JEE एडवांस्ड परिणाम में बिहार के छात्र ने हासिल की पहली रैंक, राजस्थान के कोचिंग संस्थानों का दबदबा कायम

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दिल्ली और राजस्थान के विद्यार्थियों ने शीर्ष स्थानों पर बनाई जगह, टॉप-10 में कई छात्रों ने कोटा में की तैयारी

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस्ड के नतीजे घोषित होते ही देशभर के छात्रों और कोचिंग संस्थानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस बार बिहार के छात्र शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि कठिन मेहनत और सही रणनीति से राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है।

दूसरे स्थान पर दिल्ली के कबीर छिल्लर रहे, जबकि राजस्थान के झुंझुनूं जिले के जतिन चाहर ने तीसरी रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। शीर्ष रैंकर्स की सूची में इस बार राजस्थान की मजबूत उपस्थिति ने एक बार फिर कोटा और अन्य कोचिंग केंद्रों की तैयारी प्रणाली को चर्चा में ला दिया है।

परिणामों के विश्लेषण से सामने आया है कि शीर्ष 10 रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों में से छह विद्यार्थियों ने राजस्थान के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से तैयारी की। यह आंकड़ा राज्य को देश के प्रमुख इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र के रूप में और मजबूत बनाता है।

रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद कोटा समेत कई शहरों के कोचिंग संस्थानों के बाहर जश्न का माहौल देखने को मिला। छात्र, शिक्षक और अभिभावक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सफलता का उत्सव मनाते नजर आए। कई संस्थानों ने अपने सफल छात्रों के पोस्टर और बैनर लगाकर उपलब्धि का प्रदर्शन किया।

शैक्षणिक विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष परीक्षा में कुल 1,79,694 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 56,880 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस प्रकार कुल सफलता प्रतिशत लगभग 31.65 फीसदी रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परीक्षा की प्रतिस्पर्धा इस बार भी बेहद कड़ी रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित लेकिन विश्लेषणात्मक रहा, जिसमें केवल रटने के बजाय अवधारणात्मक समझ और तार्किक सोच की गहरी परीक्षा ली गई। यही कारण रहा कि केवल वही छात्र बेहतर प्रदर्शन कर पाए जिन्होंने मजबूत बेसिक कॉन्सेप्ट्स के साथ लगातार अभ्यास किया।

इस वर्ष कटऑफ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सामान्य वर्ग के लिए कुल कटऑफ बढ़कर 92 अंक तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। पिछले सत्र के मुकाबले कटऑफ में लगभग 18 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

विषयवार न्यूनतम अंकों में भी इजाफा देखा गया। विशेष रूप से जनरल कैटेगरी के लिए सब्जेक्ट-वाइज कटऑफ में करीब 8 अंकों की वृद्धि ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार प्रतियोगिता का स्तर पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा।

शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कटऑफ में वृद्धि का सीधा संकेत है कि छात्रों का समग्र प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि तैयारी के तौर-तरीकों में बदलाव आया है और छात्र अब अधिक रणनीतिक तरीके से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

कोटा के कोचिंग संस्थानों ने इस परिणाम को अपनी शैक्षणिक पद्धति की सफलता बताया है। संस्थानों का कहना है कि विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट विश्लेषण और समयबद्ध अध्ययन योजना उपलब्ध कराई गई, जिसका सीधा असर परिणामों में दिखाई दिया।

टॉप रैंक हासिल करने वाले कई छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य distractions से दूरी बनाकर लगातार लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

JEE एडवांस्ड देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण केवल चुनिंदा विद्यार्थी ही सफलता प्राप्त कर पाते हैं। रैंक सूची जारी होने के साथ अब सफल छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया और सीट आवंटन की तैयारी शुरू हो गई है। विभिन्न IITs और तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए छात्रों को अपनी पसंद के संस्थान और शाखा का चयन करना होगा।

इस बार के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित किया कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिभाशाली छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। बिहार, दिल्ली और राजस्थान के छात्रों का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। कोचिंग हब के रूप में कोटा की भूमिका भी इस परिणाम के बाद फिर सुर्खियों में आ गई है। यहां की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षा उन्मुख माहौल ने कई छात्रों को शीर्ष रैंक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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01 Jun 2026 By priyanka

