सेंसेक्स में हल्की गिरावट, IT और मीडिया शेयर दबाव में

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निफ्टी भी फिसला, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर

आज यानी 18 जून को घरेलू शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिली और कारोबार के दौरान बाजार सीमित दायरे में ही घूमता नजर आया। सुबह की शुरुआत से ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल था और इसका असर सीधे इंडेक्स पर दिखा। सेंसेक्स करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता रहा, जबकि निफ्टी भी लगभग 20 अंक टूटकर 24,050 के स्तर पर आ गया। पूरे सत्र में बाजार में बड़ी हलचल नहीं दिखी लेकिन IT और मीडिया सेक्टर में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे कुल मिलाकर सेंटीमेंट कमजोर रहा। कारोबार के दौरान देखा गया कि शुरुआती मिनटों में बाजार स्थिर था लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासकर टेक और मीडिया कंपनियों के शेयरों में दबाव ज्यादा रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेज़ी के बाद निवेशक अब थोड़ा मुनाफा निकाल रहे हैं, जिससे इंडेक्स पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता भी बाजार को ऊपर जाने से रोक रही है। कई ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि फिलहाल बाजार में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार पर असर डाला है। पिछले कुछ दिनों से FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है। बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,530 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन यह सपोर्ट उतना मजबूत नहीं है कि पूरे बाजार को ऊपर खींच सके। यही कारण है कि बाजार बार-बार ऊपर जाने की कोशिश करता है लेकिन फिर सीमित दायरे में लौट आता है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ ऊपर रहा और इसमें करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। लेकिन दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और इसमें करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि एशियाई बाजारों में भी निवेशकों की धारणा एक जैसी नहीं है और अलग-अलग संकेतों के चलते अस्थिरता बनी हुई है।

अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए थे। इसका असर आज भारतीय बाजार पर भी दिखा क्योंकि ग्लोबल निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। घरेलू स्तर पर देखें तो पिछले कारोबारी दिन यानी 17 जून को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 347 अंक की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 97 अंक चढ़कर 24,086 पर पहुंचा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार उस तेजी को कायम नहीं रख सका और हल्की गिरावट में आ गया। यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड नहीं बना पा रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों के रुख, ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। अगर FII की बिकवाली कम होती है और वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है तो बाजार फिर से ऊपर की ओर जा सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है और किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। 18 जून का दिन शेयर बाजार के लिए हल्की सुस्ती और सावधानी भरा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली गिरावट दर्ज हुई और सेक्टोरल दबाव खासकर IT और मीडिया में देखने को मिला। 

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18 Jun 2026 By Vaishnavi.J

सेंसेक्स में हल्की गिरावट, IT और मीडिया शेयर दबाव में

बिजनेस डेस्क

आज यानी 18 जून को घरेलू शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिली और कारोबार के दौरान बाजार सीमित दायरे में ही घूमता नजर आया। सुबह की शुरुआत से ही निवेशकों में सतर्कता का माहौल था और इसका असर सीधे इंडेक्स पर दिखा। सेंसेक्स करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 77,100 के आसपास कारोबार करता रहा, जबकि निफ्टी भी लगभग 20 अंक टूटकर 24,050 के स्तर पर आ गया। पूरे सत्र में बाजार में बड़ी हलचल नहीं दिखी लेकिन IT और मीडिया सेक्टर में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे कुल मिलाकर सेंटीमेंट कमजोर रहा। कारोबार के दौरान देखा गया कि शुरुआती मिनटों में बाजार स्थिर था लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। खासकर टेक और मीडिया कंपनियों के शेयरों में दबाव ज्यादा रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में तेज़ी के बाद निवेशक अब थोड़ा मुनाफा निकाल रहे हैं, जिससे इंडेक्स पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता भी बाजार को ऊपर जाने से रोक रही है। कई ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि फिलहाल बाजार में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने भी बाजार पर असर डाला है। पिछले कुछ दिनों से FIIs लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है। बीते 7 दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,530 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन यह सपोर्ट उतना मजबूत नहीं है कि पूरे बाजार को ऊपर खींच सके। यही कारण है कि बाजार बार-बार ऊपर जाने की कोशिश करता है लेकिन फिर सीमित दायरे में लौट आता है। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स मजबूती के साथ ऊपर रहा और इसमें करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। लेकिन दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स दबाव में रहा और इसमें करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि एशियाई बाजारों में भी निवेशकों की धारणा एक जैसी नहीं है और अलग-अलग संकेतों के चलते अस्थिरता बनी हुई है।

अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 तीनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए थे। इसका असर आज भारतीय बाजार पर भी दिखा क्योंकि ग्लोबल निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यही वजह है कि दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। घरेलू स्तर पर देखें तो पिछले कारोबारी दिन यानी 17 जून को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 347 अंक की बढ़त के साथ 77,156 पर बंद हुआ था और निफ्टी भी 97 अंक चढ़कर 24,086 पर पहुंचा था। लेकिन एक दिन बाद ही बाजार उस तेजी को कायम नहीं रख सका और हल्की गिरावट में आ गया। यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल किसी एक दिशा में मजबूत ट्रेंड नहीं बना पा रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक विदेशी निवेशकों के रुख, ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। अगर FII की बिकवाली कम होती है और वैश्विक बाजारों में स्थिरता आती है तो बाजार फिर से ऊपर की ओर जा सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि बाजार एक सीमित दायरे में फंसा हुआ है और किसी बड़े ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। 18 जून का दिन शेयर बाजार के लिए हल्की सुस्ती और सावधानी भरा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली गिरावट दर्ज हुई और सेक्टोरल दबाव खासकर IT और मीडिया में देखने को मिला। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/slight-fall-in-sensex-and-media-shares-under-pressure/article-56249

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