पहनने वाली राखियों का बढ़ा ट्रेंड: 925 सिल्वर, Evil Eye और ब्रेसलेट डिजाइन युवाओं की पहली पसंद

लाइफ स्टाइल

On

रक्षाबंधन पर अब ऐसी राखियां पसंद की जा रही हैं जिन्हें त्योहार के बाद भी रोजाना एक्सेसरी की तरह पहना जा सके, पर्सनलाइज्ड चार्म और मिनिमल डिजाइन भी चर्चा में

रक्षाबंधन के त्योहार में राखी भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन समय के साथ इसके डिजाइन और इस्तेमाल का तरीका भी बदल रहा है। पारंपरिक मौली और रंग-बिरंगी धागे वाली राखियों के साथ अब 925 स्टर्लिंग सिल्वर, Evil Eye, मिनिमल चार्म और ब्रेसलेट स्टाइल राखियों की मांग देखने को मिल रही है। इन राखियों की खासियत यह है कि त्योहार के बाद भी भाई इन्हें रोजमर्रा के एक्सेसरी की तरह पहन सकते हैं।

925 स्टर्लिंग सिल्वर राखी बनी खास पसंद

सिल्वर राखियों में 925 स्टर्लिंग सिल्वर का इस्तेमाल खास तौर पर पसंद किया जा रहा है। इस तरह की राखियां साधारण धागे की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होती हैं और इन्हें बाद में ब्रेसलेट या कलाई की एक्सेसरी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें छोटे चार्म, अक्षर, धार्मिक प्रतीक या मिनिमल डिजाइन जोड़े जाते हैं। भाई की पसंद के अनुसार सिंपल सिल्वर बैंड से लेकर पर्सनलाइज्ड डिजाइन तक विकल्प मिल रहे हैं।

Evil Eye राखियों का भी क्रेज

Evil Eye यानी नजर सुरक्षा का प्रतीक अब राखियों के डिजाइन में भी दिखाई दे रहा है। नीले और सफेद रंग के पारंपरिक Evil Eye मोटिफ को सिल्वर, बीड्स या धागे के साथ जोड़ा जा रहा है। कई लोग इसे केवल फैशन एक्सेसरी के तौर पर पसंद करते हैं, जबकि कुछ परिवारों में इसे बुरी नजर से बचाने के पारंपरिक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यही वजह है कि Evil Eye डिजाइन युवा भाई-बहनों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है।

ब्रेसलेट जैसी राखी क्यों पसंद आ रही?

ब्रेसलेट स्टाइल राखियों की सबसे बड़ी खासियत उनका री-यूजेबल और रोजमर्रा में पहनने योग्य डिजाइन है। राखी बांधने के बाद इसे उतारकर संभालकर रखने के बजाय भाई इसे घड़ी या दूसरे ब्रेसलेट के साथ भी पहन सकते हैं। लेदर, सिल्वर चेन, बीड्स, स्टोन और मेटल चार्म से बने डिजाइन इस श्रेणी में शामिल हैं। कुछ राखियों में एडजस्टेबल लॉक या स्लाइडिंग सिस्टम भी दिया जाता है, जिससे इन्हें अलग-अलग कलाई के हिसाब से पहना जा सके।

Also Read:  अलमारी में कपड़े ठूंसकर रखने की आदत पड़ सकती है भारी, हवा की जगह न मिलने से बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

पर्सनलाइज्ड राखियों की मांग

इस ट्रेंड के साथ पर्सनलाइजेशन भी महत्वपूर्ण हो गया है। भाई का नाम, शुरुआती अक्षर, जन्म राशि, छोटा संदेश या कोई खास तारीख राखी के चार्म पर जोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। ऐसी राखियां खासतौर पर उन भाई-बहनों के बीच पसंद की जा रही हैं जो पारंपरिक रस्म को व्यक्तिगत यादगार के रूप में भी रखना चाहते हैं।

Also Read:  भारतीय घरों में बढ़ रहा ‘क्वाइट लग्जरी’ का क्रेज, खादी और लाल ईंटों से सजा रहे घर

मिनिमल डिजाइन पर युवाओं का जोर

आज के युवा बहुत ज्यादा चमकदार या भारी डिजाइन के बजाय ऐसे एक्सेसरी पसंद कर रहे हैं जिन्हें रोजाना की ड्रेस के साथ आसानी से पहना जा सके। इसी वजह से छोटे सिल्वर चार्म, काले या भूरे धागे, सिंगल बीड और पतली चेन वाली राखियां बाजार में जगह बना रही हैं। इनका डिजाइन ऑफिस, कॉलेज और कैजुअल कपड़ों के साथ भी आसानी से मैच किया जा सकता है।

