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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप
Digital Desk
परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका पर टीईटी-2026 स्थगित, बिहार और हरियाणा के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी जांच शुरू
महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है
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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक में बिहार कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ में था सौदे का आरोप
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महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 परीक्षा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई। प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के दो और हरियाणा के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी कथित तौर पर दिल्ली से प्रश्नपत्र का सेट लेकर ठाणे पहुंचे थे और इसे करीब डेढ़ करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी थी। पुलिस का दावा है कि यह एक अंतर-राज्यीय सिंडिकेट का मामला है, जिसकी जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन पहले से सतर्क था। इसके बावजूद टीईटी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना ने पूरे शिक्षा तंत्र को हिला दिया। पुलिस और परीक्षा परिषद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के आकाश कुमार और राजीव साह तथा हरियाणा के धीरज कुमार के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक बड़े गिरोह के जरिए किया जा रहा था, जिसका कथित सरगना भी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक रूप से किसी अन्य आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों के पास से चार प्रश्नपत्र, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नकदी बरामद की गई। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया तो शुरुआती जांच में वे असली पाए गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
प्रश्नपत्र की पुष्टि होते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया। परिषद के अनुसार यह परीक्षा राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी कर चुके थे और कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की योजना बना चुके थे। परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को निराशा का सामना करना पड़ा, हालांकि परिषद का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए। एसआईटी का नेतृत्व ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त पंजाबराव उगले करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे और पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते से भी चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक करने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा परिषद से बाहर कैसे पहुंचा। इसके लिए प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और वितरण से जुड़े सभी चरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे और प्रश्नपत्र किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच शुरुआती चरण में है और कई राज्यों में टीमों को भेजा गया है। विभिन्न डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में अन्य राज्यों या व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है क्योंकि शुरुआती जानकारी के अनुसार प्रश्नपत्र का कथित सौदा करीब डेढ़ करोड़ रुपये में होना था। टीईटी परीक्षा स्थगित होने के बाद अब राज्य परीक्षा परिषद नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी। परिषद ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी से बचें। शिक्षा विभाग का कहना है कि नई तिथि तय होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को समय रहते जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है
