों की बढ़त के साथ 78,581 पर बंद हुआ था। बाजार में बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा लार्जकैप शेयरों में खरीदारी देखने को मिली थी, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतकों पर बनी रहेगी। कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों का रुख, वैश्विक बाजारों की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
