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ईरानी हमले में अमेरिकी बोइंग E-3 विमान तबाह, कुवैत में भारतीय नागरिक की मौत
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया; कुवैत में बिजली-पानी के प्लांट पर हमले से एक भारतीय नागरिक की जान गई; क्षेत्रीय तनाव बढ़ा।
ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर कई अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचाया। इस हमले में अमेरिका का महत्वपूर्ण बोइंग E-3 सेंट्री विमान, जिसे एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) के रूप में प्रयोग किया जाता है, पूरी तरह तबाह हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास केवल 16 ऐसे विमान हैं और इसकी अनुमानित कीमत 700 मिलियन डॉलर है।
ईरान ने इस हमले में कुल 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 29 ड्रोन दागे। हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें 5 की स्थिति गंभीर और 2 की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
साथ ही, कुवैत में रविवार को बिजली और पानी के प्लांट पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हुई। कुवैत के मंत्रालय ने बताया कि एक सर्विस बिल्डिंग, बिजली उत्पादन और पानी के डीसैलेनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने कहा कि आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
ईरान ने रविवार को दक्षिणी इजराइल के रमत होवाव इंडस्ट्रियल क्षेत्र में भी मिसाइल हमला किया। इस हमले में एक केमिकल प्लांट को नुकसान पहुंचा और आग फैल गई। इस इलाके में खतरनाक रसायन मौजूद होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
इस क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में USS त्रिपोली जहाज भेजकर सैनिकों को तैनात किया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान का तेल लेना उनकी प्राथमिकता है और अमेरिका के पास खार्ग द्वीप पर कब्जे सहित कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं करता, तो देश पर विनाशकारी असर हो सकता है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने इस संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
इस हमले और तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में असर दिखा। जापान का निक्केई 225 शेयर बाजार लगभग 4.94 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी दबाव में रहा।
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ईरानी हमले में अमेरिकी बोइंग E-3 विमान तबाह, कुवैत में भारतीय नागरिक की मौत
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर कई अमेरिकी विमानों को नुकसान पहुंचाया। इस हमले में अमेरिका का महत्वपूर्ण बोइंग E-3 सेंट्री विमान, जिसे एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) के रूप में प्रयोग किया जाता है, पूरी तरह तबाह हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के पास केवल 16 ऐसे विमान हैं और इसकी अनुमानित कीमत 700 मिलियन डॉलर है।
ईरान ने इस हमले में कुल 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 29 ड्रोन दागे। हमले में 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें 5 की स्थिति गंभीर और 2 की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
साथ ही, कुवैत में रविवार को बिजली और पानी के प्लांट पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हुई। कुवैत के मंत्रालय ने बताया कि एक सर्विस बिल्डिंग, बिजली उत्पादन और पानी के डीसैलेनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने कहा कि आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
ईरान ने रविवार को दक्षिणी इजराइल के रमत होवाव इंडस्ट्रियल क्षेत्र में भी मिसाइल हमला किया। इस हमले में एक केमिकल प्लांट को नुकसान पहुंचा और आग फैल गई। इस इलाके में खतरनाक रसायन मौजूद होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
इस क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में USS त्रिपोली जहाज भेजकर सैनिकों को तैनात किया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान का तेल लेना उनकी प्राथमिकता है और अमेरिका के पास खार्ग द्वीप पर कब्जे सहित कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं करता, तो देश पर विनाशकारी असर हो सकता है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने इस संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत कराने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
इस हमले और तनाव के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में असर दिखा। जापान का निक्केई 225 शेयर बाजार लगभग 4.94 प्रतिशत गिर गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी दबाव में रहा।
