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सोना फिर चढ़ा, 10 ग्राम का भाव 1.52 लाख के पार
Digital Desk
अगस्त में अब तक 9,630 रुपए महंगा हुआ सोना, चांदी भी 2.34 लाख रुपए किलो के करीब पहुंची
सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार 11 अगस्त को एक बार फिर तेजी देखने को मिली। बुलियन मार्केट में खरीदारी का दबाव बढ़ने के साथ 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 1,52,000 रुपए के आसपास पहुंच गया। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक सोने की कीमत में आज 1,849 रुपए की बढ़त दर्ज की गई। यानी जिन लोगों ने महीने की शुरुआत में सोने का भाव देखा था, उनके लिए सिर्फ कुछ दिनों में ही कीमत में बड़ा अंतर आ गया है। अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में सोना करीब 9,630 रुपए महंगा हो चुका है। चांदी में भी तेजी का सिलसिला बना हुआ है और एक किलो का भाव करीब 2.34 लाख रुपए तक पहुंच गया है।
महीने की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमत में करीब 15,985 रुपए की बढ़ोतरी बताई जा रही है। बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव ऊपर जाने से ज्वेलरी खरीदने वालों के साथ निवेशकों की नजर भी रोज के रेट पर बनी हुई है। IBJA की दरें बुलियन मार्केट के लिए बेंचमार्क मानी जाती हैं और संस्था रोजाना सोने-चांदी के indicative rates जारी करती है। हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि IBJA के बताए बेंचमार्क रेट में 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए ज्वेलरी की दुकान पर ग्राहक को मिलने वाला अंतिम बिल इससे ज्यादा हो सकता है।
अगस्त में सोने की लगातार बढ़ती कीमत ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। महीने की शुरुआत से अब तक 9,630 रुपए की तेजी का मतलब है कि 10 ग्राम सोने की कीमत में कुछ ही दिनों में काफी बड़ा उछाल आया है। चांदी की चाल तो इससे भी तेज रही है। एक किलो चांदी करीब 15,985 रुपए ऊपर जा चुकी है। बाजार में चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषणों तक सीमित नहीं है। इंडस्ट्रियल डिमांड भी इसके भाव को प्रभावित करती है, इसलिए इसके रेट में अचानक होने वाली तेजी का असर बुलियन कारोबार पर साफ दिखाई देता है। दूसरी तरफ सोने को लेकर घरेलू बाजार में खरीदारी का रुझान बना हुआ है। शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन से पहले आमतौर पर ज्वेलरी की मांग पर नजर रहती है, हालांकि ऊंचे भाव पर ग्राहक अपनी खरीदारी को टालते भी हैं।
यही वजह है कि ज्वेलर्स के लिए इस समय रोज के रेट में बदलाव काफी मायने रखता है। मंगलवार की तेजी ऐसे समय आई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। हाल की रिपोर्टों में वैश्विक अनिश्चितता, निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की तरफ बढ़ती दिलचस्पी और आर्थिक परिस्थितियों को कीमती धातुओं की तेजी से जोड़ा गया है। पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तेजी एक दिन की घटना नहीं है। अगस्त के शुरुआती कारोबारी दिनों में सोने और चांदी दोनों में लगातार ऊपर-नीचे का दौर रहा, लेकिन कुल मिलाकर कीमतें ऊंची तरफ गई हैं। 5 अगस्त की रिपोर्ट में भी सोने के दो दिनों में करीब 4,000 रुपए महंगा होने और चांदी में करीब 10,500 रुपए की तेजी का जिक्र किया गया था।
इसके बाद भी कीमतों में मजबूती बनी रही। अब 11 अगस्त को सोने का भाव 1.52 लाख रुपए के स्तर के पार और चांदी 2.34 लाख रुपए के आसपास पहुंच गई है। शहरों में ज्वेलरी का रेट हालांकि एक जैसा नहीं होता। स्थानीय मांग, ज्वेलर का प्रीमियम, मेकिंग चार्ज और टैक्स की वजह से अंतिम कीमत में अंतर रह सकता है। इसलिए सिर्फ IBJA का बेस रेट देखकर दुकान पर मिलने वाली कीमत का अंदाजा लगाना ठीक नहीं होगा। IBJA खुद अपनी रिटेल indicative rates को GST और मेकिंग चार्ज से अलग बताता है।
