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LPG Supply Update: केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया, बड़े उद्योगों को राहत
बिजनेस न्यूज
गैस संकट के बीच स्टील, ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता, अतिरिक्त सप्लाई के लिए नई शर्तें लागू
देश में जारी गैस सप्लाई दबाव के बीच केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के आवंटन में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कोटा 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है, जिससे उद्योगों और व्यावसायिक इकाइयों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और कई सेक्टरों को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा था। नए आदेश के तहत अतिरिक्त 20% LPG सप्लाई चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रम-प्रधान और आवश्यक उत्पादन से जुड़े उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक और डाइज जैसे सेक्टर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में उत्पादन बनाए रखने और रोजगार पर असर न पड़े, इसके लिए प्राथमिक आवंटन सुनिश्चित किया गया है। पहले चरण में होटल, रेस्टोरेंट और फूड सेक्टर को राहत दी गई थी, अब बड़े उद्योगों को भी इसमें शामिल किया गया है।
क्यों बढ़ाया गया LPG कोटा
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई में बाधा के कारण देश में LPG की उपलब्धता प्रभावित हुई थी। खासतौर पर मध्य-पूर्व क्षेत्र से आने वाली आपूर्ति में रुकावट के चलते दबाव बढ़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पहले सप्लाई में कटौती कर घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी थी। अब स्थिति में सुधार लाने के लिए कॉमर्शियल उपयोग के लिए कोटा बढ़ाया गया है।
अतिरिक्त सप्लाई के लिए शर्तें
सरकार ने अतिरिक्त 20% LPG का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं।
- उद्योगों को तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा
- पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना जरूरी होगा
इसका उद्देश्य उद्योगों को धीरे-धीरे LPG से PNG की ओर शिफ्ट करना है, जिससे भविष्य में सप्लाई दबाव कम हो सके।
हालांकि, जिन उद्योगों में विशेष हीटिंग प्रक्रियाएं हैं और जहां PNG का उपयोग संभव नहीं है, उन्हें इस शर्त से छूट दी गई है।
राज्यों के लिए निर्देश और मौजूदा स्थिति
केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुधार आधारित एलोकेशन को जल्द लागू करने को कहा है। अधिकांश राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि बाकी जगहों पर सीधे सिलेंडर सप्लाई की जा रही है।
देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है, जिसमें LPG का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ना जरूरी होगा। फिलहाल सरकार का यह कदम उद्योगों को राहत देने और उत्पादन गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।
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LPG Supply Update: केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया, बड़े उद्योगों को राहत
बिजनेस न्यूज
देश में जारी गैस सप्लाई दबाव के बीच केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के आवंटन में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने कोटा 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है, जिससे उद्योगों और व्यावसायिक इकाइयों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और कई सेक्टरों को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा था। नए आदेश के तहत अतिरिक्त 20% LPG सप्लाई चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि श्रम-प्रधान और आवश्यक उत्पादन से जुड़े उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक और डाइज जैसे सेक्टर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में उत्पादन बनाए रखने और रोजगार पर असर न पड़े, इसके लिए प्राथमिक आवंटन सुनिश्चित किया गया है। पहले चरण में होटल, रेस्टोरेंट और फूड सेक्टर को राहत दी गई थी, अब बड़े उद्योगों को भी इसमें शामिल किया गया है।
क्यों बढ़ाया गया LPG कोटा
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई में बाधा के कारण देश में LPG की उपलब्धता प्रभावित हुई थी। खासतौर पर मध्य-पूर्व क्षेत्र से आने वाली आपूर्ति में रुकावट के चलते दबाव बढ़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने पहले सप्लाई में कटौती कर घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी थी। अब स्थिति में सुधार लाने के लिए कॉमर्शियल उपयोग के लिए कोटा बढ़ाया गया है।
अतिरिक्त सप्लाई के लिए शर्तें
सरकार ने अतिरिक्त 20% LPG का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं।
- उद्योगों को तेल कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना होगा
- पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना जरूरी होगा
इसका उद्देश्य उद्योगों को धीरे-धीरे LPG से PNG की ओर शिफ्ट करना है, जिससे भविष्य में सप्लाई दबाव कम हो सके।
हालांकि, जिन उद्योगों में विशेष हीटिंग प्रक्रियाएं हैं और जहां PNG का उपयोग संभव नहीं है, उन्हें इस शर्त से छूट दी गई है।
राज्यों के लिए निर्देश और मौजूदा स्थिति
केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुधार आधारित एलोकेशन को जल्द लागू करने को कहा है। अधिकांश राज्यों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि बाकी जगहों पर सीधे सिलेंडर सप्लाई की जा रही है।
देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है, जिसमें LPG का महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण और वैकल्पिक ईंधन की ओर बढ़ना जरूरी होगा। फिलहाल सरकार का यह कदम उद्योगों को राहत देने और उत्पादन गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।
