मई में जीएसटी संग्रह में आई नरमी, अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे रहा आंकड़ा

Digital Desk

On

सरकारी आंकड़ों में आयात से राजस्व बढ़ने के संकेत, घरेलू कारोबार से टैक्स वसूली में हल्की गिरावट दर्ज

देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से जुड़े ताजा आंकड़ों में मई 2026 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक डेटा के मुताबिक, इस महीने कुल ₹1.94 लाख करोड़ का GST राजस्व प्राप्त हुआ। यह अप्रैल में दर्ज किए गए ऐतिहासिक उच्च स्तर की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम है। हालांकि वार्षिक आधार पर तुलना करें तो पिछले वर्ष के इसी महीने के मुकाबले इसमें हल्की बढ़त दिखाई दी है।

अप्रैल में GST संग्रह ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसके बाद मई के आंकड़ों में स्वाभाविक नरमी देखने को मिली। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में वित्तीय वर्ष की शुरुआत और वार्षिक समायोजन के कारण संग्रह आमतौर पर अधिक रहता है, जबकि मई में इसमें सामान्य गिरावट देखी जाती है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने के दौरान आयातित वस्तुओं पर टैक्स संग्रह में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। विदेशी सामानों के आयात से प्राप्त सकल GST राजस्व में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल संग्रह को मजबूती मिली। दूसरी ओर घरेलू लेनदेन से प्राप्त कर राजस्व में मामूली कमी दर्ज की गई।

विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार गतिविधियों में तेजी का संकेत मान रहे हैं। आयात आधारित राजस्व में उछाल यह दर्शाता है कि विदेशी उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है और व्यापारिक गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। अगर रिफंड एडजस्टमेंट के बाद के नेट आंकड़ों को देखा जाए तो आयात आधारित टैक्स वसूली में बेहतर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि घरेलू बाजार से शुद्ध राजस्व संग्रह कुछ कमजोर रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू उपभोग और व्यापारिक लेनदेन में अपेक्षाकृत धीमापन मौजूद है।

वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों का संयुक्त प्रदर्शन हालांकि सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। अप्रैल और मई को मिलाकर कुल GST संग्रह में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि शुरुआती महीनों में सरकार का राजस्व प्रवाह मजबूत बना हुआ है।

राज्यों के स्तर पर टैक्स संग्रह के आंकड़ों में अलग-अलग तस्वीर सामने आई है। कुछ राज्यों में GST संग्रह में मजबूत उछाल दर्ज हुआ, जबकि कई राज्यों में वृद्धि सीमित रही। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों के बड़े औद्योगिक राज्यों में मध्यम वृद्धि देखने को मिली।

विश्लेषकों के मुताबिक GST संग्रह को देश की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह आंकड़ा उपभोग, उत्पादन, व्यापारिक लेनदेन और टैक्स अनुपालन की स्थिति को दर्शाता है। जब संग्रह मजबूत होता है तो इसे आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत माना जाता है।

GST व्यवस्था के तहत संग्रहित राजस्व कई हिस्सों में बंटा होता है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और अंतरराज्यीय लेनदेन से जुड़ा हिस्सा शामिल होता है। इसके अलावा कुछ विशेष वस्तुओं पर अतिरिक्त उपकर भी लगाया जाता है, जिससे अलग-अलग योजनाओं और परियोजनाओं के लिए धन जुटाया जाता है।

सरकार ने जुलाई 2017 में GST व्यवस्था लागू कर देशभर की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एकीकृत किया था। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय करों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया, जिससे कारोबार करने की प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश की गई।

हाल के वर्षों में GST संग्रह लगातार नए स्तर छू रहा है। डिजिटल टैक्स अनुपालन, ई-इनवॉइसिंग और बेहतर निगरानी व्यवस्था के कारण टैक्स आधार मजबूत हुआ है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ संग्रह में और सुधार देखने को मिल सकता है। मई के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि वैश्विक व्यापार परिस्थितियों और घरेलू मांग के बीच संतुलन का सीधा असर टैक्स संग्रह पर पड़ता है। आने वाले महीनों के डेटा से अर्थव्यवस्था की वास्तविक रफ्तार का और स्पष्ट संकेत मिलेगा।

---

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
01 Jun 2026 By priyanka

मई में जीएसटी संग्रह में आई नरमी, अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे रहा आंकड़ा

Digital Desk

देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था से जुड़े ताजा आंकड़ों में मई 2026 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक डेटा के मुताबिक, इस महीने कुल ₹1.94 लाख करोड़ का GST राजस्व प्राप्त हुआ। यह अप्रैल में दर्ज किए गए ऐतिहासिक उच्च स्तर की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम है। हालांकि वार्षिक आधार पर तुलना करें तो पिछले वर्ष के इसी महीने के मुकाबले इसमें हल्की बढ़त दिखाई दी है।

