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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भारत की प्रगति के लिए जरूरी: CM माणिक साहा
Digital Desk
Tripura CM Manik Saha ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए Quality Education जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को समाज निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके ज्ञान और मार्गदर्शन के महत्व पर जोर दिया।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने कहा है कि भारत की प्रगति के लिए Quality Education बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में विकसित और समृद्ध भारत का निर्माण शिक्षकों के ज्ञान, मार्गदर्शन और समर्पण के बिना संभव नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात 6 सितंबर को शिक्षकों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षण केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक महान और गौरवपूर्ण जिम्मेदारी है।
शिक्षकों की भूमिका अहम
माणिक साहा ने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान सर्वोपरि है। उनके अनुसार, शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषयों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को भी आकार देते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्वयं शिक्षक होने पर गर्व महसूस करते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनके बहुआयामी जीवन और करियर की नींव भी शिक्षण और शिक्षा के महान आदर्शों पर आधारित थी।
शिक्षा से बनेगा विकसित भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को आगे ले जाने में शिक्षा की भूमिका केंद्रीय है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जो उन्हें बदलती दुनिया की चुनौतियों का सामना करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां समझने में सक्षम बनाए।
शिक्षकों को सम्मान जरूरी
माणिक साहा ने शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों को तैयार करते हैं और उनका प्रभाव केवल स्कूल या कॉलेज तक सीमित नहीं रहता।
शिक्षकों द्वारा दिए गए ज्ञान, अनुशासन और मूल्यों का असर विद्यार्थियों के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में लंबे समय तक दिखाई देता है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ शिक्षकों की भूमिका और गरिमा को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को राज्य और देश के समग्र विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का लाभ लंबे समय में समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है।
उन्होंने आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। इसके लिए विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक कौशल और बदलती तकनीक की जानकारी देना भी महत्वपूर्ण है।
शिक्षक हैं समाज के मार्गदर्शक
माणिक साहा ने शिक्षकों को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सही दिशा देने तक सीमित नहीं है। शिक्षक नई पीढ़ी में सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था से ऐसे नागरिक तैयार किए जा सकते हैं, जो देश के आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास में योगदान दे सकें।
राधाकृष्णन के आदर्शों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन ने शिक्षक के रूप में अपनी पहचान को हमेशा गर्व के साथ स्वीकार किया।
उनके विचारों और जीवन से यह संदेश मिलता है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर समाज और राष्ट्र के निर्माण का साधन भी है।
शिक्षा से मजबूत होगा भारत
माणिक साहा ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सक्षम शिक्षक और बेहतर सीखने का वातावरण देश की युवा पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकते हैं।
त्रिपुरा सरकार भी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर देती रही है। मुख्यमंत्री का संदेश इसी व्यापक लक्ष्य की ओर संकेत करता है कि शिक्षा को विकास की आधारशिला बनाकर राज्य और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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