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करोंद मंडी 8 दिन बंद, किसानों की बढ़ेगी परेशानी
भोपाल (म.प्र.)
27 मार्च से 5 अप्रैल तक सिर्फ 2 दिन खुलेगी मंडी, अनाज की खरीदी ठप रहने की आशंका
राजधानी भोपाल की प्रमुख करोंद अनाज मंडी आगामी दिनों में लंबे अवकाश के कारण लगभग ठप रहेगी। 27 मार्च से 5 अप्रैल के बीच मंडी कुल 10 दिनों में से 8 दिन बंद रहेगी। इस दौरान केवल 31 मार्च और 4 अप्रैल को ही मंडी खुलेगी। ऐसे में किसानों के लिए अपनी उपज बेच पाना मुश्किल हो जाएगा।
भोपाल ग्रेन मर्चेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के अनुसार, लगातार त्योहारों और बैंक अवकाशों के कारण यह स्थिति बनी है। 27 मार्च को रामनवमी से शुरू होकर 28 मार्च को बैंक अवकाश, 29 मार्च को रविवार और 30 मार्च को महावीर जयंती के चलते मंडी लगातार चार दिन बंद रहेगी।
चार दिन बाद 31 मार्च को मंडी एक दिन के लिए खुलेगी, जहां सीमित लेन-देन संभव होगा। इसके बाद फिर 1 अप्रैल को बैंक की वार्षिक लेखाबंदी, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और 3 अप्रैल को बैंक अवकाश के कारण मंडी में कामकाज नहीं होगा। 4 अप्रैल को शनिवार के दिन एक बार फिर मंडी खुलेगी, लेकिन 5 अप्रैल को रविवार होने से दोबारा बंद रहेगी।
किसानों पर असर
मंडी बंद रहने का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। इस समय गेहूं की आवक पहले से ही सीमित है और करीब 5 हजार बोरी तक ही पहुंच रही है। व्यापारी बताते हैं कि किसानों को फिलहाल 2200 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिल रहे हैं, जो कई किसानों को संतोषजनक नहीं लग रहे।
कई किसान सरकारी खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अप्रैल में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी शुरू होने की संभावना है, जिसके चलते किसान अभी अपनी उपज रोककर बैठे हैं। मंडी बंद रहने से यह इंतजार और लंबा हो सकता है।
व्यापार पर भी असर
मंडी में कामकाज सीमित रहने से व्यापारियों और हम्मालों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लगातार छुट्टियों के कारण ट्रांसपोर्ट और भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित होगी, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है।
व्यापारियों का कहना है कि 5 अप्रैल के बाद मंडी सामान्य रूप से खुलेगी और आवक बढ़ने की संभावना है। वहीं, सरकारी खरीदी शुरू होते ही मंडी में गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
यह स्थिति किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है। आने वाले दिनों में मौसम, सरकारी खरीदी और बाजार भाव तीनों ही यह तय करेंगे कि मंडी में कारोबार कितनी तेजी से पटरी पर लौटता है।
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करोंद मंडी 8 दिन बंद, किसानों की बढ़ेगी परेशानी
भोपाल (म.प्र.)
राजधानी भोपाल की प्रमुख करोंद अनाज मंडी आगामी दिनों में लंबे अवकाश के कारण लगभग ठप रहेगी। 27 मार्च से 5 अप्रैल के बीच मंडी कुल 10 दिनों में से 8 दिन बंद रहेगी। इस दौरान केवल 31 मार्च और 4 अप्रैल को ही मंडी खुलेगी। ऐसे में किसानों के लिए अपनी उपज बेच पाना मुश्किल हो जाएगा।
भोपाल ग्रेन मर्चेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के अनुसार, लगातार त्योहारों और बैंक अवकाशों के कारण यह स्थिति बनी है। 27 मार्च को रामनवमी से शुरू होकर 28 मार्च को बैंक अवकाश, 29 मार्च को रविवार और 30 मार्च को महावीर जयंती के चलते मंडी लगातार चार दिन बंद रहेगी।
चार दिन बाद 31 मार्च को मंडी एक दिन के लिए खुलेगी, जहां सीमित लेन-देन संभव होगा। इसके बाद फिर 1 अप्रैल को बैंक की वार्षिक लेखाबंदी, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और 3 अप्रैल को बैंक अवकाश के कारण मंडी में कामकाज नहीं होगा। 4 अप्रैल को शनिवार के दिन एक बार फिर मंडी खुलेगी, लेकिन 5 अप्रैल को रविवार होने से दोबारा बंद रहेगी।
किसानों पर असर
मंडी बंद रहने का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। इस समय गेहूं की आवक पहले से ही सीमित है और करीब 5 हजार बोरी तक ही पहुंच रही है। व्यापारी बताते हैं कि किसानों को फिलहाल 2200 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव मिल रहे हैं, जो कई किसानों को संतोषजनक नहीं लग रहे।
कई किसान सरकारी खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अप्रैल में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीदी शुरू होने की संभावना है, जिसके चलते किसान अभी अपनी उपज रोककर बैठे हैं। मंडी बंद रहने से यह इंतजार और लंबा हो सकता है।
व्यापार पर भी असर
मंडी में कामकाज सीमित रहने से व्यापारियों और हम्मालों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लगातार छुट्टियों के कारण ट्रांसपोर्ट और भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित होगी, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है।
व्यापारियों का कहना है कि 5 अप्रैल के बाद मंडी सामान्य रूप से खुलेगी और आवक बढ़ने की संभावना है। वहीं, सरकारी खरीदी शुरू होते ही मंडी में गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
यह स्थिति किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है। आने वाले दिनों में मौसम, सरकारी खरीदी और बाजार भाव तीनों ही यह तय करेंगे कि मंडी में कारोबार कितनी तेजी से पटरी पर लौटता है।
