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भारत की 7.8% GDP ग्रोथ से अमेरिका निवेश की उम्मीद बढ़ी
Digital Desk
विनय क्वात्रा ने Nasdaq में भारत की 7.8% FY27 GDP वृद्धि को रेखांकित किया और अमेरिकी निवेशकों व टेक कंपनियों से साझेदारी बढ़ाने की अपील की।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने Nasdaq में भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को रेखांकित करते हुए अमेरिकी कंपनियों, निवेशकों और संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
भारत अपनी मजबूत आर्थिक वृद्धि को अमेरिका से निवेश और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने के लिए नए आधार के रूप में पेश कर रहा है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने Nasdaq में ओपनिंग बेल बजाने के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत वास्तविक GDP वृद्धि का उल्लेख किया और भारत-अमेरिका कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
क्वात्रा ने भारत की आर्थिक मजबूती को घरेलू मांग, उद्यमिता, डिजिटल क्षमताओं और युवा कार्यबल से जोड़ते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में विस्तार से अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों के लिए नए अवसर बन रहे हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब नई दिल्ली वैश्विक पूंजी आकर्षित करने और अमेरिकी कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नवाचार और कुशल प्रतिभा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रही है।
7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि
भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत वास्तविक GDP वृद्धि दर्ज की। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन ने सरकार के उस प्रयास को बल दिया है जिसके तहत भारत को वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश किया जा रहा है।
क्वात्रा ने भारत की आर्थिक परिवर्तन यात्रा में घरेलू मांग, उद्यमशीलता, डिजिटल क्षमता और युवा आबादी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इन क्षेत्रों की मजबूती भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में भी पेश करने में मदद कर रही है।
राजदूत ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए अमेरिकी कारोबार के साथ आगे और मजबूत आर्थिक जुड़ाव की संभावनाओं पर जोर दिया।
Nasdaq से साझेदारी का संदेश
Nasdaq में ओपनिंग बेल समारोह में क्वात्रा की भागीदारी ने भारत के निवेश अभियान में टेक्नोलॉजी और पूंजी बाजार की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
Nasdaq पर दुनिया की कई प्रमुख टेक्नोलॉजी और टेक्नोलॉजी-आधारित कंपनियां सूचीबद्ध हैं। ऐसे में वहां भारत की आर्थिक क्षमता और द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों की चर्चा अमेरिकी टेक सेक्टर तक सीधा संदेश पहुंचाने का माध्यम बनी।
क्वात्रा ने कहा कि Nasdaq से जुड़े तकनीकी नेतृत्व वाली कंपनियों के साथ साझेदारी भारत-अमेरिका संबंधों के मौजूदा और उभरते महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है।
उन्होंने टेक्नोलॉजी कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजी और कुशल पेशेवरों को दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के अहम हिस्से के रूप में रेखांकित किया।
अमेरिकी निवेशकों को न्योता
भारत अब अपनी आर्थिक गति को अमेरिकी कारोबार और निवेश के साथ और गहरा संबंध बनाने में इस्तेमाल करना चाहता है।
क्वात्रा ने अमेरिकी व्यवसायों, निवेशकों और संस्थानों के साथ और मजबूत साझेदारी की उम्मीद जताई। भारत की रणनीति में विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों को देश में अपने संचालन और निवेश का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है।
भारत खुद को बड़े उपभोक्ता बाजार के अलावा टेक्नोलॉजी विकास, डिजिटल सेवाओं, विनिर्माण और नवाचार के लिए भी महत्वपूर्ण आधार के रूप में स्थापित करना चाहता है।
7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि इस निवेश अभियान के लिए एक सकारात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है।
टेक्नोलॉजी बनी अहम कड़ी
भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों में टेक्नोलॉजी तेजी से महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रही है।
भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ा टेक्नोलॉजी कार्यबल और तेजी से विकसित होता स्टार्टअप इकोसिस्टम अमेरिकी कंपनियों के लिए सॉफ्टवेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पेमेंट, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में अवसर पैदा कर रहा है।
Nasdaq में क्वात्रा की टिप्पणियों ने संकेत दिया कि नई दिल्ली द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों के अगले चरण में तकनीकी सहयोग को केंद्रीय भूमिका देना चाहती है।
इसमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी और नए नवाचारों पर संयुक्त काम शामिल हो सकता है।
कुशल युवा कार्यबल ताकत
भारत की युवा और कुशल आबादी भी अमेरिकी निवेशकों के लिए देश की प्रमुख ताकतों में शामिल है।
बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पेशेवरों की उपलब्धता ने भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी और बिजनेस सर्विसेज के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।
क्वात्रा ने डिजिटल क्षमता और उद्यमिता के साथ कुशल प्रतिभा को भारत के आर्थिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में विस्तार का फायदा केवल घरेलू बाजार तक पहुंच नहीं है। देश का बड़ा तकनीकी कार्यबल भी कंपनियों को अनुसंधान, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल सेवाओं और अन्य उच्च-कौशल गतिविधियों के लिए आधार उपलब्ध करा सकता है।
G20 बैठक से मिला संदर्भ
Nasdaq कार्यक्रम ऐसे समय हुआ जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका में G20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रही थीं।
उनकी यात्रा ने भारत की आर्थिक नीति, निवेश और सुधार एजेंडे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने के लिए अतिरिक्त अवसर दिया।
एक ओर वित्त मंत्री वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा कर रही थीं, वहीं क्वात्रा अमेरिकी पूंजी बाजार और टेक्नोलॉजी समुदाय के सामने भारत की निवेश क्षमता को रेखांकित कर रहे थे।
दोनों गतिविधियां भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए आर्थिक विकास, निवेश और तकनीकी साझेदारी के अवसरों को सामने रखा जा रहा है।
भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति
Nasdaq में क्वात्रा की मौजूदगी का मुख्य संदेश यह रहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि अमेरिकी कारोबार और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
भारत के पास मजबूत घरेलू बाजार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी प्रतिभा और उद्यमिता का बढ़ता आधार है। वहीं अमेरिका के पास बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां, पूंजी और वैश्विक नवाचार का मजबूत नेटवर्क है। दोनों पक्षों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग आर्थिक रिश्तों को और व्यापक बना सकता है।
7.8 प्रतिशत की पहली तिमाही की GDP वृद्धि ने भारत के निवेश अभियान को अतिरिक्त गति दी है। हालांकि, आगे की चुनौती इस आर्थिक प्रदर्शन को लंबे समय तक बनाए रखने और अमेरिकी निवेश को वास्तविक परियोजनाओं और दीर्घकालिक साझेदारियों में बदलने की होगी।
नई दिल्ली की कोशिश अब स्पष्ट रूप से पूंजी, टेक्नोलॉजी और प्रतिभा को भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों के अगले चरण का आधार बनाने की है।
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