- Hindi News
- राशिफल
- पंचांग और ज्योतिष 4 सितंबर 2026: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दैनिक गाइड
पंचांग और ज्योतिष 4 सितंबर 2026: शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दैनिक गाइड
Digital Desk
4 सितंबर 2026 का पंचांग: देखें आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अपने सभी शुभ कार्यों के लिए दैनिक ज्योतिषीय दिशानिर्देश।
4 सितंबर 2026 का पंचांग खगोलीय स्थितियों का एक अनूठा संयोजन प्रस्तुत करता है, जो इस दिन को आध्यात्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए विशेष रूप से शुभ बनाता है।
तिथि एवं नक्षत्र विवरण
4 सितंबर 2026 को शुक्रवार (शुक्रवार) है, जो शुक्र ग्रह का दिन है। तिथि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी है, जो 5 सितंबर को तड़के 12:16 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। 27 नक्षत्रों में सबसे शुभ माना जाने वाला रोहिणी नक्षत्र रात 11:05 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा।
योग और करण
हर्षण योग दोपहर 3:44 बजे तक रहेगा, जिसके बाद वज्र योग शुरू होगा। करण बालव दोपहर 1:23 बजे तक रहेगा, इसके बाद कौलव करण लगेगा। यह संयोग सुबह के समय को किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए बेहद शुभ बनाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
नई दिल्ली के लिए सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त शाम 6:39 बजे होगा। चंद्रोदय रात 11:24 बजे और चंद्रास्त दोपहर 1:10 बजे होगा। चंद्रमा अपने घटते चरण (कृष्ण पक्ष) में 54% प्रकाशित रहेगा।
शुभ मुहूर्त
आज का सबसे शुभ समय 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर 11:55 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा। ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम 'ब्रह्म मुहूर्त' सुबह 4:25 बजे से 5:13 बजे तक रहेगा।
दिन के चौघड़िया मुहूर्त:
लाभ (शुभ): सुबह 7:35 बजे से 9:10 बजे तक
अमृत (शुभ): सुबह 9:10 बजे से 10:45 बजे तक
शुभ (शुभ): दोपहर 12:20 बजे से 1:55 बजे तक
राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल, जिसमें कोई भी नया या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए, सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। यात्रा के लिए इनauspicious 'यमगंड' दोपहर 3:30 बजे से शाम 5:05 बजे तक रहेगा। 'गुलिक काल' सुबह 7:35 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय के समय ग्रहीय स्थिति
सूर्योदय के समय ग्रहों का गोचर इस प्रकार है:
सूर्य: सिंह राशि में
चंद्रमा: वृषभ राशि में
मंगल: वृषभ राशि में
बुध: सिंह राशि में
गुरु: कर्क राशि में
शुक्र: मकर राशि में
शनि: मीन राशि में
आज क्या करें और क्या न करें
रोहिणी नक्षत्र विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार की शुरुआत और कृषि कार्यों के लिए बहुत उत्तम माना जाता है। आज मां दुर्गा, भैरव जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा। तिल का दान करना पुण्य फलदायी माना गया है। तामसिक भोजन, रात में अकेले घूमने और व्यर्थ के विवादों से बचें।
ज्योतिषीय महत्व
यह दिन कृष्ण जन्माष्टमी की दिव्य ऊर्जा से भरा हुआ है। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का यह दुर्लभ संयोग भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय जैसी परिस्थितियां निर्मित करता है। ज्योतिषी इस दिन का उपयोग ध्यान, पूजापाठ, दान और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों के लिए करने की सलाह देते हैं।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

