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ऑस्कर 2027 के लिए भारत की फिल्म आज चुनी जाएगी, 2:30 बजे ऐलान
बालीवुड न्यूज़
मुंबई में FFI की बैठक, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के लिए भारतीय फिल्म का चयन होगा; पिछले साल ‘होमबाउंड’ भेजी गई थी
भारत की ओर से ऑस्कर 2027 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए कौन-सी फिल्म जाएगी, इसका ऐलान आज मुंबई में किया जाएगा। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी FFI की ओर से दोपहर 2:30 बजे द क्लब में यह घोषणा की जानी है। इस बार भारतीय सिनेमा की कई फिल्मों के बीच मुकाबला रहा है और चयन समिति की प्रक्रिया के बाद एक फिल्म को देश की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना जाएगा। 99वें अकादमी अवॉर्ड्स का आयोजन 14 मार्च 2027 को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगा। अकादमी के मुताबिक इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की ओर से एक आधिकारिक फिल्म भेजी जा सकती है और इसके लिए देश की मान्यता प्राप्त चयन समिति का फैसला जरूरी है।
इस कैटेगरी के लिए 30 सितंबर 2026 सबमिशन की अंतिम तारीख है। पिछले साल भारत की तरफ से ‘होमबाउंड’ को चुना गया था। नीरज घायवान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म को करण जौहर और अदार पूनावाला की धर्मा प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया था। ‘होमबाउंड’ का आधार बशारत पीर का 2020 में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित लेख ‘टेकिंग अमृत होम’ था। फिल्म की कहानी उत्तर भारत के एक छोटे गांव के दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पुलिस की नौकरी हासिल कर अपनी जिंदगी में सम्मान और बेहतर स्थिति पाने की कोशिश करते हैं। फिल्म को कान्स और टोरंटो जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी जगह मिली थी। 2025 में भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए अलग-अलग भारतीय भाषाओं की 24 फिल्मों पर विचार किया गया था। उस समय चयन समिति की कमान एन चंद्रा के पास थी।
उन्होंने चयन को मुश्किल बताते हुए कहा था कि समिति के सामने ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने लोगों की जिंदगी को छुआ। इस बार भी फिल्म इंडस्ट्री की नजर इस बात पर है कि चयन समिति किस फिल्म को भारत की तरफ से भेजती है। ऑस्कर की दौड़ में जाने वाली फिल्म के लिए सिर्फ भारत में लोकप्रिय होना ही काफी नहीं होता, बल्कि कहानी, निर्देशन, तकनीकी स्तर और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच जैसे पहलू भी अहम माने जाते हैं। अकादमी के मौजूदा नियमों के मुताबिक इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में गैर-अंग्रेजी भाषा की फिल्म को किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय चयन समिति के जरिए भेजा जा सकता है। इस बार नियमों में एक और रास्ता भी जोड़ा गया है, जिसके तहत कुछ निर्धारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में खास पुरस्कार जीतने वाली फिल्म सीधे विचार के लिए पात्र हो सकती है।
पिछली बार भारत की तरफ से चुनी गई ‘होमबाउंड’ को लेकर भी ऑस्कर सीजन में काफी चर्चा रही थी। फिल्म में सामाजिक असमानता, दोस्ती, पहचान और बेहतर जिंदगी की तलाश जैसे मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया गया था। ईशान खट्टर और विशाल जेठवा के अलावा फिल्म में जाह्नवी कपूर भी अहम भूमिका में थीं। नीरज घायवान इससे पहले ‘मसान’ जैसी चर्चित फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने ‘गीली पुच्ची’ और ‘जूस’ जैसे प्रोजेक्ट्स भी बनाए हैं। ‘होमबाउंड’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती सराहना मिली, लेकिन यहां एक बात साफ करना जरूरी है कि फिल्म 2026 के ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री तो बनी थी, मगर वह इंटरनेशनल फीचर फिल्म की अंतिम शॉर्टलिस्ट यानी टॉप 15 में जगह नहीं बना सकी थी। इसलिए इसे टॉप 15 तक पहुंचने वाली फिल्म बताना सही नहीं होगा। आज घोषित होने वाली 2027 की भारतीय एंट्री के सामने अब अगला चरण अंतरराष्ट्रीय ऑस्कर रेस का होगा। अकादमी ने 99वें ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट की घोषणा 15 दिसंबर 2026 को तय की है, जबकि नॉमिनेशन का ऐलान 21 जनवरी 2027 को किया जाएगा।
इसके बाद अंतिम मतदान की प्रक्रिया चलेगी और 14 मार्च को अवॉर्ड सेरेमनी होगी। इस बीच भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कई फिल्मों के नाम को लेकर चर्चा चल रही है। आधिकारिक चयन होने तक किसी फिल्म को भारत की ऑस्कर एंट्री कहना जल्दबाजी होगी। FFI की घोषणा के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि इस बार देश किस फिल्म के साथ इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में उतर रहा है। चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनी गई फिल्म को अकादमी के नियमों के मुताबिक जरूरी दस्तावेज और सामग्री के साथ सबमिट किया जाएगा। इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए फिल्म का पात्रता
अवधि में रिलीज होना और तय नियमों को पूरा करना जरूरी है। अकादमी के नियमों के अनुसार 99वें ऑस्कर के लिए इस कैटेगरी की सबमिशन डेडलाइन 30 सितंबर 2026 है। मुंबई में दोपहर होने वाली घोषणा इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके साथ भारतीय फिल्मों की ऑस्कर 2027 की आधिकारिक दौड़ शुरू हो जाएगी। चयनित फिल्म को आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार और स्क्रीनिंग के दौर से गुजरना होगा। अभी निगाहें FFI के ऐलान पर हैं कि इस बार समिति किस फिल्म को देश की ओर से भेजने का फैसला करती है।
