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लेट मैरिज ट्रेंड: करियर या चॉइस?
लाइफस्टाइल डेस्क
लेट मैरिज सिर्फ करियर का परिणाम नहीं, बल्कि एक जागरूक और स्वतंत्र निर्णय बन गया है। यह दिखाता है कि आज के युवा अपनी ज़िंदगी में सुकून, स्थिरता और समझदारी को महत्व देते हैं।
आज की युवा पीढ़ी के लिए शादी केवल समाजिक रिवाज़ नहीं रही। लेट मैरिज (Late Marriage) यानी 30 की उम्र के बाद शादी करना अब ट्रेंडबन गया है। इसका मुख्य कारण है करियर पर ध्यान, व्यक्तिगत आज़ादी और जीवन की प्राथमिकताओं में बदलाव।
क्या है वजह?
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करियर पर फोकस: आज के युवा अपने शिक्षा और करियर को प्राथमिकता देते हैं। नौकरी, बिज़नेस या स्टार्टअप में खुद को स्थापित करना उनके लिए पहले कदम है।
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आर्थिक स्वतंत्रता: शादी से पहले वित्तीय स्थिरता चाहना आम सोच बन गई है।
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व्यक्तिगत पसंद और आत्मनिर्भरता: समाजिक दबाव कम हो रहा है और लोग शादी को “चॉइस” मान रहे हैं, मजबूरी नहीं।
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समानता और समझदारी की तलाश: युवा साथी में भावनात्मक और मानसिक सामंजस्य चाहते हैं।
समाज में बदलता दृष्टिकोण
पहले 25–28 की उम्र तक शादी को आदर्श माना जाता था, लेकिन अब माता-पिता और परिवार धीरे-धीरे इस ट्रेंड को स्वीकार कर रहे हैं। सोशल मीडिया, सेलेब्रिटी लाइफ और वैश्विक सोच ने इसे लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
चुनौतियाँ
लेट मैरिज के साथ भी कुछ चुनौतियाँ जुड़ी हैं—जैसे जैविक कारण, परिवार का दबाव और कभी-कभी सामाजिक आलोचना। लेकिन युवा इसे व्यक्तिगत चुनाव और जीवन की प्राथमिकता मान रहे हैं।
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