तेजी का असर उन ग्राहकों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है, जिन्हें इस महीने सोना या चांदी खरीदनी है। अगर किसी परिवार को शादी के लिए आभूषण तैयार कराने हैं तो बढ़ती कीमत के साथ कुल बजट भी तेजी से बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर सोने की कीमत में कुछ हजार रुपए का अंतर भी 50 या 100 ग्राम की खरीदारी पर बड़ी रकम में बदल जाता है। इसी तरह चांदी के बर्तन, सिक्के और अन्य सामान खरीदने वालों को भी मौजूदा भाव का असर देखने को मिल रहा है।
बाजार में निवेश करने वाले लोग भी सोने और चांदी की चाल पर नजर रखते हैं, लेकिन दोनों धातुओं की कीमतों में रोजाना बदलाव हो सकता है। मंगलवार की बढ़त के बाद अब सोना 1,52,000 रुपए के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी का भाव करीब 2,34,000 रुपए प्रति किलो है। अगस्त में अब तक सोने की 9,630 रुपए और चांदी की 15,985 रुपए की तेजी के आंकड़े इस महीने की रफ्तार को साफ दिखाते हैं। देश के अलग-अलग सर्राफा बाजारों में वास्तविक बिक्री दर इससे कुछ अलग रह सकती है।
IBJA के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक उसके बेंचमार्क रेट सोने और चांदी की दैनिक कीमतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और ऐतिहासिक रेट भी उपलब्ध कराए जाते हैं। ऊंची कीमतों के बीच ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कैरेट, वजन, मेकिंग चार्ज और GST को अलग-अलग समझना भी जरूरी है, क्योंकि केवल 24 कैरेट के बेस रेट से पूरी ज्वेलरी की कीमत तय नहीं होती। दुकानों पर 22 कैरेट और दूसरी शुद्धता के सोने के रेट अलग रहते हैं। अभी बुलियन बाजार में सोने और चांदी दोनों के भाव ऊंचे बने हुए हैं और रोजाना के कारोबार में मामूली बदलाव भी हजारों रुपए के अंतर में दिखाई दे रहा है।
सोना फिर चढ़ा, 10 ग्राम का भाव 1.52 लाख के पार
Digital Desk
सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार 11 अगस्त को एक बार फिर तेजी देखने को मिली। बुलियन मार्केट में खरीदारी का दबाव बढ़ने के साथ 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर 1,52,000 रुपए के आसपास पहुंच गया। IBJA के आंकड़ों के मुताबिक सोने की कीमत में आज 1,849 रुपए की बढ़त दर्ज की गई। यानी जिन लोगों ने महीने की शुरुआत में सोने का भाव देखा था, उनके लिए सिर्फ कुछ दिनों में ही कीमत में बड़ा अंतर आ गया है। अगस्त के शुरुआती 10 दिनों में सोना करीब 9,630 रुपए महंगा हो चुका है। चांदी में भी तेजी का सिलसिला बना हुआ है और एक किलो का भाव करीब 2.34 लाख रुपए तक पहुंच गया है।
महीने की शुरुआत से अब तक चांदी की कीमत में करीब 15,985 रुपए की बढ़ोतरी बताई जा रही है। बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव ऊपर जाने से ज्वेलरी खरीदने वालों के साथ निवेशकों की नजर भी रोज के रेट पर बनी हुई है। IBJA की दरें बुलियन मार्केट के लिए बेंचमार्क मानी जाती हैं और संस्था रोजाना सोने-चांदी के indicative rates जारी करती है। हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि IBJA के बताए बेंचमार्क रेट में 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए ज्वेलरी की दुकान पर ग्राहक को मिलने वाला अंतिम बिल इससे ज्यादा हो सकता है।
