- Hindi News
- बिजनेस
- मलाबार समूह ने सीएसआर में दिखाई दरियादिली, 2025-26 के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित — ‘हंगर फ्री वर्ल्ड...
मलाबार समूह ने सीएसआर में दिखाई दरियादिली, 2025-26 के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित — ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के तहत 2.5 करोड़ भोजन देने का लक्ष्य
नई दिल्ली
देश और दुनिया में सामाजिक बदलाव की दिशा में अग्रसर मलाबार समूह ने एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती दी है। वर्ष 2025-26 के लिए समूह ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों के तहत 150 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। समूह की यह पहल स्वास्थ्य, शिक्षा, भूखमरी और गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और बेघरों के लिए आवास जैसे विविध सामाजिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए है।
‘हंगर फ्री वर्ल्ड’: हर दिन 70 हजार लोगों को भोजन
‘वर्ल्ड हंगर डे’ के अवसर पर मलाबार समूह ने घोषणा की कि वर्ष 2025-26 में भारत और जाम्बिया में रोजाना 70,000 लोगों को भोजन मुहैया कराया जाएगा। इस तरह साल भर में कुल 2.5 करोड़ भोजन वितरित किए जाएंगे। यह कदम ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ नामक सीएसआर प्रोग्राम के तहत उठाया गया है, जो कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य "शून्य भूख" (SDG-2) से मेल खाता है।
पिछले तीन वर्षों में इस योजना के माध्यम से पहले ही 2.5 करोड़ से अधिक भोजन बांटे जा चुके हैं। मलाबार समूह अपने सीएसआर बजट का 60% हिस्सा केवल इस खाद्य सुरक्षा मिशन को समर्पित कर चुका है।

डॉ. अमिताभ कांत ने किया नई सीएसआर योजनाओं का उद्घाटन
इस मौके पर नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी20 शेरपा डॉ. अमिताभ कांत ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मलाबार की नई सीएसआर योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मलाबार समूह के चेयरमैन एम.पी. अहमद, वाइस चेयरमैन के.पी. अब्दुल सलाम और मैनेजिंग डायरेक्टर ओ. अशर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
रसोई नहीं, सेवा केंद्र हैं ये हंगर फ्री केंद्र
भारत में 20 राज्यों में फैले 167 केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन 60,000 से अधिक लोगों को पौष्टिक भोजन वितरित किया जा रहा है। वहीं जाम्बिया में यह सुविधा तीन स्कूलों में 10,000 छात्रों तक पहुँचती है। यह संपूर्ण व्यवस्था स्वच्छता और पोषण की दृष्टि से अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
बच्चों और महिलाओं के लिए शिक्षा व आवास की योजनाएं
मलाबार समूह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष योगदान दिया है। समूह ने थनल संस्था के सहयोग से देशभर में 716 माइक्रो-लर्निंग केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 32,000 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और पोषण दिया जा रहा है। इनमें से 9,000 बच्चों को औपचारिक स्कूलों में दाखिला भी मिल चुका है। इसके साथ ही अब तक 1.14 लाख लड़कियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है।
महिलाओं के लिए ‘ग्रैंडमा होम्स’ नाम से चल रही पहल के तहत बेसहारा महिलाओं को आश्रय और देखभाल की सुविधा दी जा रही है। फिलहाल यह कार्यक्रम बेंगलुरु, केरल और हैदराबाद में संचालित है और जल्द ही इसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक विस्तारित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी योजना
स्वास्थ्य और आपदा राहत के क्षेत्र में समूह ने केरल के 140 स्थानों पर गैर-लाभकारी मेडिकल स्टोर खोलने की योजना बनाई है, जिनमें से 27 स्टोर पहले से ही कार्यरत हैं। इन स्टोर्स के माध्यम से रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
‘उयिरप्पु परियोजना’ और आपदा राहत
समूह की 'उयिरप्पु परियोजना' वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित बच्चों को उच्च शिक्षा में मदद देने का काम कर रही है। अभी तक 134 बच्चों को वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।


समाज सेवा की मिसाल बना मलाबार समूह
मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की स्थापना 1993 में हुई थी और यह मलाबार समूह की प्रमुख कंपनी है। कंपनी की वैश्विक उपस्थिति 13 देशों में 390 से अधिक शो रूम और मजबूत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए है। अपने मुनाफे का 5% हिस्सा मलाबार लगातार सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित करता आ रहा है।
मलाबार समूह की यह सभी पहलें न सिर्फ समाज की ज़रूरतों को संबोधित करती हैं बल्कि एक व्यापक सकारात्मक प्रभाव भी उत्पन्न कर रही हैं — जो वास्तव में एक ‘सार्थक सामाजिक निवेश’ की मिसाल बन चुकी हैं।
🔔 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें!
ताज़ा खबरें, विशेष रिपोर्ट्स और अपडेट्स अब सीधे आपके WhatsApp पर!
👉 लिंक पर क्लिक करें और चैनल को फॉलो करें:
https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
📱 या फिर नीचे दिए गए QR कोड को स्कैन करें और जुड़ जाएं हमारे साथ।