ऑस्कर 2027 के लिए भारत की फिल्म आज चुनी जाएगी, 2:30 बजे ऐलान
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भारत की ओर से ऑस्कर 2027 में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए कौन-सी फिल्म जाएगी, इसका ऐलान आज मुंबई में किया जाएगा। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी FFI की ओर से दोपहर 2:30 बजे द क्लब में यह घोषणा की जानी है। इस बार भारतीय सिनेमा की कई फिल्मों के बीच मुकाबला रहा है और चयन समिति की प्रक्रिया के बाद एक फिल्म को देश की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना जाएगा। 99वें अकादमी अवॉर्ड्स का आयोजन 14 मार्च 2027 को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगा। अकादमी के मुताबिक इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की ओर से एक आधिकारिक फिल्म भेजी जा सकती है और इसके लिए देश की मान्यता प्राप्त चयन समिति का फैसला जरूरी है।
इस कैटेगरी के लिए 30 सितंबर 2026 सबमिशन की अंतिम तारीख है। पिछले साल भारत की तरफ से ‘होमबाउंड’ को चुना गया था। नीरज घायवान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म को करण जौहर और अदार पूनावाला की धर्मा प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया था। ‘होमबाउंड’ का आधार बशारत पीर का 2020 में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित लेख ‘टेकिंग अमृत होम’ था। फिल्म की कहानी उत्तर भारत के एक छोटे गांव के दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पुलिस की नौकरी हासिल कर अपनी जिंदगी में सम्मान और बेहतर स्थिति पाने की कोशिश करते हैं। फिल्म को कान्स और टोरंटो जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी जगह मिली थी। 2025 में भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए अलग-अलग भारतीय भाषाओं की 24 फिल्मों पर विचार किया गया था। उस समय चयन समिति की कमान एन चंद्रा के पास थी।
उन्होंने चयन को मुश्किल बताते हुए कहा था कि समिति के सामने ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने लोगों की जिंदगी को छुआ। इस बार भी फिल्म इंडस्ट्री की नजर इस बात पर है कि चयन समिति किस फिल्म को भारत की तरफ से भेजती है। ऑस्कर की दौड़ में जाने वाली फिल्म के लिए सिर्फ भारत में लोकप्रिय होना ही काफी नहीं होता, बल्कि कहानी, निर्देशन, तकनीकी स्तर और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच जैसे पहलू भी अहम माने जाते हैं। अकादमी के मौजूदा नियमों के मुताबिक इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में गैर-अंग्रेजी भाषा की फिल्म को किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय चयन समिति के जरिए भेजा जा सकता है। इस बार नियमों में एक और रास्ता भी जोड़ा गया है, जिसके तहत कुछ निर्धारित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में खास पुरस्कार जीतने वाली फिल्म सीधे विचार के लिए पात्र हो सकती है।
पिछली बार भारत की तरफ से चुनी गई ‘होमबाउंड’ को लेकर भी ऑस्कर सीजन में काफी चर्चा रही थी। फिल्म में सामाजिक असमानता, दोस्ती, पहचान और बेहतर जिंदगी की तलाश जैसे मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया गया था। ईशान खट्टर और विशाल जेठवा के अलावा फिल्म में जाह्नवी कपूर भी अहम भूमिका में थीं। नीरज घायवान इससे पहले ‘मसान’ जैसी चर्चित फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। उन्होंने ‘गीली पुच्ची’ और ‘जूस’ जैसे प्रोजेक्ट्स भी बनाए हैं। ‘होमबाउंड’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती सराहना मिली, लेकिन यहां एक बात साफ करना जरूरी है कि फिल्म 2026 के ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री तो बनी थी, मगर वह इंटरनेशनल फीचर फिल्म की अंतिम शॉर्टलिस्ट यानी टॉप 15 में जगह नहीं बना सकी थी। इसलिए इसे टॉप 15 तक पहुंचने वाली फिल्म बताना सही नहीं होगा। आज घोषित होने वाली 2027 की भारतीय एंट्री के सामने अब अगला चरण अंतरराष्ट्रीय ऑस्कर रेस का होगा। अकादमी ने 99वें ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट की घोषणा 15 दिसंबर 2026 को तय की है, जबकि नॉमिनेशन का ऐलान 21 जनवरी 2027 को किया जाएगा।
इसके बाद अंतिम मतदान की प्रक्रिया चलेगी और 14 मार्च को अवॉर्ड सेरेमनी होगी। इस बीच भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कई फिल्मों के नाम को लेकर चर्चा चल रही है। आधिकारिक चयन होने तक किसी फिल्म को भारत की ऑस्कर एंट्री कहना जल्दबाजी होगी। FFI की घोषणा के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि इस बार देश किस फिल्म के साथ इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में उतर रहा है। चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनी गई फिल्म को अकादमी के नियमों के मुताबिक जरूरी दस्तावेज और सामग्री के साथ सबमिट किया जाएगा। इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए फिल्म का पात्रता
अवधि में रिलीज होना और तय नियमों को पूरा करना जरूरी है। अकादमी के नियमों के अनुसार 99वें ऑस्कर के लिए इस कैटेगरी की सबमिशन डेडलाइन 30 सितंबर 2026 है। मुंबई में दोपहर होने वाली घोषणा इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके साथ भारतीय फिल्मों की ऑस्कर 2027 की आधिकारिक दौड़ शुरू हो जाएगी। चयनित फिल्म को आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार और स्क्रीनिंग के दौर से गुजरना होगा। अभी निगाहें FFI के ऐलान पर हैं कि इस बार समिति किस फिल्म को देश की ओर से भेजने का फैसला करती है।
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