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- 14 अगस्त 2026 का पंचांग: सावन शुक्ल द्वितीया आज, शाम को तृतीया की शुरुआत; जानें राहुकाल और शुभ समय
14 अगस्त 2026 का पंचांग: सावन शुक्ल द्वितीया आज, शाम को तृतीया की शुरुआत; जानें राहुकाल और शुभ समय
धर्म डेस्क
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा चंद्रमा, सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर के अभिजीत मुहूर्त तक जानिए पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए खास समय
14 अगस्त 2026, शुक्रवार को सावन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि शाम 6:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। तृतीया तिथि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके अगले दिन 15 अगस्त को हरियाली तीज मनाई जाएगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र 15 अगस्त की सुबह करीब 3:42 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा के सिंह राशि में रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
नई दिल्ली के अनुसार 14 अगस्त को सूर्यदेव का उदय करीब सुबह 5:49 बजे होगा। सूर्यास्त का समय करीब शाम 7:02 बजे बताया गया है। शहर बदलने के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त और दूसरे मुहूर्तों में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा या किसी विशेष धार्मिक आयोजन के लिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।
आज का तिथि-नक्षत्र और योग
14 अगस्त को सावन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम तक रहेगी। इसके बाद तृतीया लग जाएगी।
- वार: शुक्रवार
- तिथि: शुक्ल द्वितीया, शाम 6:47 बजे तक
- अगली तिथि: शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
- चंद्र राशि: सिंह
- योग: परिघ, सुबह करीब 9:28 बजे तक
- इसके बाद: शिव योग
- करण: बालव सुबह करीब 7:40 बजे तक
- इसके बाद: कौलव, शाम 6:47 बजे तक
- शाम के बाद: तैतिल करण
पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और करण को दैनिक धार्मिक गणना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाता है।
राहुकाल कब रहेगा?
14 अगस्त को शुक्रवार होने के कारण नई दिल्ली में राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं में राहुकाल को नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि नियमित रूप से किए जाने वाले कामों पर इसका समान रूप से प्रतिबंध नहीं माना जाता है। दूसरे शहरों में राहुकाल का समय अलग हो सकता है।
अभिजीत मुहूर्त का समय
नई दिल्ली में 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक बताया गया है। अभिजीत मुहूर्त को कई धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। हालांकि इस दिन इसका कुछ समय राहुकाल के साथ पड़ रहा है। इसलिए किसी बड़े मांगलिक या महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल एक मुहूर्त के आधार पर फैसला करने के बजाय स्थानीय पंचांग की पूरी गणना देखना बेहतर माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और साधना
14 अगस्त को नई दिल्ली में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय ध्यान, योग, मंत्र जाप और पूजा-पाठ के लिए विशेष माना जाता है। सुबह के शांत वातावरण में कई लोग इसी अवधि में आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ दिन की शुरुआत करते हैं।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का महत्व
ज्योतिषीय परंपराओं में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र को सुख-सुविधा, रचनात्मकता, सौंदर्य और सामाजिक संबंधों से जोड़ा जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति के लिए नक्षत्र का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग-अलग माना जाता है। इसलिए केवल दैनिक पंचांग में दिए गए नक्षत्र या राशि के आधार पर व्यक्तिगत भविष्यवाणी करना उचित नहीं माना जाता।
15 अगस्त को हरियाली तीज
14 अगस्त की द्वितीया के बाद शाम से तृतीया शुरू हो जाएगी। इसी तृतीया तिथि के कारण अगले दिन 15 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। हरियाली तीज सावन महीने का प्रमुख पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। कई महिलाएं इस दिन व्रत रखकर दांपत्य सुख और परिवार की मंगलकामना करती हैं। अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से इस पर्व पर पूजा करती हैं।
संपत्ति खरीदने के लिए भी शुभ दिन
साप्ताहिक पंचांग में 14 अगस्त को संपत्ति खरीदने के लिए शुभ दिनों में शामिल किया गया है। हालांकि जमीन, मकान या अन्य बड़ी संपत्ति की खरीद के लिए व्यक्तिगत परिस्थितियों, स्थान और समय के अनुसार अलग मुहूर्त निकाला जा सकता है। इसी तरह गृह प्रवेश, विवाह या अन्य बड़े धार्मिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के आधार पर मुहूर्त देखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
