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स्वियातेक ने जीता नेशनल बैंक ओपन, रायबकिना को दी मात
स्पोर्ट्स डेस्क
टोरंटो फाइनल में 6-2, 6-3 से मिली जीत, 11 महीने बाद WTA खिताब अपने नाम किया; सीजन की पहली ट्रॉफी
इगा स्वियातेक ने आखिरकार इस सीजन का खिताबी सूखा खत्म कर दिया। पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने गुरुवार को नेशनल बैंक ओपन के फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त एलेना रायबकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराया। टोरंटो के हार्ड कोर्ट पर स्वियातेक शुरू से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए हुए थीं और रायबकिना को लय में आने का ज्यादा मौका नहीं दिया। यह 2026 में स्वियातेक का पहला WTA टूर खिताब है और करीब 11 महीने के इंतजार के बाद उन्हें कोई ट्रॉफी मिली है। इसके साथ ही उन्होंने रायबकिना के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड भी 7-3 कर लिया। इससे पहले इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में रायबकिना ने उन्हें हराया था। इस बार फाइनल में तस्वीर पूरी तरह अलग रही। स्वियातेक ने अपनी सर्विस पर नियंत्रण रखा और पूरे मैच में एक भी सर्विस गेम नहीं गंवाया।
पहले सेट में स्वियातेक ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। रायबकिना की सर्विस टूटते ही पोलिश खिलाड़ी ने स्कोरबोर्ड पर बढ़त बना ली और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सिर्फ 29 मिनट में पहला सेट 6-2 से उनके नाम रहा। दूसरे सेट में रायबकिना ने शुरुआत में मुकाबला बराबरी पर रखने की कोशिश की और स्कोर 2-2 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद स्वियातेक ने फिर सर्विस ब्रेक हासिल कर लिया। वहां से उन्होंने अपनी सर्विस को संभाले रखा और लगातार दबाव बनाए रखा। रायबकिना के लिए परेशानी यह रही कि वे महत्वपूर्ण मौकों पर कई अनफोर्स्ड एरर कर बैठीं। स्वियातेक ने मौके का फायदा उठाया और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच खत्म कर दिया।
यह जीत स्वियातेक के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी भर नहीं है। 2026 सीजन उनके लिए अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा था और ग्रैंड स्लैम में भी उन्हें शुरुआती दौर में कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टोरंटो आने से पहले वह इस साल पहली बार किसी WTA फाइनल में पहुंची थीं। सेमीफाइनल में उन्होंने एलिना स्वितोलिना को 6-3, 1-6, 6-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। उसके बाद रायबकिना जैसी मजबूत खिलाड़ी के खिलाफ सीधे सेटों में जीत ने स्वियातेक को एक बड़ा आत्मविश्वास दिया है। रायबकिना खुद इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची थीं और सेमीफाइनल में कोको गॉफ को 5-7, 6-2, 6-2 से हराया था। लेकिन फाइनल में लंबी रैलियों और बेसलाइन एक्सचेंज में स्वियातेक ने ज्यादा स्थिर खेल दिखाया।
टोरंटो की इस जीत के बाद स्वियातेक WTA रैंकिंग में फिर से टॉप-5 में लौटेंगी। वह दो स्थान की छलांग लगाकर पांचवें नंबर पर पहुंचेंगी, जबकि फाइनल हारने के बावजूद रायबकिना अपनी नंबर-2 रैंकिंग बरकरार रखेंगी। स्वियातेक के लिए यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनके करियर का 26वां WTA सिंगल्स खिताब है। वहीं यह उनका 12वां WTA 1000 खिताब भी है। इस जीत के साथ उन्होंने बड़े हार्ड-कोर्ट टूर्नामेंटों में अपनी उपलब्धियों का सिलसिला भी पूरा किया है।
मैच के बाद स्वियातेक ने अपनी रणनीति को लेकर कहा कि वह शुरुआत से शारीरिक रूप से मुकाबला खेलने और लगातार दबाव बनाए रखने पर ध्यान दे रही थीं। इस फाइनल में उनके खेल की यही बात साफ दिखाई भी दी। उन्होंने रायबकिना को लंबे समय तक अपनी ताकत के हिसाब से खेलने का मौका नहीं दिया। रायबकिना के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि टूर्नामेंट के पिछले दौर में उन्हें लगातार तीन सेट के मुकाबले खेलने पड़े थे और फाइनल तक पहुंचने में काफी समय कोर्ट पर बिताना पड़ा। फाइनल में उनकी सर्विस और बेसलाइन गेम वह असर नहीं दिखा पाया जो पूरे सप्ताह नजर आया था।
महिला डबल्स में भी फाइनल का फैसला हो गया। कतेरीना सिनियाकोवा और शुआई झांग की जोड़ी ने सारा एरानी और निकोल मेलिचार-मार्टिनेज की टीम को 6-3, 6-4 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस तरह टोरंटो में सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों के विजेता तय हो गए। सिंगल्स में स्वियातेक की जीत के साथ अब उनका ध्यान सीजन के अगले बड़े मुकाबलों पर रहेगा, जबकि रायबकिना को इस फाइनल के बाद अपनी तैयारियों में वापसी का रास्ता देखना होगा।
