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22 अगस्त का पंचांग: शुक्ल पक्ष की दशमी आज, ज्येष्ठा नक्षत्र के साथ जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त
धर्म डेस्क
शनिवार को श्रावण शुक्ल दशमी तिथि रहेगी। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार सुबह ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा और दोपहर बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा
22 अगस्त 2026 को शनिवार के दिन श्रावण शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। नई दिल्ली की गणना के अनुसार दशमी तिथि रात करीब 2 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। यह जानकारी अलग-अलग पंचांग प्रणालियों में कुछ मिनट के अंतर के साथ मिल सकती है।
दिन के शुरुआती हिस्से में ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। नई दिल्ली के अनुसार यह नक्षत्र दोपहर करीब 2:49 बजे तक रहेगा और इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा दिन के दौरान वृश्चिक राशि में रहेगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
दिन: शनिवार
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्र: ज्येष्ठा, दोपहर 2:49 बजे तक; इसके बाद मूल
योग: विष्कंभ
करण: तैतिल, इसके बाद गर
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: सिंह
पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र और योग के समय स्थान के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
22 अगस्त को सूर्योदय करीब सुबह 5:54 बजे और सूर्यास्त करीब शाम 6:54 बजे होगा। दिन की कुल अवधि लगभग 13 घंटे रहेगी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सूर्योदय करीब 5:59 बजे और सूर्यास्त 6:47 बजे रहेगा। इससे स्पष्ट है कि पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय शहर के अनुसार अंतर आता है।
राहुकाल का समय
22 अगस्त को राहुकाल सुबह 9:09 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। परंपरागत पंचांग में इस अवधि को शुभ कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 5:54 से 7:31 बजे और यमगंड दोपहर 2:01 से 3:39 बजे तक रहेगा। राहुकाल लगभग इसी अवधि में रहेगा, हालांकि स्थानीय सूर्योदय के कारण समय में कुछ मिनट का अंतर होगा।
अभिजीत मुहूर्त
गणना में अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा। परंपरागत रूप से अभिजीत मुहूर्त को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ समय माना जाता है।
भोपाल के लिए यह समय करीब 11:57 बजे से 12:48 बजे तक बताया गया है।
ब्रह्म मुहूर्त
22 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त करीब सुबह 4:18 से 5:06 बजे तक रहने का उल्लेख है। धार्मिक परंपरा में इस समय को पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए विशेष माना जाता है।
दिन का चौघड़िया
नई दिल्ली के अनुसार सूर्योदय के बाद चौघड़िया क्रम में सुबह 7:31 से 9:09 बजे तक शुभ, दोपहर 2:01 से 3:39 बजे तक लाभ और 3:39 से 5:16 बजे तक अमृत अवधि आती है। इसके बीच रोग और उद्वेग जैसे चौघड़िया भी रहेंगे। चौघड़िया का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से यात्रा, खरीदारी, पूजा और दूसरे कामों के लिए समय चुनने में किया जाता है। हालांकि किसी विशेष कार्य के लिए व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दी जाती है।
शनिवार को क्या खास रहेगा?
22 अगस्त शनिवार है। इस दिन कई लोग शनिवार व्रत और शनि देव की पूजा करते हैं। पंचांग संबंधी स्रोतों में इस दिन शनिवार व्रत का उल्लेख मिलता है। ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर तक रहने के कारण दिन के पहले हिस्से की पंचांग स्थिति और दोपहर बाद मूल नक्षत्र की स्थिति अलग रहेगी। इसलिए किसी खास धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए स्थानीय समय देखकर मुहूर्त तय करना उचित रहेगा।
शहर के अनुसार क्यों बदलता है पंचांग?
पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग जैसी गणनाएं व्यापक रूप से समान रहती हैं, लेकिन सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, चौघड़िया और मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए 22 अगस्त को नई दिल्ली और भोपाल के सूर्योदय में लगभग पांच मिनट का अंतर है, इसलिए वहां राहुकाल और अन्य समय में भी कुछ मिनट का फर्क दिखाई देता है।
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