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नारा लोकेश के ‘राष्ट्र प्रथम’ विचार से प्रेरित, सांसद विजय चिंताकायला ने पहला वेतन सशस्त्र बलों को किया दान
नई दिल्ली, गुरुवार, 13 अगस्त 2026
आंध्र प्रदेश से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद विजय चिंताकायला ने आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर संसद सदस्य के रूप में मिला अपना पहला वेतन सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में दान किया है।
रक्षा मंत्री से मुलाकात के दौरान श्री विजय ने कहा कि संसद में अपने सफर की शुरुआत देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पहला वेतन देकर करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह दान देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और धन्यवाद का एक छोटा-सा प्रयास है।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष की स्थापना 13 अप्रैल 1993 को विभिन्न मौजूदा कल्याणकारी कोषों को मिलाकर की गई थी। यह कोष जरूरतमंद पूर्व सैनिकों, युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं, दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याण और पुनर्वास योजनाओं में सहायता प्रदान करता है।
विजय चिंताकायला ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, श्री नारा लोकेश जी अक्सर इस बात का उल्लेख करते रहे हैं कि माननीय प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के जवानों के साथ खड़े होकर उनके साथ 12 दिवाली मनाई हैं। राष्ट्र को प्रथम रखने और तेलुगु लोगों के आत्मसम्मान एवं गौरव को बनाए रखने को लेकर उनके विचारों ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला है। संसद में अपनी यात्रा की शुरुआत करते समय उन्होंने मुझे इस छोटे-से योगदान के लिए प्रेरित किया। मैं इस कदम को ऐसी नेतृत्व भावना के प्रति एक विनम्र प्रयास मानता हूं, जो व्यक्तिगत हित से पहले सेवा को प्राथमिकता देती है और मिलकर एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रही है।”
विजय चिंताकायला जून 2026 में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 25 जून 2026 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।
नारा लोकेश के ‘राष्ट्र प्रथम’ विचार से प्रेरित, सांसद विजय चिंताकायला ने पहला वेतन सशस्त्र बलों को किया दान
नई दिल्ली, गुरुवार, 13 अगस्त 2026
रक्षा मंत्री से मुलाकात के दौरान श्री विजय ने कहा कि संसद में अपने सफर की शुरुआत देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पहला वेतन देकर करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह दान देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और धन्यवाद का एक छोटा-सा प्रयास है।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष की स्थापना 13 अप्रैल 1993 को विभिन्न मौजूदा कल्याणकारी कोषों को मिलाकर की गई थी। यह कोष जरूरतमंद पूर्व सैनिकों, युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं, दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याण और पुनर्वास योजनाओं में सहायता प्रदान करता है।
विजय चिंताकायला ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, श्री नारा लोकेश जी अक्सर इस बात का उल्लेख करते रहे हैं कि माननीय प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा करने वाले सशस्त्र बलों के जवानों के साथ खड़े होकर उनके साथ 12 दिवाली मनाई हैं। राष्ट्र को प्रथम रखने और तेलुगु लोगों के आत्मसम्मान एवं गौरव को बनाए रखने को लेकर उनके विचारों ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला है। संसद में अपनी यात्रा की शुरुआत करते समय उन्होंने मुझे इस छोटे-से योगदान के लिए प्रेरित किया। मैं इस कदम को ऐसी नेतृत्व भावना के प्रति एक विनम्र प्रयास मानता हूं, जो व्यक्तिगत हित से पहले सेवा को प्राथमिकता देती है और मिलकर एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रही है।”
विजय चिंताकायला जून 2026 में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 25 जून 2026 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।
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