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जर्मनी में AfD की बड़ी जीत, CDU समर्थन से सरकार बनाने की कोशिश
Digital Desk
जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट में AfD ने 83 में से 39 सीटें जीतीं और सरकार बनाने के लिए CDU या BSW के समर्थन की तलाश शुरू की, जिससे राजनीतिक फायरवॉल पर नया दबाव बढ़ गया।
जर्मनी के पूर्वी राज्य सैक्सोनी-आनहाल्ट में दक्षिणपंथी पार्टी Alternative for Germany (AfD) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पार्टी ने 83 सदस्यीय राज्य विधानसभा में 39 सीटें हासिल कीं, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 42 सीटों की पूर्ण बहुमत संख्या से तीन सीट दूर रह गई। अब AfD के सामने सबसे बड़ी चुनौती सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की है।
AfD को मिला रिकॉर्ड जनादेश
सैक्सोनी-आनहाल्ट के चुनाव में AfD को 43.8 प्रतिशत वोट मिले। यह 2021 के मुकाबले पार्टी के समर्थन में भारी बढ़ोतरी है। वहीं चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की Christian Democratic Union (CDU) को केवल 17.2 प्रतिशत वोट मिले और वह 15 सीटों पर सिमट गई।
AfD के शीर्ष उम्मीदवार उलरिख सीगमंड ने परिणाम को सरकार बनाने का जनादेश बताया है। हालांकि, अकेले सरकार बनाने के लिए पार्टी के पास पर्याप्त सीटें नहीं हैं। राज्य विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 42 है।
CDU सांसदों पर टिकी नजर
ऐतिहासिक जीत के बाद AfD ने CDU के असंतुष्ट नेताओं और विधायकों से समर्थन की अपील तेज कर दी है। AfD के सह-अध्यक्ष टीनो क्रुपाला ने सभी दलों से बातचीत करने और समझौते की संभावनाएं तलाशने की बात कही है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि CDU के किसी विधायक के AfD के साथ औपचारिक रूप से जाने या समर्थन देने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए CDU के भीतर संभावित बगावत या दलबदल की बातें फिलहाल राजनीतिक दावों और अटकलों तक सीमित हैं।
AfD के लिए CDU का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर CDU लंबे समय से AfD के साथ सहयोग से इनकार करता रहा है।
Merz के लिए बढ़ा दबाव
सैक्सोनी-आनहाल्ट का परिणाम चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और CDU के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पार्टी का वोट प्रतिशत लगभग आधा रह गया और वह AfD से काफी पीछे चली गई।
चुनाव परिणाम के बाद CDU के सामने अपनी रणनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। खास तौर पर AfD के खिलाफ लागू राजनीतिक “firewall” अब पहले से ज्यादा दबाव में है।
इस नीति के तहत CDU समेत मुख्यधारा की जर्मन पार्टियां AfD के साथ गठबंधन या औपचारिक राजनीतिक सहयोग से बचती रही हैं। राज्य में CDU के नेता स्वेन शुल्जे ने भी AfD के साथ सहयोग से इनकार किया है।
Firewall की फिर परीक्षा
AfD की 39 सीटों ने जर्मनी की राजनीतिक व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पार्टी पहली बार किसी जर्मन राज्य में सरकार बनाने के बेहद करीब पहुंची है।
सैक्सोनी-आनहाल्ट में AfD की राज्य इकाई को जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी ने दक्षिणपंथी चरमपंथी संगठन के रूप में वर्गीकृत किया है। AfD इस वर्गीकरण को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताती है।
मुख्यधारा के दलों द्वारा सहयोग से इनकार के बावजूद AfD का चुनावी प्रदर्शन यह दिखाता है कि पूर्वी जर्मनी में पार्टी का आधार तेजी से मजबूत हुआ है।
BSW बन सकता है किंगमेकर
सरकार गठन की प्रक्रिया में Sahra Wagenknecht Alliance (BSW) की भूमिका अहम हो सकती है। BSW ने पांच सीटें हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया है और मौजूदा गणित में वह AfD के लिए संभावित सहयोगी या कम से कम महत्वपूर्ण समर्थन स्रोत बन सकता है।
Reuters के अनुसार BSW और AfD के बीच आव्रजन, राजनीतिक प्रतिष्ठान तथा यूक्रेन नीति जैसे कुछ मुद्दों पर समानताएं हैं, हालांकि दोनों दलों की व्यापक राजनीतिक विचारधारा अलग है। BSW के नेताओं ने AfD के साथ बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है।
ऐसे में BSW सरकार गठन की बातचीत में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। हालांकि AfD और BSW के बीच किसी औपचारिक गठबंधन पर अभी सहमति नहीं हुई है।
बदला जर्मनी का राजनीतिक समीकरण
चुनाव परिणाम ने जर्मनी की स्थापित पार्टियों के लिए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। AfD की 43.8 प्रतिशत वोट हिस्सेदारी राज्य में उसकी अब तक की सबसे बड़ी चुनावी सफलता है।
दूसरी ओर CDU के कमजोर प्रदर्शन ने चांसलर मर्ज की राष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति पर भी दबाव बढ़ाया है। आर्थिक समस्याएं, प्रवासन और संघीय सरकार के प्रदर्शन को लेकर असंतोष ने AfD को पूर्वी जर्मनी में लाभ पहुंचाया है।
चुनाव में मतदान प्रतिशत भी बढ़कर 77.8 प्रतिशत रहा, जो पिछले चुनाव के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि है। इससे संकेत मिलता है कि मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी भी काफी बढ़ी।
अब सरकार कैसे बनेगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उलरिख सीगमंड 42 विधायकों का समर्थन कैसे जुटाएंगे। AfD के पास 39 सीटें हैं और उसे बहुमत के लिए तीन अतिरिक्त सीटों की जरूरत है।
CDU ने अब तक AfD के साथ सहयोग से इनकार किया है। ऐसे में BSW के पांच विधायक सरकार गठन की बातचीत में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि AfD नेतृत्व ने संकेत दिया है कि वह ऐसी सरकार चाहता है जिसमें उसकी मुख्य नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
यदि AfD सैक्सोनी-आनहाल्ट में सरकार बनाने में सफल रहती है, तो यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में दक्षिणपंथी राजनीति के लिए एक बड़ा मोड़ होगा। इससे न केवल राज्य की राजनीति बदलेगी, बल्कि पूरे जर्मनी में AfD के साथ सहयोग और “firewall” की नीति पर बहस और तेज हो सकती है।
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