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मन की बात 137वां एपिसोड: पीएम मोदी ने भारतराज्य वेबसाइट की सराहना की, 'नशा मुक्त युवा' अभियान को लेकर जन आंदोलन बनाने की अपील की
भारत
प्रधानमंत्री ने कृष्णा शेषाद्री की इतिहास आधारित वेबसाइट का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक से इतिहास को रोचक बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, छात्रों और कंटेंट क्रिएटर्स से Drug-Free India के लिए आगे आने को कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 अगस्त को ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए नागरिक प्रयासों और सामाजिक पहलों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में उन्होंने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री द्वारा तैयार की गई BharatRajya वेबसाइट को खास तौर पर सामने रखा, जो अलग-अलग वर्षों में भारत के विभिन्न हिस्सों पर शासन करने वाले राजाओं और साम्राज्यों की जानकारी को इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, वेबसाइट पर किसी वर्ष का चयन करने पर यह समझने में मदद मिलती है कि उस समय भारत के किस हिस्से में किसका शासन था। उन्होंने शेषाद्री से फोन पर बातचीत भी की और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए इस पहल की उपयोगिता पर चर्चा की।
इंजीनियर से इतिहास को डिजिटल तरीके से पेश करने तक
कृष्णा शेषाद्री ने प्रधानमंत्री से बातचीत में बताया कि वह इंजीनियर रहे हैं, इसके बाद उन्होंने MBA किया और मार्केटिंग के क्षेत्र में काम किया। हालांकि, बचपन से ही इतिहास में उनकी रुचि रही और इसी रुचि ने उन्हें इतिहास को तकनीक के जरिए अधिक रोचक ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। BharatRajya में लोगों को वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी में correction और suggestions देने की सुविधा भी दी गई है। शेषाद्री ने बताया कि यूजर्स से इतिहास से जुड़े तथ्यों में सुधार और नए फीचर्स को लेकर सुझाव मिलते हैं, जिनकी उपलब्ध स्रोतों के आधार पर जांच की जाती है। प्रधानमंत्री ने इस पहल को इसलिए भी महत्वपूर्ण बताया कि इतिहास केवल विद्यार्थियों तक सीमित विषय न रहकर आम लोगों के लिए भी रोचक तरीके से उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने शेषाद्री के प्रयास की सराहना की।
‘नशा मुक्त युवा, नशा मुक्त भारत’ पर PM का जोर
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य स्पष्ट है—नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत। उनके मुताबिक बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, इस प्रयास से जुड़ रहे हैं। मोदी ने कहा कि नशे की लत का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद करने वालों की सराहना की।
संगीत और थिएटर से भी नशामुक्ति का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नशामुक्ति अभियान में अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। उन्होंने युवा संगीतकारों से नशामुक्त जीवन का संदेश देने वाले गीत बनाने और छात्रों तथा थिएटर समूहों से नशे के नुकसान और उससे बाहर निकलने के रास्तों पर छोटे नाटक तैयार करने का आह्वान किया। कंटेंट क्रिएटर्स से भी उन्होंने अलग-अलग भारतीय भाषाओं में उपयोगी सामग्री तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार रचनात्मक प्रयास किसी औपचारिक अभियान से ज्यादा प्रभावी साबित हो सकते हैं।
अभियान को सोशल मीडिया पर #NashaMuktYuva के साथ साझा करने की अपील भी की गई।
8 करोड़ से ज्यादा Tiranga selfies का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अगस्त में देशभर में दिखाई दिए देशभक्ति के माहौल का भी उल्लेख किया। उन्होंने हर घर तिरंगा अभियान के तहत 8 करोड़ से ज्यादा तिरंगा सेल्फी अपलोड होने की जानकारी दी। उन्होंने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ पहल का भी जिक्र किया, जिसके तहत फिजी के सुवा से लेकर एशिया, अफ्रीका और यूरोप होते हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक भारतीय मिशनों और पोस्टों पर अलग-अलग समय पर तिरंगा फहराया गया।
PM SVANidhi से महिला स्ट्रीट वेंडर्स को मदद
मोदी ने PM SVANidhi योजना के जरिए महिला स्ट्रीट वेंडर्स को मिल रही आर्थिक मदद का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हैं। उन्होंने गाजियाबाद की बबिता शर्मा का उदाहरण दिया, जिन्होंने पूजा सामग्री के छोटे स्टॉल से कारोबार शुरू किया और योजना से मिली वित्तीय सहायता का इस्तेमाल व्यवसाय बढ़ाने में किया। बेंगलुरु की टी.एस. निंगम्मा का भी उल्लेख हुआ, जिन्होंने अपने इडली-दोसा कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए योजना की मदद ली।
स्वच्छता अभियान में अमरनाथ यात्रा का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने ‘क्लीन-अप पटवाई’ समूह की ओर से गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई का उदाहरण दिया। अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता प्रयासों का जिक्र करते हुए मोदी ने बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा एकत्र कर उसका निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि 16,000 से ज्यादा यात्रियों ने स्वच्छता की शपथ ली और 10,000 से ज्यादा यात्रियों को ‘Responsible Yatri’ प्रमाणपत्र दिए गए।
मिशन ShaktiSAT में 108 देशों की छात्राएं
प्रधानमंत्री ने Mission ShaktiSAT का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस पहल में 108 देशों की 12,000 छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने 23 अगस्त को ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत का भी जिक्र किया, जहां भारत और दूसरे देशों से छात्राएं जुटीं।
नागालैंड की फूलों की खेती से ओडिशा की वन संरक्षण पहल तक
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो का उदाहरण दिया, जिन्होंने फूलों के प्रति अपने शौक को व्यवसाय में बदला। उन्होंने ग्लैडियोलस की खेती से शुरुआत की और बाद में अपने फूलों को स्थानीय बाजार से बाहर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक पहुंचाया। ओडिशा के देब्रीगढ़ क्षेत्र में मैथिली भुइयां और अन्य महिलाओं की वन संरक्षण से जुड़ी पहल का भी उल्लेख हुआ। प्रधानमंत्री के अनुसार, 60 से ज्यादा महिलाएं जंगल और इको-टूरिज्म से जुड़े कामों में भागीदारी कर रही हैं।
किसानों के लिए एवोकाडो बना नई कमाई का विकल्प
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के किसानों का उदाहरण देते हुए एवोकाडो की खेती का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कुछ किसान पारंपरिक फसलों के साथ एवोकाडो को अतिरिक्त आय के विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आंध्र प्रदेश के कडपा के किसान वरदराज ने एवोकाडो की खेती शुरू करने के बाद उत्पादन को स्थानीय बाजारों तक पहुंचाया। तमिलनाडु के कोडाइकनाल और कर्नाटक के चिकमगलूर में भी किसानों द्वारा इसकी खेती किए जाने का जिक्र प्रधानमंत्री ने किया।
उत्तम कुमार की जन्मशती का भी जिक्र
प्रधानमंत्री ने महानायक उत्तम कुमार की जन्मशती का उल्लेख करते हुए उनके अभिनय और जीवन संघर्ष को याद किया। 3 सितंबर को उनकी जन्मशती मनाई जाएगी। मोदी ने कहा कि शुरुआती फिल्मों के सफल न होने के बावजूद उत्तम कुमार ने अपने काम पर ध्यान बनाए रखा और बाद में भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई। आगामी जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ‘Vocal for Local’ पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से त्योहारों के दौरान सामान खरीदते समय यह देखने की अपील की कि वह भारत में निर्मित है या नहीं।
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