सोना-चांदी फिर महंगे, चांदी ₹2.44 लाख के पार पहुंची

Digital Desk

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21 अगस्त को चांदी में ₹6,623 की तेज उछाल, 24 कैरेट सोना भी ₹2,419 चढ़ा; अगस्त में दोनों धातुओं के दाम लगातार ऊपर

सर्राफा बाजार में शुक्रवार 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली। चांदी का भाव एक दिन में ₹6,623 बढ़कर करीब ₹2.44 लाख प्रति किलो पहुंच गया, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर ₹2,419 बढ़ी और यह करीब ₹1.60 लाख के स्तर पर आ गई। बाजार में लगातार हो रही इस तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ उन लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है, जो आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन के लिए सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। IBJA के भाव भारत के बुलियन बाजार के प्रमुख बेंचमार्क माने जाते हैं और इन दरों में GST तथा ज्वेलरी मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते।

अगस्त के दौरान कीमतों में तेजी का असर काफी साफ दिख रहा है। महीने के शुरुआती हफ्तों की तुलना में अब सोना काफी ऊपर कारोबार कर रहा है। चांदी में भी उतार-चढ़ाव के बीच तेज खरीदारी देखने को मिली है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों में 17 अगस्त को IBJA की 999 शुद्धता वाली चांदी की PM दर ₹2,35,642 प्रति किलो थी, जबकि 999 शुद्धता वाले सोने की PM दर ₹1,54,167 प्रति 10 ग्राम दर्ज हुई थी। इसके बाद बाजार में तेजी का सिलसिला और मजबूत हुआ है।

सोने की तेजी के पीछे घरेलू मांग के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियां भी अहम मानी जा रही हैं। हाल के कारोबार में वैश्विक स्तर पर सोने को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, डॉलर की चाल और दुनिया भर में जारी आर्थिक तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितता जैसी चीजें कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर देखते हैं। 20 अगस्त के बाजार अपडेट में भी सोने और चांदी दोनों में तेजी दर्ज की गई थी।

चांदी में इस समय तेजी कुछ ज्यादा तेज दिखाई दे रही है। औद्योगिक इस्तेमाल के कारण चांदी की मांग केवल आभूषण या निवेश तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल होता है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग और निवेश मांग में बदलाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है। पिछले कुछ महीनों में चांदी के भाव में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। IBJA के आंकड़ों में जून के दौरान भी चांदी कई बार ₹2.40 लाख प्रति किलो के आसपास रही थी, यानी बाजार में यह स्तर पहले भी देखने को मिला है।

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खरीदारों के लिए एक जरूरी बात यह है कि IBJA की कीमत और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाला अंतिम भाव एक जैसा नहीं होता। बुलियन की बेंचमार्क दर में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। आभूषण खरीदते समय डिजाइन, मेकिंग चार्ज, GST और कई मामलों में अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए अगर कोई ग्राहक 10 ग्राम सोने की आज की कीमत देखकर दुकान पर जाता है तो उसे अंतिम बिल इससे ज्यादा मिल सकता है। इसी तरह चांदी के सिक्के, बर्तन या ज्वेलरी का रिटेल भाव शुद्ध चांदी के थोक भाव से अलग हो सकता है।

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बाजार विशेषज्ञों के बीच अब आगे की चाल को लेकर भी चर्चा बढ़ गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत रहती है और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बनी रहती है तो घरेलू कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है। 20 अगस्त के एक बाजार विश्लेषण में सोने के ₹1.58 लाख के ऊपर टिकने के बाद ₹1.60 लाख से ₹1.605 लाख के अगले स्तर की संभावना बताई गई थी। अब कीमत उस क्षेत्र के करीब पहुंच चुकी है।

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इस साल के अंत तक सोने के ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान भी बाजार में लगाया जा रहा है। हालांकि यह किसी निश्चित भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं है। सोने और चांदी के भाव अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर, ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की खरीद, निवेश मांग और घरेलू खरीदारी जैसे कई कारकों से बदलते हैं। एक ही सप्ताह में कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए विशेषज्ञ आमतौर पर निवेश या खरीदारी का फैसला केवल एक दिन की तेजी देखकर लेने से बचने की सलाह देते हैं।

त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ घरेलू बाजार में सोने की मांग पर भी नजर रहेगी। भारत में शादी और त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। अगर उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार भी मजबूत रहता है तो घरेलू कीमतों पर दोहरा असर पड़ सकता है। दूसरी तरफ ऊंचे दाम मांग को कुछ समय के लिए धीमा भी कर सकते हैं। ज्वेलर्स और खरीदार दोनों फिलहाल बाजार की रोजाना चाल पर नजर रख रहे हैं। 21 अगस्त की तेजी ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि बुलियन बाजार में कीमतें कितनी तेजी से बदल सकती हैं।

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