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दो हफ्तों में 42,500 लोगों तक पहुँची गुरु-कृपा: जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की विशाल सेवा-परंपरा
Digital Desk
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रेरणा से, जगद्गुरु कृपालु परिषत् (JKP) द्वारा 8 से 24 नवंबर 2025 तक ब्रज क्षेत्र में एक भव्य सेवा अभियान चलाया गया, जिसमें 42,500 महात्माओं, निराश्रित माताओं और बच्चों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
युग के पंचम मूल जगद्गुरु, श्री कृपालु जी महाराज द्वारा स्थापित JKP वर्षों से समाज के वंचित वर्गों के लिए लगातार दान-सेवा करता आ रहा है। इसी श्रेणी में ब्रजधाम में हाल ही में यह व्यापक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
JKP की अध्यक्षाएँ डॉ. श्यामा त्रिपाठी और डॉ. कृष्णा त्रिपाठी, अपनी गुरु-परंपरा और बड़ी बहन डॉ. विशाखा त्रिपाठी के पदचिह्नों पर चलते हुए, प्रेम मंदिर (वृंदावन), रंगीली महल (बरसाना) और श्री कृपालु धाम (मंगढ़) में बड़े स्तर पर सेवा कार्य में संलग्न रहीं।
जगद्गुरु कृपालु जी की प्रेरणा
डॉ. श्यामा त्रिपाठी ने कहा,
“जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने बताया कि मनुष्य एक दिव्य आत्मा और एक भौतिक शरीर का संगम है। उन्होंने आध्यात्मिक ग्रंथों की रचना की, प्रवचन दिए और अनेक मंदिरों का निर्माण कराया, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी लाभान्वित हो सकें। गरीबों के लिए उनका हृदय अत्यंत संवेदनशील था, इसी कारण उन्होंने वर्षभर चलने वाले कई कल्याणकारी प्रकल्प शुरू किए।”
डॉ. कृष्णा त्रिपाठी ने कहा,
“हम केवल निमित्त हैं। गुरुदेव की कृपा से ही यह सारे कार्यक्रम सफल हो पाते हैं। ब्रज में हो रही हर सेवा उन्हीं के आशीर्वाद का परिणाम है।”
मुख्य कार्यक्रम और लाभार्थी
9,000 छात्र — 8 व 9 नवंबर, श्री कृपालु धाम
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2,000 बच्चों को जैकेट, कंबल, साइकिलें और पुरस्कार
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7,000 बच्चों को सर्दी की सामग्री
बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
8,500 ग्रामीण — 13 नवंबर, श्री कृपालु धाम
डॉ. विशाखा त्रिपाठी की प्रथम पुण्यतिथि पर विशाल वितरण कार्यक्रम।
गर्म कंबल और शॉल पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और कृतज्ञता झलक उठी।
5,000 साधु एवं ब्रजवासी — 17 नवंबर, वृंदावन
प्रेम मंदिर में साधुओं को वस्त्र, कंबल, धोती-कुर्ता, तौलिए, मच्छरदानी आदि से भरे 5,000 बैग वितरित किए गए।
साधु राधेश्याम दास ने कहा,
“हम 14 वर्षों से इस दिव्य सेवा का लाभ ले रहे हैं। ऐसी कृपा केवल दिव्य आत्माओं में ही मिलती है।”
वितरण के दौरान कई साधु “राधे-राधे” और “जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की जय” के जयकारों पर नृत्य करते दिखाई दिए।
4,000 निराश्रित माताएँ — 18 नवंबर, वृंदावन
4,000 विधवा माताओं को स्वेटर, टोपी, कंबल, मच्छरदानी, छाता और रसोई सामग्री दी गई।
उनकी आँखों में दिखाई देता विश्वास और सम्मान इस सेवा की महत्ता को दर्शाता था।
3,000 साधु — 20 नवंबर, बरसाना
राधारानी की जन्मभूमि बरसाना में 3,000 साधुओं को सर्दियों का सामान वितरित किया गया।
2,000 निराश्रित माताएँ — 21 नवंबर, बरसाना
कमला जी, एक लाभार्थी ने भावुक होकर कहा:
“जिनका कोई नहीं होता, उनका भगवान होता है। कृपालु बाबा हमारे भगवान हैं। इनकी दया के बिना सर्दी काटना मुश्किल हो जाता।”
6,000 छात्र — 22 नवंबर, बरसाना
कीर्ति मंदिर परिसर में छात्रों को जैकेट, कंबल, मोजे, टोपी आदि प्रदान किए गए।
5,000 छात्र — 24 नवंबर, वृंदावन
बच्चों को गर्म कपड़े दिए गए, और वे उत्साह से अपने नए जैकेट एक-दूसरे को दिखाते नज़र आए।
जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की अनुकंपा से आयोजित यह दो-सप्ताह का सेवा अभियान ब्रज में आशा, संवेदना और मानवता का अद्वितीय उदाहरण बन गया।

