RBI MPC मीटिंग, ग्लोबल तनाव से लेकर कच्चे तेल तक, शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये 5 फैक्टर

बिजनेस डेस्क

By Rohit.P
On

इस हफ्ते शेयर बाजार पर RBI MPC मीटिंग, कच्चा तेल और US-ईरान तनाव का असर दिख सकता है, निवेशकों के लिए अहम संकेत।

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक संकेतों ने निवेशकों के मन में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। अब आने वाला सप्ताह बाजार के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि कई ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर सामने हैं जो बाजार की चाल को पूरी तरह बदल सकते हैं।

RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी निगाहें

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू होने जा रही है। यह बैठक 6 से 8 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें ब्याज दरों, महंगाई और लिक्विडिटी जैसे अहम मुद्दों पर फैसला लिया जाएगा। बाजार को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आरबीआई का रुख बेहद अहम रहेगा। निवेशकों के लिए यह सप्ताह की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसलों का सीधा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और उसका असर

वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालिया घटनाओं और सख्त बयानों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर ग्लोबल निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ेगा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी ने भारत जैसे आयातक देश के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सप्लाई चेन में रुकावट और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यह स्थिति भारत के चालू खाता घाटे और महंगाई दोनों पर दबाव बना सकती है। महंगे कच्चे तेल का असर कंपनियों की लागत और उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ेगा, जिससे बाजार में नकारात्मक भावना बन सकती है।

रुपये में अस्थिरता और केंद्रीय बैंक की भूमिका

पिछले सप्ताह भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि बाद में इसमें सुधार भी देखने को मिला। आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से थोड़ी स्थिरता आई, लेकिन बाजार अभी भी सतर्क है। इस सप्ताह निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रुपया किस दिशा में जाता है और केंद्रीय बैंक इसे संभालने के लिए क्या कदम उठाता है। मुद्रा की अस्थिरता विदेशी निवेश और आयात लागत दोनों को प्रभावित कर सकती है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही भारी बिकवाली ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। पिछले महीने बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी देखी गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो बाजार में तेजी की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि विदेशी निवेश का रुख किस दिशा में जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
05 Apr 2026 By Rohit.P

RBI MPC मीटिंग, ग्लोबल तनाव से लेकर कच्चे तेल तक, शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये 5 फैक्टर

बिजनेस डेस्क

पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां प्रमुख सूचकांक लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितताओं और घरेलू आर्थिक संकेतों ने निवेशकों के मन में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी। अब आने वाला सप्ताह बाजार के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि कई ऐसे महत्वपूर्ण फैक्टर सामने हैं जो बाजार की चाल को पूरी तरह बदल सकते हैं।

RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी निगाहें

नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की पहली मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू होने जा रही है। यह बैठक 6 से 8 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें ब्याज दरों, महंगाई और लिक्विडिटी जैसे अहम मुद्दों पर फैसला लिया जाएगा। बाजार को उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच आरबीआई का रुख बेहद अहम रहेगा। निवेशकों के लिए यह सप्ताह की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसलों का सीधा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और उसका असर

वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालिया घटनाओं और सख्त बयानों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर ग्लोबल निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ेगा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी ने भारत जैसे आयातक देश के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सप्लाई चेन में रुकावट और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यह स्थिति भारत के चालू खाता घाटे और महंगाई दोनों पर दबाव बना सकती है। महंगे कच्चे तेल का असर कंपनियों की लागत और उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ेगा, जिससे बाजार में नकारात्मक भावना बन सकती है।

रुपये में अस्थिरता और केंद्रीय बैंक की भूमिका

पिछले सप्ताह भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि बाद में इसमें सुधार भी देखने को मिला। आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से थोड़ी स्थिरता आई, लेकिन बाजार अभी भी सतर्क है। इस सप्ताह निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि रुपया किस दिशा में जाता है और केंद्रीय बैंक इसे संभालने के लिए क्या कदम उठाता है। मुद्रा की अस्थिरता विदेशी निवेश और आयात लागत दोनों को प्रभावित कर सकती है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही भारी बिकवाली ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। पिछले महीने बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी देखी गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। यदि यह ट्रेंड जारी रहता है, तो बाजार में तेजी की उम्मीदें कमजोर पड़ सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी होगा कि विदेशी निवेश का रुख किस दिशा में जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/rbi-mpc-meeting-from-global-tension-to-crude-oil-these/article-50204

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.