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अंबानी की Jio का IPO जल्द, 4 अरब डॉलर की लिस्टिंग की तैयारी
बिजनेस डेस्क
रिलायंस जियो इन्फोकॉम के ड्राफ्ट पेपर जल्द दाखिल होने की संभावना, भारत के सबसे बड़े IPO में से एक बनने की उम्मीद
भारत की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम जल्द ही अपने बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह IPO लगभग 4 अरब डॉलर का हो सकता है और इसे अगले कुछ दिनों में पेश किया जा सकता है। यह कदम भारतीय शेयर बाजार के लिए एक यह प्रस्तावित लिस्टिंग मुकेश अंबानी की सालाना शेयरधारक बैठक से पहले भी सामने आ सकती है, जो जल्द ही आयोजित होने वाली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के भीतर जियो की यह लिस्टिंग कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल कंपनी का मूल्यांकन बढ़ेगा बल्कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में भी नई हलचल देखने को मिलेगी।
मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष संकेत दिया था कि जियो को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, इस समयसीमा में कुछ देरी देखने को मिली है, जिसका कारण वैश्विक बाजार की कमजोर स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। खासकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। भारत में IPO बाजार ने वर्ष 2026 में काफी धीमी रफ्तार देखी है। निवेशकों की सावधानी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कई बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग टल गई है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भारतीय IPO बाजार का कुल मूल्य लगभग 39 प्रतिशत घटकर 198 अरब रुपये (करीब 2.1 अरब डॉलर) रह गया है।
इस दौरान कई बड़े प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। वॉलमार्ट समर्थित फोनपे जैसे बड़े नामों की लिस्टिंग भी बाजार की अस्थिरता के चलते टाल दी गई है। इससे साफ है कि मौजूदा समय में निवेशकों का रुझान काफी सतर्क बना हुआ है और कंपनियां सही समय का इंतजार कर रही हैं। रिलायंस जियो का IPO भारतीय पूंजी बाजार में एक बड़ा इवेंट माना जा रहा है। जियो ने पिछले कुछ वर्षों में देश के टेलीकॉम सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं और अपने सस्ते डेटा और डिजिटल सेवाओं के जरिए करोड़ों ग्राहकों को जोड़ा है। यही वजह है कि इसका सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए काफी आकर्षक माना जा रहा है।
अगर यह IPO सफल रहता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक हो सकता है। इससे न केवल कंपनी को बड़ा फंड मिलेगा बल्कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। हालांकि बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों के बीच कुछ सतर्कता भी बनी हुई है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ब्याज दरों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक इस लिस्टिंग के समय और मूल्यांकन पर असर डाल सकते हैं।फिर भी जियो की मजबूत बाजार स्थिति, विशाल ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं में बढ़ती पकड़ इसे निवेशकों के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है। यही कारण है कि इस IPO को भारतीय बाजार में साल का सबसे चर्चित इवेंट माना जा रहा है।
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अंबानी की Jio का IPO जल्द, 4 अरब डॉलर की लिस्टिंग की तैयारी
बिजनेस डेस्क
भारत की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम जल्द ही अपने बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह IPO लगभग 4 अरब डॉलर का हो सकता है और इसे अगले कुछ दिनों में पेश किया जा सकता है। यह कदम भारतीय शेयर बाजार के लिए एक यह प्रस्तावित लिस्टिंग मुकेश अंबानी की सालाना शेयरधारक बैठक से पहले भी सामने आ सकती है, जो जल्द ही आयोजित होने वाली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के भीतर जियो की यह लिस्टिंग कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल कंपनी का मूल्यांकन बढ़ेगा बल्कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में भी नई हलचल देखने को मिलेगी।
मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष संकेत दिया था कि जियो को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, इस समयसीमा में कुछ देरी देखने को मिली है, जिसका कारण वैश्विक बाजार की कमजोर स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। खासकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। भारत में IPO बाजार ने वर्ष 2026 में काफी धीमी रफ्तार देखी है। निवेशकों की सावधानी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कई बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग टल गई है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भारतीय IPO बाजार का कुल मूल्य लगभग 39 प्रतिशत घटकर 198 अरब रुपये (करीब 2.1 अरब डॉलर) रह गया है।
इस दौरान कई बड़े प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। वॉलमार्ट समर्थित फोनपे जैसे बड़े नामों की लिस्टिंग भी बाजार की अस्थिरता के चलते टाल दी गई है। इससे साफ है कि मौजूदा समय में निवेशकों का रुझान काफी सतर्क बना हुआ है और कंपनियां सही समय का इंतजार कर रही हैं। रिलायंस जियो का IPO भारतीय पूंजी बाजार में एक बड़ा इवेंट माना जा रहा है। जियो ने पिछले कुछ वर्षों में देश के टेलीकॉम सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं और अपने सस्ते डेटा और डिजिटल सेवाओं के जरिए करोड़ों ग्राहकों को जोड़ा है। यही वजह है कि इसका सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए काफी आकर्षक माना जा रहा है।
अगर यह IPO सफल रहता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में सबसे बड़े प्रस्तावों में से एक हो सकता है। इससे न केवल कंपनी को बड़ा फंड मिलेगा बल्कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी। हालांकि बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों के बीच कुछ सतर्कता भी बनी हुई है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ब्याज दरों में बदलाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक इस लिस्टिंग के समय और मूल्यांकन पर असर डाल सकते हैं।फिर भी जियो की मजबूत बाजार स्थिति, विशाल ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं में बढ़ती पकड़ इसे निवेशकों के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है। यही कारण है कि इस IPO को भारतीय बाजार में साल का सबसे चर्चित इवेंट माना जा रहा है।
