टेलीग्राम बैन के बीच NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार

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राजस्थान के भीलवाड़ा से छात्र हिरासत में, अमेरिकी VPN के जरिए चला रहा था चैनल; दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर रोक जारी रखने को सही ठहराया

NEET री-एग्जाम से पहले पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्र बेचने की कोशिशों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परीक्षा सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है। टेलीग्राम पर प्रतिबंध के बावजूद एक छात्र कथित तौर पर NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमेरिकी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी VPN का इस्तेमाल कर टेलीग्राम चला रहा था और उसके चैनल का नाम "पेपर माफिया" रखा गया था।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छात्र की पहचान आकाश चौधरी के रूप में हुई है। वह भीलवाड़ा के पटेल नगर क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके पास कोई वास्तविक पेपर था या वह केवल छात्रों से पैसे ऐंठने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहा था।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक के खिलाफ दाखिल याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि सरकार के पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत ऐसे कदम उठाने का अधिकार है। न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान यदि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की आशंका हो तो सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी माना कि मामले की समीक्षा संबंधित समिति द्वारा की गई थी और सरकार का फैसला बिना विचार के नहीं लिया गया। हालांकि सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि कुछ लोगों की गतिविधियों की वजह से करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव डालना कितना उचित है। इसके बावजूद अदालत ने फिलहाल सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। री-NEET परीक्षा को लेकर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त कर दी गई है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। भारतीय वायुसेना भी इस अभियान का हिस्सा बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार पिछले चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानों के माध्यम से प्रश्नपत्रों को देश के 20 से ज्यादा स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रश्नपत्रों को हाई-टेक डिजिटल लॉक और रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग वाले विशेष कंटेनरों में रखा गया है।

बताया जा रहा है कि इन बॉक्सों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट पहुंच जाएगा। इसके लिए चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में छात्रों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन बनाए जा रहे हैं जहां पेयजल, ओआरएस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मध्यप्रदेश में रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा ताकि छात्र समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।

तेलंगाना सरकार ने भी परीक्षार्थियों के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। वहीं मुंबई में लोकल ट्रेनों का पूरा शेड्यूल जारी रहेगा और परीक्षा के दिन किसी भी प्रमुख रूट पर मेगा ब्लॉक नहीं लगाया जाएगा। रेलवे और परिवहन विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ परीक्षा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। VPN जैसी तकनीकों के जरिए लोग कई बार प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना लेते हैं। हालांकि VPN का उपयोग अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाए तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसी परीक्षा के आधार पर देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके भविष्य का फैसला इसी परीक्षा के परिणामों पर निर्भर करता है।

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19 Jun 2026 By Vaishnavi.J

टेलीग्राम बैन के बीच NEET का फर्जी पेपर बेचने वाला गिरफ्तार

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NEET री-एग्जाम से पहले पेपर लीक और फर्जी प्रश्नपत्र बेचने की कोशिशों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच राजस्थान के भीलवाड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परीक्षा सुरक्षा को लेकर चल रही चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है। टेलीग्राम पर प्रतिबंध के बावजूद एक छात्र कथित तौर पर NEET का फर्जी पेपर बेचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमेरिकी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी VPN का इस्तेमाल कर टेलीग्राम चला रहा था और उसके चैनल का नाम "पेपर माफिया" रखा गया था।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छात्र की पहचान आकाश चौधरी के रूप में हुई है। वह भीलवाड़ा के पटेल नगर क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए छात्रों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके पास कोई वास्तविक पेपर था या वह केवल छात्रों से पैसे ऐंठने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहा था।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी टेलीग्राम को बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाई गई अस्थायी रोक के खिलाफ दाखिल याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि सरकार के पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत ऐसे कदम उठाने का अधिकार है। न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान यदि किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की आशंका हो तो सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी माना कि मामले की समीक्षा संबंधित समिति द्वारा की गई थी और सरकार का फैसला बिना विचार के नहीं लिया गया। हालांकि सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि कुछ लोगों की गतिविधियों की वजह से करोड़ों उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव डालना कितना उचित है। इसके बावजूद अदालत ने फिलहाल सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। री-NEET परीक्षा को लेकर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त कर दी गई है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। भारतीय वायुसेना भी इस अभियान का हिस्सा बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार पिछले चार दिनों में 200 से अधिक उड़ानों के माध्यम से प्रश्नपत्रों को देश के 20 से ज्यादा स्थानों तक पहुंचाया गया है। प्रश्नपत्रों को हाई-टेक डिजिटल लॉक और रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग वाले विशेष कंटेनरों में रखा गया है।

बताया जा रहा है कि इन बॉक्सों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट पहुंच जाएगा। इसके लिए चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राज्यों ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। दिल्ली में छात्रों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन बनाए जा रहे हैं जहां पेयजल, ओआरएस और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। मध्यप्रदेश में रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा ताकि छात्र समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।

तेलंगाना सरकार ने भी परीक्षार्थियों के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। वहीं मुंबई में लोकल ट्रेनों का पूरा शेड्यूल जारी रहेगा और परीक्षा के दिन किसी भी प्रमुख रूट पर मेगा ब्लॉक नहीं लगाया जाएगा। रेलवे और परिवहन विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन छात्रों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ परीक्षा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। VPN जैसी तकनीकों के जरिए लोग कई बार प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंच बना लेते हैं। हालांकि VPN का उपयोग अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, लेकिन यदि इसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाए तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसी परीक्षा के आधार पर देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष और नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और उनके भविष्य का फैसला इसी परीक्षा के परिणामों पर निर्भर करता है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/amidst-telegram-ban-seller-of-fake-neet-paper-arrested/article-56409

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