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आज का पंचांग 02 अगस्त 2026: सावन रविवार पर शुभ योग, जानें तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
रविवार का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन माह में पड़ने वाला यह दिन भगवान शिव और सूर्य देव की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। जानिए आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के धार्मिक महत्व।
2 अगस्त 2026 का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करनी हो तो पंचांग के अनुसार शुभ समय का चयन करना बेहतर माना जाता है।
आज के दिन चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र का प्रभाव लोगों के दैनिक कार्यों पर भी पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज का पंचांग (02 अगस्त 2026)
- वार: रविवार
- तिथि: (स्थानीय समयानुसार प्रचलित तिथि)
- पक्ष: शुक्ल/कृष्ण पक्ष (क्षेत्रानुसार परिवर्तन संभव)
- मास: श्रावण मास
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- अयन: दक्षिणायन
- ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:50 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 6:58 बजे
(समय स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।)
आज का नक्षत्र
आज का नक्षत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। नक्षत्र के अनुसार पूजा-पाठ, दान-पुण्य और मांगलिक कार्यों का निर्णय लिया जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि शुभ नक्षत्र में किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देते हैं।
आज का योग
योग का प्रभाव व्यक्ति के कार्यों और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। यदि दिन में शुभ योग बन रहा हो तो नए कार्य, व्यापारिक निर्णय, निवेश और धार्मिक अनुष्ठान करना लाभकारी माना जाता है।
आज का करण
करण पंचांग का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह कार्यों की सफलता और शुभता का संकेत देता है। कई धार्मिक अनुष्ठानों और संस्कारों में करण का विशेष महत्व माना जाता है।
राहुकाल
राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, निवेश या अन्य मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण किसी भी समय किया जा सकता है।
अभिजीत मुहूर्त
यदि किसी कारणवश अलग से शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। इसे दिन का अत्यंत शुभ समय माना जाता है।
रविवार का धार्मिक महत्व
रविवार भगवान सूर्य को समर्पित दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करना, लाल फूल चढ़ाना और गुड़ या गेहूं का दान करना शुभ माना गया है।
जो लोग सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सेवा या नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में सफलता चाहते हैं, उनके लिए रविवार का व्रत और सूर्य उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इसके अलावा आदित्य हृदय स्तोत्र, गायत्री मंत्र और सूर्य मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।
आज क्या करें
- सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या फल का दान करें।
- परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लें।
- नए कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देखें।
किन बातों का रखें ध्यान
राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। क्रोध और विवाद से दूर रहें तथा सकारात्मक सोच बनाए रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संयमित व्यवहार और अच्छे कर्म ही शुभ फल प्रदान करते हैं।
पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण
भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल ज्योतिषीय गणना का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को व्यवस्थित करने का एक पारंपरिक आधार भी है। किसान खेती के कार्यों से लेकर व्यापारी नए कारोबार और परिवार मांगलिक कार्यक्रमों तक के लिए पंचांग का सहारा लेते हैं। आधुनिक समय में भी बड़ी संख्या में लोग अपने दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं ताकि शुभ समय का लाभ लिया जा सके।
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आज का पंचांग 02 अगस्त 2026: सावन रविवार पर शुभ योग, जानें तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
2 अगस्त 2026 का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करनी हो तो पंचांग के अनुसार शुभ समय का चयन करना बेहतर माना जाता है।
आज के दिन चंद्रमा की स्थिति और नक्षत्र का प्रभाव लोगों के दैनिक कार्यों पर भी पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुभ योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज का पंचांग (02 अगस्त 2026)
- वार: रविवार
- तिथि: (स्थानीय समयानुसार प्रचलित तिथि)
- पक्ष: शुक्ल/कृष्ण पक्ष (क्षेत्रानुसार परिवर्तन संभव)
- मास: श्रावण मास
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- अयन: दक्षिणायन
- ऋतु: वर्षा ऋतु
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:50 बजे
- सूर्यास्त: सायं लगभग 6:58 बजे
(समय स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।)
आज का नक्षत्र
आज का नक्षत्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। नक्षत्र के अनुसार पूजा-पाठ, दान-पुण्य और मांगलिक कार्यों का निर्णय लिया जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि शुभ नक्षत्र में किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देते हैं।
आज का योग
योग का प्रभाव व्यक्ति के कार्यों और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। यदि दिन में शुभ योग बन रहा हो तो नए कार्य, व्यापारिक निर्णय, निवेश और धार्मिक अनुष्ठान करना लाभकारी माना जाता है।
आज का करण
करण पंचांग का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह कार्यों की सफलता और शुभता का संकेत देता है। कई धार्मिक अनुष्ठानों और संस्कारों में करण का विशेष महत्व माना जाता है।
राहुकाल
राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, निवेश या अन्य मांगलिक कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण किसी भी समय किया जा सकता है।
अभिजीत मुहूर्त
यदि किसी कारणवश अलग से शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। इसे दिन का अत्यंत शुभ समय माना जाता है।
रविवार का धार्मिक महत्व
रविवार भगवान सूर्य को समर्पित दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करना, लाल फूल चढ़ाना और गुड़ या गेहूं का दान करना शुभ माना गया है।
जो लोग सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सेवा या नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में सफलता चाहते हैं, उनके लिए रविवार का व्रत और सूर्य उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। इसके अलावा आदित्य हृदय स्तोत्र, गायत्री मंत्र और सूर्य मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।
आज क्या करें
- सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या फल का दान करें।
- परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लें।
- नए कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त अवश्य देखें।
किन बातों का रखें ध्यान
राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। क्रोध और विवाद से दूर रहें तथा सकारात्मक सोच बनाए रखें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संयमित व्यवहार और अच्छे कर्म ही शुभ फल प्रदान करते हैं।
पंचांग क्यों है महत्वपूर्ण
भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल ज्योतिषीय गणना का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को व्यवस्थित करने का एक पारंपरिक आधार भी है। किसान खेती के कार्यों से लेकर व्यापारी नए कारोबार और परिवार मांगलिक कार्यक्रमों तक के लिए पंचांग का सहारा लेते हैं। आधुनिक समय में भी बड़ी संख्या में लोग अपने दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं ताकि शुभ समय का लाभ लिया जा सके।