Also Read:  भोपाल में आज के कार्यक्रम 27 अगस्त 2026: रक्षाबंधन की तैयारियां, सांस्कृतिक गतिविधियां और रंगमंच की हलचल

राखी के साथ गिफ्ट का नया कॉम्बिनेशन

वियरेबल राखियों ने रक्षाबंधन गिफ्टिंग का तरीका भी बदला है। अब बहनें सिर्फ राखी और मिठाई देने के बजाय राखी-ब्रेसलेट कॉम्बो, सिल्वर चार्म राखी या पर्सनलाइज्ड एक्सेसरी को गिफ्ट के रूप में चुन रही हैं। कुछ डिजाइन ऐसे भी हैं जिन्हें बाद में सामान्य ब्रेसलेट की तरह पहना जा सकता है। इससे राखी त्योहार खत्म होने के बाद भी याद के तौर पर इस्तेमाल में बनी रहती है।

पारंपरिक भावना के साथ आधुनिक फैशन

वियरेबल राखियों की लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि इनमें पारंपरिक रिश्ते और आधुनिक फैशन दोनों को जोड़ा जा रहा है। धागे और पूजा की रस्म के साथ सिल्वर, चार्म और ब्रेसलेट डिजाइन नई पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हैं। रक्षाबंधन के बाजार में इसलिए अब सिर्फ ‘कैसी राखी दिखती है’ नहीं, बल्कि ‘राखी त्योहार के बाद कितनी उपयोगी रहेगी’ यह भी खरीदारी का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

दैनिक जागरण से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

नवीनतम समाचार

भोपाल में 27 से 31 अगस्त तक खास आयोजन: नाटक, रक्षाबंधन और खेल सम्मान समारोह

अगस्त के अंतिम सप्ताह में शहर में रंगमंचीय प्रस्तुति, भाई-बहन का पर्व, खेल प्रतिभाओं का सम्मान और राखी मेले जैसे...
जागरण इवेन्ट 
भोपाल में 27 से 31 अगस्त तक खास आयोजन: नाटक, रक्षाबंधन और खेल सम्मान समारोह

27 अगस्त 2026 का करियर राशिफल: मेष और सिंह को मिल सकता है फायदा, इन राशियों को रहना होगा सतर्क

गुरुवार को नौकरी और कारोबार में कुछ राशियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं, जबकि कई जातकों को जल्दबाजी...
राशिफल 
27 अगस्त 2026 का करियर राशिफल: मेष और सिंह को मिल सकता है फायदा, इन राशियों को रहना होगा सतर्क

27 अगस्त 2026 का राशिफल: 5 राशियों के लिए दिन रहेगा खास, करियर और धन में मिल सकते हैं अच्छे अवसर

गुरुवार को मेष से मीन तक जानें आपका दिन कैसा रहेगा, किसे करियर में सफलता मिलेगी और किन राशियों को...
राशिफल 
27 अगस्त 2026 का राशिफल: 5 राशियों के लिए दिन रहेगा खास, करियर और धन में मिल सकते हैं अच्छे अवसर

रक्षाबंधन 2026: तारीख, शुभ मुहूर्त, पूर्णिमा तिथि, पूजा विधि और महत्व

अगस्त पूर्णिमा व्रत 27 अगस्त 2026 को है, पूर्णिमा तिथि समय, पूजा नियम, महत्व और 2026 का पूरा पूर्णिमा व्रत...
धर्म 
रक्षाबंधन 2026: तारीख, शुभ मुहूर्त, पूर्णिमा तिथि, पूजा विधि और महत्व

बिजनेस

महाराष्ट्र में 20 लाख स्कूली बच्चों की होगी आंखों की जांच, 1 लाख मुफ्त चश्मे बांटे जाएंगे महाराष्ट्र में 20 लाख स्कूली बच्चों की होगी आंखों की जांच, 1 लाख मुफ्त चश्मे बांटे जाएंगे
महाराष्ट्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं क्रीड़ा विभाग, वनसाइट एस्सिलोरलक्सोटिका फाउंडेशन और रत्ना निधि चैरिटेबल ट्रस्ट ने राज्य के सरकारी...
शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 200 अंक चढ़कर 77,900 के करीब, बैंकिंग-रियल्टी शेयरों में खरीदारी
मस्क का मेगा स्पेसपोर्ट प्लान: लुइसियाना में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेक्स
डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे फिसला, 95.74 पर पहुंचा; महंगे क्रूड और डॉलर की मांग का दबाव
चिप्स-सोडा पर लाल चेतावनी लेबल क्यों नहीं लगा? FSSAI और बड़ी कंपनियों के बीच क्या है विवाद