अभिनंदन वर्धमान की नई उड़ान, 22 साल बाद FLY91 से जुड़े

Digital Desk

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वीर चक्र विजेता पूर्व IAF ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अगस्त में FLY91 से पायलट के रूप में जुड़े। वह ATR 72-600 उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं।

वीर चक्र से सम्मानित पूर्व IAF ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना में करीब 22 साल की सेवा के बाद नागरिक उड्डयन में नई पारी शुरू की है। वह अगस्त में क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के रूप में जुड़े।

2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के बाद देशभर में चर्चित हुए पूर्व भारतीय वायुसेना अधिकारी ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब यात्री विमान उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। वीर चक्र से सम्मानित वर्धमान ने मार्च 2026 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति ली और इसके बाद अगस्त में गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़ गए।

रिपोर्टों के अनुसार, वर्धमान फिलहाल FLY91 के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। प्रशिक्षण और नियामकीय मंजूरियां पूरी होने के बाद वह एयरलाइन के ATR 72-600 विमान उड़ाते नजर आ सकते हैं। FLY91 ने भी उनके एयरलाइन से जुड़ने की पुष्टि की है, हालांकि उनके प्रशिक्षण और भविष्य के उड़ान कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

IAF से नागरिक उड्डयन तक

वर्धमान का नया करियर सैन्य लड़ाकू विमान से वाणिज्यिक यात्री विमान तक का बड़ा बदलाव है। भारतीय वायुसेना में करीब 22 साल बिताने के बाद उन्होंने 31 मार्च 2026 को सेवा छोड़ी। इसके कुछ महीनों बाद वह FLY91 में शामिल हुए।

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लड़ाकू विमान उड़ाने का उनका लंबा अनुभव निश्चित रूप से नई भूमिका में उपयोगी होगा, लेकिन सैन्य विमानन और नागरिक विमानन के संचालन नियम अलग होते हैं। इसलिए उन्हें ATR विमान के लिए विमान-विशिष्ट प्रशिक्षण, जांच और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

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एक बार सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी सैन्य मिशन के बजाय यात्रियों को सुरक्षित और निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने की होगी।

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2019 में मिली पहचान

अभिनंदन वर्धमान को अंतरराष्ट्रीय पहचान 27 फरवरी 2019 को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद मिली थी। यह घटना भारत की बालाकोट कार्रवाई के अगले दिन हुई थी।

भारतीय वायुसेना के अनुसार, वर्धमान ने हवाई मुकाबले में पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया। इस दौरान उनका MiG-21 Bison भी क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा।

वह पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरे और पाकिस्तानी सेना के कब्जे में आ गए। उनकी हिरासत दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के दौरान प्रमुख राजनयिक मुद्दा बन गई थी। पाकिस्तान ने उन्हें 1 मार्च 2019 को भारत को सौंप दिया।

वीर चक्र से सम्मानित

भारत लौटने के बाद वर्धमान को उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह भारत के प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कारों में से एक है।

उन्हें यह सम्मान 2019 के हवाई संघर्ष के दौरान प्रदर्शित साहस और कर्तव्य के लिए दिया गया था। वर्ष 2021 में उन्हें वीर चक्र प्रदान किया गया।

इस घटना के बाद अभिनंदन देश में सैन्य साहस और दृढ़ता के प्रतीक के रूप में पहचाने जाने लगे। उनकी पहचान उनके विशिष्ट अंदाज और मूंछों के कारण भी व्यापक रूप से चर्चा में रही।

IAF में जारी रहा सफर

2019 की घटना के बाद अभिनंदन ने वायुसेना से तत्काल विदाई नहीं ली। उन्होंने अपनी सैन्य सेवा जारी रखी और अधिकारी के रूप में आगे बढ़ते रहे।

वह बाद में ग्रुप कैप्टन के पद तक पहुंचे। मार्च 2026 में IAF छोड़ने के बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में ही अपनी अगली पारी शुरू करने का फैसला किया।

उनका यह फैसला सैन्य विमानन के लंबे अनुभव को नागरिक उड्डयन में इस्तेमाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

FLY91 का क्षेत्रीय विस्तार

गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में वाणिज्यिक उड़ानें शुरू की थीं। एयरलाइन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर ध्यान देती है और छोटे तथा मध्यम शहरों को जोड़ने के लिए ATR 72-600 जैसे टर्बोप्रॉप विमानों का इस्तेमाल करती है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, एयरलाइन के पास फिलहाल छह ATR 72-600 विमान हैं और इसके प्रमुख परिचालन केंद्रों में गोवा और हैदराबाद शामिल हैं।

FLY91 ऐसे समय में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है जब भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क और घरेलू विमान यात्रा की मांग बढ़ रही है। एयरलाइन ने अपने बेड़े के विस्तार की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं।

ATR उड़ाने की तैयारी

मिग-21 जैसे सुपरसोनिक लड़ाकू विमान से ATR 72-600 जैसे क्षेत्रीय यात्री विमान तक का सफर तकनीकी रूप से बड़ा बदलाव है।

वर्धमान को यात्री विमान के संचालन से पहले निर्धारित प्रशिक्षण, विमान-विशिष्ट प्रक्रियाओं और नियामकीय जांच से गुजरना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, वह फिलहाल गोवा-हैदराबाद मार्ग पर प्रशिक्षण ले रहे हैं। आवश्यक प्रशिक्षण और मंजूरियां पूरी होने के बाद उन्हें वाणिज्यिक उड़ानों के लिए तैनात किया जा सकता है।

FLY91 ने उनके साथ अपने संबंध की पुष्टि की है, लेकिन उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम या पहली यात्री उड़ान की तारीख पर विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

आसमान में दूसरी पारी

अभिनंदन वर्धमान का FLY91 से जुड़ना उनके विमानन करियर का नया अध्याय है। 2019 में जहां वह लड़ाकू मिशन के कारण सुर्खियों में आए थे, वहीं अब उनकी भूमिका नागरिक यात्रियों की सुरक्षित और सुगम हवाई यात्रा सुनिश्चित करने की होगी।

करीब 22 वर्षों की सैन्य सेवा और लड़ाकू विमान उड़ाने के अनुभव के बाद उनका नागरिक उड्डयन में प्रवेश भारतीय विमानन क्षेत्र में भी खास ध्यान आकर्षित कर रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि आवश्यक प्रशिक्षण और नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान पहली बार FLY91 के यात्री विमान के कॉकपिट से उड़ान कब भरते हैं।

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