-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मलाबार समूह ने सीएसआर में दिखाई दरियादिली, 2025-26 के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित — ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के तहत 2.5 करोड़ भोजन देने का लक्ष्य
नई दिल्ली
‘हंगर फ्री वर्ल्ड’: हर दिन 70 हजार लोगों को भोजन
‘वर्ल्ड हंगर डे’ के अवसर पर मलाबार समूह ने घोषणा की कि वर्ष 2025-26 में भारत और जाम्बिया में रोजाना 70,000 लोगों को भोजन मुहैया कराया जाएगा। इस तरह साल भर में कुल 2.5 करोड़ भोजन वितरित किए जाएंगे। यह कदम ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ नामक सीएसआर प्रोग्राम के तहत उठाया गया है, जो कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य "शून्य भूख" (SDG-2) से मेल खाता है।
पिछले तीन वर्षों में इस योजना के माध्यम से पहले ही 2.5 करोड़ से अधिक भोजन बांटे जा चुके हैं। मलाबार समूह अपने सीएसआर बजट का 60% हिस्सा केवल इस खाद्य सुरक्षा मिशन को समर्पित कर चुका है।

डॉ. अमिताभ कांत ने किया नई सीएसआर योजनाओं का उद्घाटन
इस मौके पर नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी20 शेरपा डॉ. अमिताभ कांत ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में मलाबार की नई सीएसआर योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मलाबार समूह के चेयरमैन एम.पी. अहमद, वाइस चेयरमैन के.पी. अब्दुल सलाम और मैनेजिंग डायरेक्टर ओ. अशर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
रसोई नहीं, सेवा केंद्र हैं ये हंगर फ्री केंद्र
भारत में 20 राज्यों में फैले 167 केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन 60,000 से अधिक लोगों को पौष्टिक भोजन वितरित किया जा रहा है। वहीं जाम्बिया में यह सुविधा तीन स्कूलों में 10,000 छात्रों तक पहुँचती है। यह संपूर्ण व्यवस्था स्वच्छता और पोषण की दृष्टि से अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से संचालित की जा रही है।
बच्चों और महिलाओं के लिए शिक्षा व आवास की योजनाएं
मलाबार समूह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष योगदान दिया है। समूह ने थनल संस्था के सहयोग से देशभर में 716 माइक्रो-लर्निंग केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 32,000 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा और पोषण दिया जा रहा है। इनमें से 9,000 बच्चों को औपचारिक स्कूलों में दाखिला भी मिल चुका है। इसके साथ ही अब तक 1.14 लाख लड़कियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है।
महिलाओं के लिए ‘ग्रैंडमा होम्स’ नाम से चल रही पहल के तहत बेसहारा महिलाओं को आश्रय और देखभाल की सुविधा दी जा रही है। फिलहाल यह कार्यक्रम बेंगलुरु, केरल और हैदराबाद में संचालित है और जल्द ही इसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई तक विस्तारित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी योजना
स्वास्थ्य और आपदा राहत के क्षेत्र में समूह ने केरल के 140 स्थानों पर गैर-लाभकारी मेडिकल स्टोर खोलने की योजना बनाई है, जिनमें से 27 स्टोर पहले से ही कार्यरत हैं। इन स्टोर्स के माध्यम से रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
‘उयिरप्पु परियोजना’ और आपदा राहत
समूह की 'उयिरप्पु परियोजना' वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित बच्चों को उच्च शिक्षा में मदद देने का काम कर रही है। अभी तक 134 बच्चों को वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।


समाज सेवा की मिसाल बना मलाबार समूह
मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की स्थापना 1993 में हुई थी और यह मलाबार समूह की प्रमुख कंपनी है। कंपनी की वैश्विक उपस्थिति 13 देशों में 390 से अधिक शो रूम और मजबूत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए है। अपने मुनाफे का 5% हिस्सा मलाबार लगातार सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित करता आ रहा है।
मलाबार समूह की यह सभी पहलें न सिर्फ समाज की ज़रूरतों को संबोधित करती हैं बल्कि एक व्यापक सकारात्मक प्रभाव भी उत्पन्न कर रही हैं — जो वास्तव में एक ‘सार्थक सामाजिक निवेश’ की मिसाल बन चुकी हैं।
🔔 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें!
ताज़ा खबरें, विशेष रिपोर्ट्स और अपडेट्स अब सीधे आपके WhatsApp पर!
👉 लिंक पर क्लिक करें और चैनल को फॉलो करें:
https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
📱 या फिर नीचे दिए गए QR कोड को स्कैन करें और जुड़ जाएं हमारे साथ।