स्वियातेक ने जीता नेशनल बैंक ओपन, रायबकिना को दी मात
स्पोर्ट्स डेस्क
इगा स्वियातेक ने आखिरकार इस सीजन का खिताबी सूखा खत्म कर दिया। पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने गुरुवार को नेशनल बैंक ओपन के फाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त एलेना रायबकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराया। टोरंटो के हार्ड कोर्ट पर स्वियातेक शुरू से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए हुए थीं और रायबकिना को लय में आने का ज्यादा मौका नहीं दिया। यह 2026 में स्वियातेक का पहला WTA टूर खिताब है और करीब 11 महीने के इंतजार के बाद उन्हें कोई ट्रॉफी मिली है। इसके साथ ही उन्होंने रायबकिना के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड भी 7-3 कर लिया। इससे पहले इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में रायबकिना ने उन्हें हराया था। इस बार फाइनल में तस्वीर पूरी तरह अलग रही। स्वियातेक ने अपनी सर्विस पर नियंत्रण रखा और पूरे मैच में एक भी सर्विस गेम नहीं गंवाया।
पहले सेट में स्वियातेक ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। रायबकिना की सर्विस टूटते ही पोलिश खिलाड़ी ने स्कोरबोर्ड पर बढ़त बना ली और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। सिर्फ 29 मिनट में पहला सेट 6-2 से उनके नाम रहा। दूसरे सेट में रायबकिना ने शुरुआत में मुकाबला बराबरी पर रखने की कोशिश की और स्कोर 2-2 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद स्वियातेक ने फिर सर्विस ब्रेक हासिल कर लिया। वहां से उन्होंने अपनी सर्विस को संभाले रखा और लगातार दबाव बनाए रखा। रायबकिना के लिए परेशानी यह रही कि वे महत्वपूर्ण मौकों पर कई अनफोर्स्ड एरर कर बैठीं। स्वियातेक ने मौके का फायदा उठाया और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच खत्म कर दिया।
यह जीत स्वियातेक के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी भर नहीं है। 2026 सीजन उनके लिए अपेक्षा के मुताबिक नहीं रहा था और ग्रैंड स्लैम में भी उन्हें शुरुआती दौर में कई बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टोरंटो आने से पहले वह इस साल पहली बार किसी WTA फाइनल में पहुंची थीं। सेमीफाइनल में उन्होंने एलिना स्वितोलिना को 6-3, 1-6, 6-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। उसके बाद रायबकिना जैसी मजबूत खिलाड़ी के खिलाफ सीधे सेटों में जीत ने स्वियातेक को एक बड़ा आत्मविश्वास दिया है। रायबकिना खुद इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंची थीं और सेमीफाइनल में कोको गॉफ को 5-7, 6-2, 6-2 से हराया था। लेकिन फाइनल में लंबी रैलियों और बेसलाइन एक्सचेंज में स्वियातेक ने ज्यादा स्थिर खेल दिखाया।
टोरंटो की इस जीत के बाद स्वियातेक WTA रैंकिंग में फिर से टॉप-5 में लौटेंगी। वह दो स्थान की छलांग लगाकर पांचवें नंबर पर पहुंचेंगी, जबकि फाइनल हारने के बावजूद रायबकिना अपनी नंबर-2 रैंकिंग बरकरार रखेंगी। स्वियातेक के लिए यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि यह उनके करियर का 26वां WTA सिंगल्स खिताब है। वहीं यह उनका 12वां WTA 1000 खिताब भी है। इस जीत के साथ उन्होंने बड़े हार्ड-कोर्ट टूर्नामेंटों में अपनी उपलब्धियों का सिलसिला भी पूरा किया है।
मैच के बाद स्वियातेक ने अपनी रणनीति को लेकर कहा कि वह शुरुआत से शारीरिक रूप से मुकाबला खेलने और लगातार दबाव बनाए रखने पर ध्यान दे रही थीं। इस फाइनल में उनके खेल की यही बात साफ दिखाई भी दी। उन्होंने रायबकिना को लंबे समय तक अपनी ताकत के हिसाब से खेलने का मौका नहीं दिया। रायबकिना के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि टूर्नामेंट के पिछले दौर में उन्हें लगातार तीन सेट के मुकाबले खेलने पड़े थे और फाइनल तक पहुंचने में काफी समय कोर्ट पर बिताना पड़ा। फाइनल में उनकी सर्विस और बेसलाइन गेम वह असर नहीं दिखा पाया जो पूरे सप्ताह नजर आया था।
महिला डबल्स में भी फाइनल का फैसला हो गया। कतेरीना सिनियाकोवा और शुआई झांग की जोड़ी ने सारा एरानी और निकोल मेलिचार-मार्टिनेज की टीम को 6-3, 6-4 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस तरह टोरंटो में सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों के विजेता तय हो गए। सिंगल्स में स्वियातेक की जीत के साथ अब उनका ध्यान सीजन के अगले बड़े मुकाबलों पर रहेगा, जबकि रायबकिना को इस फाइनल के बाद अपनी तैयारियों में वापसी का रास्ता देखना होगा।
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