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सिर्फ 10 मिनट की एक्सरसाइज से फिटनेस पर बड़ा असर, व्यस्त जीवनशैली में बढ़ा चलन
लाइफस्टाइल डेस्क
कम समय में स्वास्थ्य सुधार का आसान तरीका बना शॉर्ट वर्कआउट, डॉक्टरों ने नियमितता पर दिया जोर
तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तता के बीच अब कम समय में की जाने वाली एक्सरसाइज का चलन तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना केवल 10 मिनट का नियमित वर्कआउट भी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकता है। यही वजह है कि सीमित समय वाले लोग इस आसान और प्रभावी तरीके को तेजी से अपना रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों में लंबे कार्य घंटे और असंतुलित दिनचर्या के कारण लोगों के पास पारंपरिक व्यायाम या जिम के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता। ऐसे में छोटी अवधि की एक्सरसाइज एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरी है। यह न केवल शरीर को सक्रिय बनाए रखती है, बल्कि दिनभर की थकान को कम करने में भी मदद करती है।
इस तरह के वर्कआउट में आमतौर पर हल्की स्ट्रेचिंग, शरीर के वजन से होने वाले व्यायाम और सांस से जुड़े अभ्यास शामिल होते हैं। कम समय में पूरे शरीर पर असर डालने वाले ये अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ लचीलापन भी बढ़ाते हैं। खास बात यह है कि इसे किसी भी स्थान पर बिना उपकरण के आसानी से किया जा सकता है।
स्वास्थ्य से जुड़े जानकारों का मानना है कि नियमित रूप से किया गया छोटा वर्कआउट भी लंबे समय में बेहतर परिणाम देता है। इससे शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, काम करने की क्षमता में सुधार होता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। यही कारण है कि लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।
विश्लेषण के स्तर पर देखा जाए तो यह बदलाव केवल समय की कमी का परिणाम नहीं है, बल्कि लोगों की बदलती प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। अब फिट रहने के लिए लंबे समय के बजाय प्रभावी और नियमित अभ्यास को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि इस तरह के वर्कआउट के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त आराम को नजरअंदाज न किया जाए।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी प्रकार के व्यायाम की शुरुआत धीरे-धीरे करनी चाहिए। शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास को बढ़ाना सुरक्षित और अधिक लाभकारी होता है। अचानक अधिक दबाव डालने से चोट की संभावना बढ़ सकती है।
आने वाले समय में कम समय वाले इस तरह के फिटनेस रूटीन का चलन और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि लोगों की दिनचर्या लगातार व्यस्त होती जा रही है। ऐसे में कम समय में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय अधिक महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।
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सिर्फ 10 मिनट की एक्सरसाइज से फिटनेस पर बड़ा असर, व्यस्त जीवनशैली में बढ़ा चलन
लाइफस्टाइल डेस्क
तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ती व्यस्तता के बीच अब कम समय में की जाने वाली एक्सरसाइज का चलन तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना केवल 10 मिनट का नियमित वर्कआउट भी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डाल सकता है। यही वजह है कि सीमित समय वाले लोग इस आसान और प्रभावी तरीके को तेजी से अपना रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों में लंबे कार्य घंटे और असंतुलित दिनचर्या के कारण लोगों के पास पारंपरिक व्यायाम या जिम के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता। ऐसे में छोटी अवधि की एक्सरसाइज एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरी है। यह न केवल शरीर को सक्रिय बनाए रखती है, बल्कि दिनभर की थकान को कम करने में भी मदद करती है।
इस तरह के वर्कआउट में आमतौर पर हल्की स्ट्रेचिंग, शरीर के वजन से होने वाले व्यायाम और सांस से जुड़े अभ्यास शामिल होते हैं। कम समय में पूरे शरीर पर असर डालने वाले ये अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ लचीलापन भी बढ़ाते हैं। खास बात यह है कि इसे किसी भी स्थान पर बिना उपकरण के आसानी से किया जा सकता है।
स्वास्थ्य से जुड़े जानकारों का मानना है कि नियमित रूप से किया गया छोटा वर्कआउट भी लंबे समय में बेहतर परिणाम देता है। इससे शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, काम करने की क्षमता में सुधार होता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। यही कारण है कि लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं।
विश्लेषण के स्तर पर देखा जाए तो यह बदलाव केवल समय की कमी का परिणाम नहीं है, बल्कि लोगों की बदलती प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। अब फिट रहने के लिए लंबे समय के बजाय प्रभावी और नियमित अभ्यास को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। हालांकि, यह भी जरूरी है कि इस तरह के वर्कआउट के साथ संतुलित आहार और पर्याप्त आराम को नजरअंदाज न किया जाए।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी प्रकार के व्यायाम की शुरुआत धीरे-धीरे करनी चाहिए। शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास को बढ़ाना सुरक्षित और अधिक लाभकारी होता है। अचानक अधिक दबाव डालने से चोट की संभावना बढ़ सकती है।
आने वाले समय में कम समय वाले इस तरह के फिटनेस रूटीन का चलन और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि लोगों की दिनचर्या लगातार व्यस्त होती जा रही है। ऐसे में कम समय में स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय अधिक महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।
