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बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
भारत
खराब मौसम के बीच कोलाघाट में उतारा गया हेलिकॉप्टर, केशपुर के लिए सड़क से रवाना हुए मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर को मंगलवार को खराब मौसम के चलते कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। अधिकारी कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना था। उड़ान के दौरान मौसम बिगड़ने के बाद पायलट ने एहतियात के तौर पर हेलिकॉप्टर को कोलाघाट में उतारने का फैसला किया। लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से केशपुर के लिए रवाना हो गए। अधिकारियों के मुताबिक घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया और मुख्यमंत्री के आगे के कार्यक्रम को सड़क के रास्ते जारी रखा गया।
शुरुआती जानकारी में खराब मौसम को इमरजेंसी लैंडिंग की वजह बताया जा रहा है। कोलाघाट पूर्व मेदिनीपुर जिले में आता है और केशपुर की ओर जाने वाले रास्ते में पड़ता है। ऐसे में हेलिकॉप्टर की उड़ान को आगे जारी रखने के बजाय सड़क मार्ग से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना गया। मुख्यमंत्री के काफिले के लिए भी रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था की गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री की यात्रा का कार्यक्रम बदला, लेकिन केशपुर में होने वाला उनका कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए रहे। रिपोर्ट के अनुसार हेलिकॉप्टर ने दमदम से उड़ान भरी थी और पश्चिम मेदिनीपुर की ओर बढ़ते समय मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रही। इसी दौरान कोलाघाट में हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई।
कोलाघाट में हेलिकॉप्टर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सड़क मार्ग से केशपुर के लिए रवाना किया गया। वह जिस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, उसका संबंध स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देने से है। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से तैयारियां की गई थीं और मुख्यमंत्री के पहुंचने का कार्यक्रम तय था। मौसम खराब होने के कारण हवाई यात्रा में रुकावट आई, लेकिन सड़क से सफर जारी रखा गया। अधिकारियों की तरफ से अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी थी। उपलब्ध रिपोर्टों में मौसम को ही लैंडिंग की प्रमुख वजह बताया गया है। इस तरह की स्थिति में पायलट आम तौर पर सुरक्षित जगह पर हेलिकॉप्टर उतारने का फैसला लेते हैं, खासकर जब आगे के रास्ते में मौसम साफ नहीं हो।
कोलाघाट में उतरने के बाद मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से आगे बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में भी हलचल बढ़ी। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने सड़क यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम किए और काफिले को आगे रवाना किया। पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान कई इलाकों में बारिश, बादल और कम दृश्यता के कारण हवाई यातायात प्रभावित होता रहा है। मंगलवार को भी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मौसम खराब बताया गया। ऐसे में मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर को बीच रास्ते में उतारने का फैसला एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय था और सड़क यात्रा के जरिए उसे जारी रखने की कोशिश की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारी केशपुर पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।
हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाले सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सड़क मार्ग के रूट की जानकारी दी गई। कोलाघाट से केशपुर तक का सफर सड़क से पूरा किया जाना था, इसलिए काफिले की आवाजाही के हिसाब से व्यवस्था की गई। घटना के दौरान हेलिकॉप्टर में कितने लोग सवार थे, इस संबंध में शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। खराब मौसम के कारण उड़ान रोकने का फैसला यात्रा की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं और वीआईपी उड़ानों को मौसम की वजह से लैंडिंग या रूट बदलने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। इस मामले में भी हेलिकॉप्टर को कोलाघाट में सुरक्षित उतारने के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा का माध्यम बदल दिया। केशपुर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की स्मृति से जुड़ा है। खुदीराम बोस का नाम बंगाल के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में खास तौर पर लिया जाता है और उनके बलिदान से जुड़े कार्यक्रमों में राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल होते रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई थीं। हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के बाद कार्यक्रम में बदलाव की स्थिति बनी, लेकिन अधिकारी सड़क से वहां जाने के लिए रवाना हो गए। मौसम के साफ होने या हेलिकॉप्टर की आगे की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मुख्यमंत्री की सड़क यात्रा और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर नजर रख रही हैं।
बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग
भारत
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर को मंगलवार को खराब मौसम के चलते कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। अधिकारी कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना था। उड़ान के दौरान मौसम बिगड़ने के बाद पायलट ने एहतियात के तौर पर हेलिकॉप्टर को कोलाघाट में उतारने का फैसला किया। लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से केशपुर के लिए रवाना हो गए। अधिकारियों के मुताबिक घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया और मुख्यमंत्री के आगे के कार्यक्रम को सड़क के रास्ते जारी रखा गया।
शुरुआती जानकारी में खराब मौसम को इमरजेंसी लैंडिंग की वजह बताया जा रहा है। कोलाघाट पूर्व मेदिनीपुर जिले में आता है और केशपुर की ओर जाने वाले रास्ते में पड़ता है। ऐसे में हेलिकॉप्टर की उड़ान को आगे जारी रखने के बजाय सड़क मार्ग से यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना गया। मुख्यमंत्री के काफिले के लिए भी रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था की गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री की यात्रा का कार्यक्रम बदला, लेकिन केशपुर में होने वाला उनका कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए रहे। रिपोर्ट के अनुसार हेलिकॉप्टर ने दमदम से उड़ान भरी थी और पश्चिम मेदिनीपुर की ओर बढ़ते समय मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रही। इसी दौरान कोलाघाट में हेलिकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई।
कोलाघाट में हेलिकॉप्टर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सड़क मार्ग से केशपुर के लिए रवाना किया गया। वह जिस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, उसका संबंध स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देने से है। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से तैयारियां की गई थीं और मुख्यमंत्री के पहुंचने का कार्यक्रम तय था। मौसम खराब होने के कारण हवाई यात्रा में रुकावट आई, लेकिन सड़क से सफर जारी रखा गया। अधिकारियों की तरफ से अभी तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी थी। उपलब्ध रिपोर्टों में मौसम को ही लैंडिंग की प्रमुख वजह बताया गया है। इस तरह की स्थिति में पायलट आम तौर पर सुरक्षित जगह पर हेलिकॉप्टर उतारने का फैसला लेते हैं, खासकर जब आगे के रास्ते में मौसम साफ नहीं हो।
कोलाघाट में उतरने के बाद मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से आगे बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में भी हलचल बढ़ी। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने सड़क यात्रा के लिए जरूरी इंतजाम किए और काफिले को आगे रवाना किया। पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान कई इलाकों में बारिश, बादल और कम दृश्यता के कारण हवाई यातायात प्रभावित होता रहा है। मंगलवार को भी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मौसम खराब बताया गया। ऐसे में मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर को बीच रास्ते में उतारने का फैसला एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय था और सड़क यात्रा के जरिए उसे जारी रखने की कोशिश की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारी केशपुर पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।
हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ाई गई। मुख्यमंत्री के साथ चलने वाले सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सड़क मार्ग के रूट की जानकारी दी गई। कोलाघाट से केशपुर तक का सफर सड़क से पूरा किया जाना था, इसलिए काफिले की आवाजाही के हिसाब से व्यवस्था की गई। घटना के दौरान हेलिकॉप्टर में कितने लोग सवार थे, इस संबंध में शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारी सामने आई है, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। खराब मौसम के कारण उड़ान रोकने का फैसला यात्रा की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया।
इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं और वीआईपी उड़ानों को मौसम की वजह से लैंडिंग या रूट बदलने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। इस मामले में भी हेलिकॉप्टर को कोलाघाट में सुरक्षित उतारने के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा का माध्यम बदल दिया। केशपुर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की स्मृति से जुड़ा है। खुदीराम बोस का नाम बंगाल के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में खास तौर पर लिया जाता है और उनके बलिदान से जुड़े कार्यक्रमों में राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल होते रहे हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई थीं। हेलिकॉप्टर की लैंडिंग के बाद कार्यक्रम में बदलाव की स्थिति बनी, लेकिन अधिकारी सड़क से वहां जाने के लिए रवाना हो गए। मौसम के साफ होने या हेलिकॉप्टर की आगे की स्थिति को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मुख्यमंत्री की सड़क यात्रा और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर नजर रख रही हैं।
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