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रीवा में बीहर नदी पुल की मरम्मत अटकी, प्रशासन अब तक तय नहीं कर पाया तारीख
रीवा (म.प्र.)
रीवा के बीहर नदी पुल की मरम्मत धीमी गति से जारी है। प्रशासन का 10 मई तक यातायात बहाल करने का दावा पूरा नहीं हो सका।
रीवा बायपास मार्ग पर बीहर नदी के ऊपर बने पुल की मरम्मत अब पहले से ज्यादा समय ले रही है। प्रशासन ने 10 मई तक पुल पर यातायात बहाल करने का दावा किया था, पर अब तक कुछ खास नहीं बदला है। वहां चल रहे काम को देखकर लगता है कि मरम्मत की प्रक्रिया बेहद धीमी है और तकनीकी कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। पुल की हालत पहले से और भी खराब हो गई है। बताया जा रहा है कि गर्डर उठाते समय एलाइनमेंट में दिक्कत आई है, जिससे इंजीनियरों के लिए नई चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं। अब स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुल कब तक खोला जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली से आई कंपनी डीजीसी इंफ्रा के इंजीनियरों ने पुल को पूरी तरह तोड़कर नया बनाने की सलाह दी थी। लेकिन आखिरी फैसला जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को लेना है। फिलहाल, कंपनी मरम्मत पर काम कर रही है, लेकिन काम की गति पर चर्चाएँ जारी हैं। कहा जा रहा है कि पुल के पिलरों के बीच गैप बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मरम्मत का काम देख रहे अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। उनके अनुसार, पुल को सुरक्षित बनाने में एक महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में जल्दी यातायात शुरू करना जोखिम भरा माना जा रहा है।
गौर तलब है कि 5 अप्रैल से इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई थी। जांच में पुल के बेयरिंग खराब पाए गए थे, गर्डर में दरार और पेयर कैप के क्षतिग्रस्त होने की भी बात सामने आई थी। तभी से मरम्मत का काम चल रहा है। दूसरी ओर, वैकल्पिक मार्ग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भारी वाहन अब शहर के भीतर से गुजर रहे हैं। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई जगहों पर जाम की स्थिति बन रही है, धूल और शोर का स्तर बढ़ गया है, और दुर्घटनाओं का खतरा भी है। स्थानीय लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द स्थिति स्पष्ट करे और सुरक्षित समाधान निकाले, क्योंकि रोज़ाना की आवाजाही अब लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
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रीवा में बीहर नदी पुल की मरम्मत अटकी, प्रशासन अब तक तय नहीं कर पाया तारीख
रीवा (म.प्र.)
रीवा बायपास मार्ग पर बीहर नदी के ऊपर बने पुल की मरम्मत अब पहले से ज्यादा समय ले रही है। प्रशासन ने 10 मई तक पुल पर यातायात बहाल करने का दावा किया था, पर अब तक कुछ खास नहीं बदला है। वहां चल रहे काम को देखकर लगता है कि मरम्मत की प्रक्रिया बेहद धीमी है और तकनीकी कठिनाइयाँ सामने आ रही हैं। पुल की हालत पहले से और भी खराब हो गई है। बताया जा रहा है कि गर्डर उठाते समय एलाइनमेंट में दिक्कत आई है, जिससे इंजीनियरों के लिए नई चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं। अब स्थानीय लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुल कब तक खोला जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली से आई कंपनी डीजीसी इंफ्रा के इंजीनियरों ने पुल को पूरी तरह तोड़कर नया बनाने की सलाह दी थी। लेकिन आखिरी फैसला जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को लेना है। फिलहाल, कंपनी मरम्मत पर काम कर रही है, लेकिन काम की गति पर चर्चाएँ जारी हैं। कहा जा रहा है कि पुल के पिलरों के बीच गैप बढ़ रहा है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मरम्मत का काम देख रहे अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। उनके अनुसार, पुल को सुरक्षित बनाने में एक महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में जल्दी यातायात शुरू करना जोखिम भरा माना जा रहा है।
गौर तलब है कि 5 अप्रैल से इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई थी। जांच में पुल के बेयरिंग खराब पाए गए थे, गर्डर में दरार और पेयर कैप के क्षतिग्रस्त होने की भी बात सामने आई थी। तभी से मरम्मत का काम चल रहा है। दूसरी ओर, वैकल्पिक मार्ग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण भारी वाहन अब शहर के भीतर से गुजर रहे हैं। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई जगहों पर जाम की स्थिति बन रही है, धूल और शोर का स्तर बढ़ गया है, और दुर्घटनाओं का खतरा भी है। स्थानीय लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द स्थिति स्पष्ट करे और सुरक्षित समाधान निकाले, क्योंकि रोज़ाना की आवाजाही अब लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