JEE एडवांस्ड परिणाम में बिहार के छात्र ने हासिल की पहली रैंक, राजस्थान के कोचिंग संस्थानों का दबदबा कायम

भारत

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस्ड के नतीजे घोषित होते ही देशभर के छात्रों और कोचिंग संस्थानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस बार बिहार के छात्र शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि कठिन मेहनत और सही रणनीति से राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है।

दूसरे स्थान पर दिल्ली के कबीर छिल्लर रहे, जबकि राजस्थान के झुंझुनूं जिले के जतिन चाहर ने तीसरी रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया। शीर्ष रैंकर्स की सूची में इस बार राजस्थान की मजबूत उपस्थिति ने एक बार फिर कोटा और अन्य कोचिंग केंद्रों की तैयारी प्रणाली को चर्चा में ला दिया है।

परिणामों के विश्लेषण से सामने आया है कि शीर्ष 10 रैंक प्राप्त करने वाले छात्रों में से छह विद्यार्थियों ने राजस्थान के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से तैयारी की। यह आंकड़ा राज्य को देश के प्रमुख इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र के रूप में और मजबूत बनाता है।

रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद कोटा समेत कई शहरों के कोचिंग संस्थानों के बाहर जश्न का माहौल देखने को मिला। छात्र, शिक्षक और अभिभावक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सफलता का उत्सव मनाते नजर आए। कई संस्थानों ने अपने सफल छात्रों के पोस्टर और बैनर लगाकर उपलब्धि का प्रदर्शन किया।

शैक्षणिक विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष परीक्षा में कुल 1,79,694 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 56,880 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इस प्रकार कुल सफलता प्रतिशत लगभग 31.65 फीसदी रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि परीक्षा की प्रतिस्पर्धा इस बार भी बेहद कड़ी रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित लेकिन विश्लेषणात्मक रहा, जिसमें केवल रटने के बजाय अवधारणात्मक समझ और तार्किक सोच की गहरी परीक्षा ली गई। यही कारण रहा कि केवल वही छात्र बेहतर प्रदर्शन कर पाए जिन्होंने मजबूत बेसिक कॉन्सेप्ट्स के साथ लगातार अभ्यास किया।

इस वर्ष कटऑफ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सामान्य वर्ग के लिए कुल कटऑफ बढ़कर 92 अंक तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। पिछले सत्र के मुकाबले कटऑफ में लगभग 18 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

विषयवार न्यूनतम अंकों में भी इजाफा देखा गया। विशेष रूप से जनरल कैटेगरी के लिए सब्जेक्ट-वाइज कटऑफ में करीब 8 अंकों की वृद्धि ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार प्रतियोगिता का स्तर पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा।

शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कटऑफ में वृद्धि का सीधा संकेत है कि छात्रों का समग्र प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि तैयारी के तौर-तरीकों में बदलाव आया है और छात्र अब अधिक रणनीतिक तरीके से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

कोटा के कोचिंग संस्थानों ने इस परिणाम को अपनी शैक्षणिक पद्धति की सफलता बताया है। संस्थानों का कहना है कि विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट विश्लेषण और समयबद्ध अध्ययन योजना उपलब्ध कराई गई, जिसका सीधा असर परिणामों में दिखाई दिया।

टॉप रैंक हासिल करने वाले कई छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य distractions से दूरी बनाकर लगातार लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

JEE एडवांस्ड देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण केवल चुनिंदा विद्यार्थी ही सफलता प्राप्त कर पाते हैं। रैंक सूची जारी होने के साथ अब सफल छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया और सीट आवंटन की तैयारी शुरू हो गई है। विभिन्न IITs और तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए छात्रों को अपनी पसंद के संस्थान और शाखा का चयन करना होगा।

इस बार के परिणामों ने एक बार फिर यह साबित किया कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिभाशाली छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। बिहार, दिल्ली और राजस्थान के छात्रों का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। कोचिंग हब के रूप में कोटा की भूमिका भी इस परिणाम के बाद फिर सुर्खियों में आ गई है। यहां की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षा उन्मुख माहौल ने कई छात्रों को शीर्ष रैंक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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