रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च तेज, बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े प्रदर्शनकारी; BJP नेताओं ने भी खोला मोर्चा

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JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन जारी, विधानसभा के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा; BJP के करीब 50 नेता हिरासत में

झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। छात्रों ने पहले ही 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी थी।

प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे। कुछ हिस्सों में बैरिकेडिंग पर कंटीले तार भी लगाए गए। विधानसभा के आसपास करीब 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल, IRB और QRT की तैनाती की गई। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की थी।

बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात

छात्रों और राज्य सरकार के बीच आंदोलन खत्म कराने को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। रविवार को भी सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक चर्चा हुई। सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया, लेकिन CBI जांच की मांग पर गतिरोध बना रहा। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने विधानसभा तक मार्च का फैसला बरकरार रखा। आंदोलन 25 जुलाई से जारी है और प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र अनशन पर भी बैठे हैं। भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थी लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा की तरफ जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की। रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा की ओर जाने वाले करीब 13 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ जुटाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, छात्रों की ओर से आरोप लगाया गया कि दूसरे जिलों से रांची पहुंचने वाले कुछ अभ्यर्थियों को रास्ते में रोका गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए उनकी आवाजाही पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है।

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छात्रों के समर्थन में BJP का प्रदर्शन

छात्र आंदोलन के बीच भाजपा ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी के नेता और विधायक मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन के लिए पहुंचे। भाजपा नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत करीब 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें 21 विधायक भी शामिल बताए गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और आंदोलन को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।

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सरकार का दावा- ज्यादातर मांगों पर बनी सहमति

सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। सरकार का दावा है कि करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। हालांकि छात्र संगठनों ने इस दावे पर असहमति जताई है और कहा है कि कुछ महत्वपूर्ण मांगें अभी लंबित हैं। खास तौर पर कथित परीक्षा गड़बड़ियों की CBI जांच को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जा सकता है और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही है।

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पहले भी हो चुका है कई परीक्षाओं को लेकर विवाद

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का यह आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांगों में कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं की समीक्षा, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और कुछ परीक्षाओं को रद्द किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए।

www.dainikjagranmpcg.com
10 Aug 2026 By Priyanka

रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च तेज, बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े प्रदर्शनकारी; BJP नेताओं ने भी खोला मोर्चा

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झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। छात्रों ने पहले ही 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी थी।

प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए थे। कुछ हिस्सों में बैरिकेडिंग पर कंटीले तार भी लगाए गए। विधानसभा के आसपास करीब 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल, IRB और QRT की तैनाती की गई। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की अपील की थी।

बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात

छात्रों और राज्य सरकार के बीच आंदोलन खत्म कराने को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। रविवार को भी सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच करीब पांच घंटे तक चर्चा हुई। सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया, लेकिन CBI जांच की मांग पर गतिरोध बना रहा। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने विधानसभा तक मार्च का फैसला बरकरार रखा। आंदोलन 25 जुलाई से जारी है और प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र अनशन पर भी बैठे हैं। भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थी लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी

प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा की तरफ जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की। रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा की ओर जाने वाले करीब 13 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ जुटाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, छात्रों की ओर से आरोप लगाया गया कि दूसरे जिलों से रांची पहुंचने वाले कुछ अभ्यर्थियों को रास्ते में रोका गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए उनकी आवाजाही पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है।

छात्रों के समर्थन में BJP का प्रदर्शन

छात्र आंदोलन के बीच भाजपा ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी के नेता और विधायक मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन के लिए पहुंचे। भाजपा नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत करीब 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें 21 विधायक भी शामिल बताए गए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है और आंदोलन को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।

सरकार का दावा- ज्यादातर मांगों पर बनी सहमति

सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों की बड़ी संख्या में मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। सरकार का दावा है कि करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। हालांकि छात्र संगठनों ने इस दावे पर असहमति जताई है और कहा है कि कुछ महत्वपूर्ण मांगें अभी लंबित हैं। खास तौर पर कथित परीक्षा गड़बड़ियों की CBI जांच को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रदर्शन कर रहे युवाओं से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जा सकता है और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही है।

पहले भी हो चुका है कई परीक्षाओं को लेकर विवाद

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का यह आंदोलन पिछले कई दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों की मांगों में कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं की समीक्षा, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं। आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे और कुछ परीक्षाओं को रद्द किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हुए।

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