14 अगस्त 2026 का पंचांग: सावन शुक्ल द्वितीया आज, शाम को तृतीया की शुरुआत; जानें राहुकाल और शुभ समय
धर्म डेस्क
14 अगस्त 2026, शुक्रवार को सावन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। पंचांग के अनुसार द्वितीया तिथि शाम 6:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। तृतीया तिथि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके अगले दिन 15 अगस्त को हरियाली तीज मनाई जाएगी। इस दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र 15 अगस्त की सुबह करीब 3:42 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा के सिंह राशि में रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
नई दिल्ली के अनुसार 14 अगस्त को सूर्यदेव का उदय करीब सुबह 5:49 बजे होगा। सूर्यास्त का समय करीब शाम 7:02 बजे बताया गया है। शहर बदलने के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त और दूसरे मुहूर्तों में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा या किसी विशेष धार्मिक आयोजन के लिए स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।
आज का तिथि-नक्षत्र और योग
14 अगस्त को सावन शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम तक रहेगी। इसके बाद तृतीया लग जाएगी।
- वार: शुक्रवार
- तिथि: शुक्ल द्वितीया, शाम 6:47 बजे तक
- अगली तिथि: शुक्ल तृतीया
- नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
- चंद्र राशि: सिंह
- योग: परिघ, सुबह करीब 9:28 बजे तक
- इसके बाद: शिव योग
- करण: बालव सुबह करीब 7:40 बजे तक
- इसके बाद: कौलव, शाम 6:47 बजे तक
- शाम के बाद: तैतिल करण
पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और करण को दैनिक धार्मिक गणना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाता है।
राहुकाल कब रहेगा?
14 अगस्त को शुक्रवार होने के कारण नई दिल्ली में राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा। पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं में राहुकाल को नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि नियमित रूप से किए जाने वाले कामों पर इसका समान रूप से प्रतिबंध नहीं माना जाता है। दूसरे शहरों में राहुकाल का समय अलग हो सकता है।
अभिजीत मुहूर्त का समय
नई दिल्ली में 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक बताया गया है। अभिजीत मुहूर्त को कई धार्मिक परंपराओं में शुभ माना जाता है। हालांकि इस दिन इसका कुछ समय राहुकाल के साथ पड़ रहा है। इसलिए किसी बड़े मांगलिक या महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल एक मुहूर्त के आधार पर फैसला करने के बजाय स्थानीय पंचांग की पूरी गणना देखना बेहतर माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और साधना
14 अगस्त को नई दिल्ली में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से 5:06 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय ध्यान, योग, मंत्र जाप और पूजा-पाठ के लिए विशेष माना जाता है। सुबह के शांत वातावरण में कई लोग इसी अवधि में आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ दिन की शुरुआत करते हैं।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का महत्व
ज्योतिषीय परंपराओं में पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र को सुख-सुविधा, रचनात्मकता, सौंदर्य और सामाजिक संबंधों से जोड़ा जाता है। हालांकि किसी व्यक्ति के लिए नक्षत्र का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग-अलग माना जाता है। इसलिए केवल दैनिक पंचांग में दिए गए नक्षत्र या राशि के आधार पर व्यक्तिगत भविष्यवाणी करना उचित नहीं माना जाता।
15 अगस्त को हरियाली तीज
14 अगस्त की द्वितीया के बाद शाम से तृतीया शुरू हो जाएगी। इसी तृतीया तिथि के कारण अगले दिन 15 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। हरियाली तीज सावन महीने का प्रमुख पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। कई महिलाएं इस दिन व्रत रखकर दांपत्य सुख और परिवार की मंगलकामना करती हैं। अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से इस पर्व पर पूजा करती हैं।
संपत्ति खरीदने के लिए भी शुभ दिन
साप्ताहिक पंचांग में 14 अगस्त को संपत्ति खरीदने के लिए शुभ दिनों में शामिल किया गया है। हालांकि जमीन, मकान या अन्य बड़ी संपत्ति की खरीद के लिए व्यक्तिगत परिस्थितियों, स्थान और समय के अनुसार अलग मुहूर्त निकाला जा सकता है। इसी तरह गृह प्रवेश, विवाह या अन्य बड़े धार्मिक कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के आधार पर मुहूर्त देखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
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