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ट्रंप ने कहा- बम मारेंगे तो गुस्से में लाल हुआ ईरान, तान दीं मिसाइलें, जानें क्यों ईरान-अमेरिका में बढ़ी टेंशन
JAGRAN DESK
डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने की लगातार चेतावनी मिल रही है. इसी सिलसिले में अब ईरान का जवाब आया है.
न्यूक्लियर डील को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का ईरान ने जवाब दे दिया है. ईरान ने अपनी मिसाइलों को तैनात करना शुरू कर दिया है. तेहरान टाइम्स
की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने देश भर में भूमिगत सुविधाओं के भीतर अपनी मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए तैयार मोड में रखा है, जो हवाई हमलों का सामना करने के लिए
डिजाइन की गई हैं. इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका से संबंधित ठिकानों पर भी हमला किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (30 मार्च) को ही ईरान को नए सिरे से धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान परमाणु समझौते को स्वीकार करने से
इनकार करता है, तो उस पर बमबारी भी की जा सकती है. उन्होंने एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, 'अगर वे कोई सौदा नहीं करते हैं, तो बमबारी होगी और यह ऐसी
बमबारी होगी, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी.'
ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग तेज कर दी है. अमेरिका साफ कर चुका है कि वह ईरान को अपना
परमाणु कार्यक्रम विकसित करने और परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकता. इसी क्रम में ट्रंप की यह ताजा धमकी आई है. हालांकि इसके जवाब में ईरान की ओर से भी बैक टू बैक प्रतिक्रिया आई.
ईरानी नेताओं के जवाब
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने जवाब दिया कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो आसपास के अमेरिका के सभी ठिकाने, चाहे वो कुवैत, कतर, बहरीन या यूएई कहीं भी हों, सुरक्षित नहीं रहेंगे. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम बातचीत से नहीं बचते लेकिन वादों का उल्लंघन असली परेशानी है, जो हमारे लिए दिक्कत पैदा करती है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को पहले यह साबित करना होगा कि वे आपसी विश्वास का निर्माण कर सकते हैं.
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न्यूक्लियर डील को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का ईरान ने जवाब दे दिया है. ईरान ने अपनी मिसाइलों को तैनात करना शुरू कर दिया है. तेहरान टाइम्स
की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने देश भर में भूमिगत सुविधाओं के भीतर अपनी मिसाइलों को लॉन्च करने के लिए तैयार मोड में रखा है, जो हवाई हमलों का सामना करने के लिए
डिजाइन की गई हैं. इस रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका से संबंधित ठिकानों पर भी हमला किए जाने की पूरी तैयारी चल रही है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (30 मार्च) को ही ईरान को नए सिरे से धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान परमाणु समझौते को स्वीकार करने से
इनकार करता है, तो उस पर बमबारी भी की जा सकती है. उन्होंने एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, 'अगर वे कोई सौदा नहीं करते हैं, तो बमबारी होगी और यह ऐसी
बमबारी होगी, जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी.'
ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग तेज कर दी है. अमेरिका साफ कर चुका है कि वह ईरान को अपना
परमाणु कार्यक्रम विकसित करने और परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकता. इसी क्रम में ट्रंप की यह ताजा धमकी आई है. हालांकि इसके जवाब में ईरान की ओर से भी बैक टू बैक प्रतिक्रिया आई.
ईरानी नेताओं के जवाब
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने जवाब दिया कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो आसपास के अमेरिका के सभी ठिकाने, चाहे वो कुवैत, कतर, बहरीन या यूएई कहीं भी हों, सुरक्षित नहीं रहेंगे. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम बातचीत से नहीं बचते लेकिन वादों का उल्लंघन असली परेशानी है, जो हमारे लिए दिक्कत पैदा करती है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को पहले यह साबित करना होगा कि वे आपसी विश्वास का निर्माण कर सकते हैं.