अप्रैल में GST संग्रह ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसके बाद मई के आंकड़ों में स्वाभाविक नरमी देखने को मिली। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में वित्तीय वर्ष की शुरुआत और वार्षिक समायोजन के कारण संग्रह आमतौर पर अधिक रहता है, जबकि मई में इसमें सामान्य गिरावट देखी जाती है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने के दौरान आयातित वस्तुओं पर टैक्स संग्रह में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। विदेशी सामानों के आयात से प्राप्त सकल GST राजस्व में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल संग्रह को मजबूती मिली। दूसरी ओर घरेलू लेनदेन से प्राप्त कर राजस्व में मामूली कमी दर्ज की गई।

विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार गतिविधियों में तेजी का संकेत मान रहे हैं। आयात आधारित राजस्व में उछाल यह दर्शाता है कि विदेशी उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है और व्यापारिक गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। अगर रिफंड एडजस्टमेंट के बाद के नेट आंकड़ों को देखा जाए तो आयात आधारित टैक्स वसूली में बेहतर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि घरेलू बाजार से शुद्ध राजस्व संग्रह कुछ कमजोर रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू उपभोग और व्यापारिक लेनदेन में अपेक्षाकृत धीमापन मौजूद है।

वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती दो महीनों का संयुक्त प्रदर्शन हालांकि सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। अप्रैल और मई को मिलाकर कुल GST संग्रह में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि शुरुआती महीनों में सरकार का राजस्व प्रवाह मजबूत बना हुआ है।

राज्यों के स्तर पर टैक्स संग्रह के आंकड़ों में अलग-अलग तस्वीर सामने आई है। कुछ राज्यों में GST संग्रह में मजबूत उछाल दर्ज हुआ, जबकि कई राज्यों में वृद्धि सीमित रही। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों के बड़े औद्योगिक राज्यों में मध्यम वृद्धि देखने को मिली।

विश्लेषकों के मुताबिक GST संग्रह को देश की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह आंकड़ा उपभोग, उत्पादन, व्यापारिक लेनदेन और टैक्स अनुपालन की स्थिति को दर्शाता है। जब संग्रह मजबूत होता है तो इसे आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत माना जाता है।

GST व्यवस्था के तहत संग्रहित राजस्व कई हिस्सों में बंटा होता है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और अंतरराज्यीय लेनदेन से जुड़ा हिस्सा शामिल होता है। इसके अलावा कुछ विशेष वस्तुओं पर अतिरिक्त उपकर भी लगाया जाता है, जिससे अलग-अलग योजनाओं और परियोजनाओं के लिए धन जुटाया जाता है।

सरकार ने जुलाई 2017 में GST व्यवस्था लागू कर देशभर की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एकीकृत किया था। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय करों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया, जिससे कारोबार करने की प्रक्रिया आसान बनाने की कोशिश की गई।

हाल के वर्षों में GST संग्रह लगातार नए स्तर छू रहा है। डिजिटल टैक्स अनुपालन, ई-इनवॉइसिंग और बेहतर निगरानी व्यवस्था के कारण टैक्स आधार मजबूत हुआ है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ संग्रह में और सुधार देखने को मिल सकता है। मई के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि वैश्विक व्यापार परिस्थितियों और घरेलू मांग के बीच संतुलन का सीधा असर टैक्स संग्रह पर पड़ता है। आने वाले महीनों के डेटा से अर्थव्यवस्था की वास्तविक रफ्तार का और स्पष्ट संकेत मिलेगा।

---

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/gst-collection-slowed-down-in-may-figure-was-almost-20/article-54678

खबरें और भी हैं

मई में जीएसटी संग्रह में आई नरमी, अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे रहा आंकड़ा

टाप न्यूज

मई में जीएसटी संग्रह में आई नरमी, अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे रहा आंकड़ा

सरकारी आंकड़ों में आयात से राजस्व बढ़ने के संकेत, घरेलू कारोबार से टैक्स वसूली में हल्की गिरावट दर्ज
बिजनेस 
मई में जीएसटी संग्रह में आई नरमी, अप्रैल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे रहा आंकड़ा

जून में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, अलग-अलग राज्यों में 11 दिनों तक प्रभावित रहेंगी शाखाएं

साप्ताहिक अवकाश के साथ क्षेत्रीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण बैंकिंग सेवाओं पर असर, ग्राहकों को पहले से योजना...
बिजनेस 
जून में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, अलग-अलग राज्यों में 11 दिनों तक प्रभावित रहेंगी शाखाएं

शेयर बाजार में चौथे दिन भी बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा

सरकारी बैंक और FMCG सेक्टर में भारी कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार पर बढ़ा दबाव
बिजनेस 
शेयर बाजार में चौथे दिन भी बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटा

पार्टी अनुशासन तोड़ने पर TMC की बड़ी कार्रवाई, दो विधायकों को संगठन से बाहर किया गया

नेतृत्व की बैठकों से दूरी और सार्वजनिक बयानों पर सख्त रुख, तृणमूल कांग्रेस ने संगठनात्मक अनुशासन का दिया संदेश
देश विदेश 
पार्टी अनुशासन तोड़ने पर TMC की बड़ी कार्रवाई, दो विधायकों को संगठन से बाहर किया गया

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.