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IAF Pilot Abhinandan Varthaman: विंग कमांडर से ग्रुप कैप्टन तक, अब निजी एयरलाइन में उड़ाएंगे विमान:IAF से लिया प्रीमैच्योर रिटायरमेंट
Digital Desk
2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के बाद देश-दुनिया में चर्चित हुए ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से प्रीमैच्योर रिटायरमेंट ले लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक वह अगस्त 2026 से गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़े हैं।
भारतीय वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलट और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने वायुसेना से विदाई ले ली है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने 31 मार्च 2026 को IAF से प्रीमैच्योर रिटायरमेंट लिया और इसके बाद अगस्त में निजी क्षेत्र की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से बतौर कमर्शियल पायलट जुड़ गए। करीब 22 साल तक वायुसेना में सेवा देने वाले अभिनंदन 2019 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।
2019 के हवाई संघर्ष से मिली पहचान
अभिनंदन वर्धमान फरवरी 2019 में तब सुर्खियों में आए, जब भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास हवाई संघर्ष हुआ था। उस समय वह विंग कमांडर के पद पर तैनात थे और MiG-21 Bison उड़ा रहे थे।
भारतीय आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस अभियान के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी विमान का सामना किया। बाद में उनका विमान भी निशाना बना और उन्हें इजेक्ट करना पड़ा। इसके बाद वह पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में उतरे और पाकिस्तानी बलों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
करीब 60 घंटे बाद उन्हें भारत वापस लाया गया। उनके साहस और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए उन्हें वीर चक्र, भारत के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार, से सम्मानित किया गया।
22 साल की सेवा के बाद नई पारी
अभिनंदन ने भारतीय वायुसेना में करीब 22 वर्ष सेवा की। दिसंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया था। अब उन्होंने सैन्य विमानन से कमर्शियल एविएशन की ओर रुख किया है।
रिपोर्टों के मुताबिक वह अगस्त 2026 में FLY91 से जुड़े। यह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में परिचालन शुरू किया था। कंपनी फिलहाल ATR 72-600 विमानों के साथ गोवा और हैदराबाद से संचालन करती है। FLY91 के प्रवक्ता ने उनके रोजगार से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
IAF छोड़ने की वजह क्या है?
अभिनंदन के वायुसेना छोड़ने के पीछे किसी विशेष कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्टों में इसे वरिष्ठ स्तर पर पहुंचने के बाद सैन्य पायलटों के करियर में आने वाले स्वाभाविक बदलाव से जोड़ा गया है। द ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से बताया कि वरिष्ठ रैंक पर उड़ान संबंधी जिम्मेदारियां घट सकती हैं और प्रशासनिक भूमिकाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए उनके फैसले को किसी विवाद या एक निश्चित व्यक्तिगत कारण से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा।
अब कमर्शियल पायलट की भूमिका
IAF में लड़ाकू विमान उड़ाने वाले अभिनंदन अब नागरिक विमानन क्षेत्र में यात्रियों को लेकर उड़ान भरेंगे। उनका यह करियर ट्रांजिशन इसलिए भी खास है क्योंकि सैन्य विमानन और कमर्शियल एविएशन दोनों में उच्च स्तर की उड़ान दक्षता और अनुशासन की जरूरत होती है।
हालांकि, उनकी नई भूमिका के बारे में उपलब्ध जानकारी सीमित है और FLY91 ने उनके व्यक्तिगत रोजगार विवरण पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। इसलिए उनकी ड्यूटी, रूट या वेतन से जुड़ी अटकलों को तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
2019 के बाद बने साहस के प्रतीक
अभिनंदन वर्धमान का नाम 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष से जुड़ी सबसे चर्चित घटनाओं में रहा। उनकी गिरफ्तारी और बाद में भारत वापसी ने उन्हें देश में व्यापक पहचान दिलाई। वीर चक्र से सम्मानित होने के बाद उनका सैन्य करियर आगे बढ़ा और 2021 में वह ग्रुप कैप्टन बने।
अब करीब दो दशक से ज्यादा समय तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद उनका कमर्शियल एविएशन में प्रवेश उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत है।
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