अगस्त में सोने की लगातार बढ़ती कीमत ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। महीने की शुरुआत से अब तक 9,630 रुपए की तेजी का मतलब है कि 10 ग्राम सोने की कीमत में कुछ ही दिनों में काफी बड़ा उछाल आया है। चांदी की चाल तो इससे भी तेज रही है। एक किलो चांदी करीब 15,985 रुपए ऊपर जा चुकी है। बाजार में चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषणों तक सीमित नहीं है। इंडस्ट्रियल डिमांड भी इसके भाव को प्रभावित करती है, इसलिए इसके रेट में अचानक होने वाली तेजी का असर बुलियन कारोबार पर साफ दिखाई देता है। दूसरी तरफ सोने को लेकर घरेलू बाजार में खरीदारी का रुझान बना हुआ है। शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन से पहले आमतौर पर ज्वेलरी की मांग पर नजर रहती है, हालांकि ऊंचे भाव पर ग्राहक अपनी खरीदारी को टालते भी हैं।
यही वजह है कि ज्वेलर्स के लिए इस समय रोज के रेट में बदलाव काफी मायने रखता है। मंगलवार की तेजी ऐसे समय आई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। हाल की रिपोर्टों में वैश्विक अनिश्चितता, निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की तरफ बढ़ती दिलचस्पी और आर्थिक परिस्थितियों को कीमती धातुओं की तेजी से जोड़ा गया है। पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तेजी एक दिन की घटना नहीं है। अगस्त के शुरुआती कारोबारी दिनों में सोने और चांदी दोनों में लगातार ऊपर-नीचे का दौर रहा, लेकिन कुल मिलाकर कीमतें ऊंची तरफ गई हैं। 5 अगस्त की रिपोर्ट में भी सोने के दो दिनों में करीब 4,000 रुपए महंगा होने और चांदी में करीब 10,500 रुपए की तेजी का जिक्र किया गया था।
इसके बाद भी कीमतों में मजबूती बनी रही। अब 11 अगस्त को सोने का भाव 1.52 लाख रुपए के स्तर के पार और चांदी 2.34 लाख रुपए के आसपास पहुंच गई है। शहरों में ज्वेलरी का रेट हालांकि एक जैसा नहीं होता। स्थानीय मांग, ज्वेलर का प्रीमियम, मेकिंग चार्ज और टैक्स की वजह से अंतिम कीमत में अंतर रह सकता है। इसलिए सिर्फ IBJA का बेस रेट देखकर दुकान पर मिलने वाली कीमत का अंदाजा लगाना ठीक नहीं होगा। IBJA खुद अपनी रिटेल indicative rates को GST और मेकिंग चार्ज से अलग बताता है।
तेजी का असर उन ग्राहकों पर ज्यादा दिखाई दे रहा है, जिन्हें इस महीने सोना या चांदी खरीदनी है। अगर किसी परिवार को शादी के लिए आभूषण तैयार कराने हैं तो बढ़ती कीमत के साथ कुल बजट भी तेजी से बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर सोने की कीमत में कुछ हजार रुपए का अंतर भी 50 या 100 ग्राम की खरीदारी पर बड़ी रकम में बदल जाता है। इसी तरह चांदी के बर्तन, सिक्के और अन्य सामान खरीदने वालों को भी मौजूदा भाव का असर देखने को मिल रहा है।
बाजार में निवेश करने वाले लोग भी सोने और चांदी की चाल पर नजर रखते हैं, लेकिन दोनों धातुओं की कीमतों में रोजाना बदलाव हो सकता है। मंगलवार की बढ़त के बाद अब सोना 1,52,000 रुपए के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी का भाव करीब 2,34,000 रुपए प्रति किलो है। अगस्त में अब तक सोने की 9,630 रुपए और चांदी की 15,985 रुपए की तेजी के आंकड़े इस महीने की रफ्तार को साफ दिखाते हैं। देश के अलग-अलग सर्राफा बाजारों में वास्तविक बिक्री दर इससे कुछ अलग रह सकती है।
IBJA के आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक उसके बेंचमार्क रेट सोने और चांदी की दैनिक कीमतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और ऐतिहासिक रेट भी उपलब्ध कराए जाते हैं। ऊंची कीमतों के बीच ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए कैरेट, वजन, मेकिंग चार्ज और GST को अलग-अलग समझना भी जरूरी है, क्योंकि केवल 24 कैरेट के बेस रेट से पूरी ज्वेलरी की कीमत तय नहीं होती। दुकानों पर 22 कैरेट और दूसरी शुद्धता के सोने के रेट अलग रहते हैं। अभी बुलियन बाजार में सोने और चांदी दोनों के भाव ऊंचे बने हुए हैं और रोजाना के कारोबार में मामूली बदलाव भी हजारों रुपए के अंतर में दिखाई दे रहा है।
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